बीमारी के कारण अवकाश के लिये प्राचार्य महोदय को प्रार्थना पत्र

   पढ़ाई में सब कुछ करना पड़ता है, जब सरकारी विद्यालय में पढ़ते थे तब हमारे विषय में यह भी था कि प्राचार्य महोदय को बीमारी का कारण अवकाश के लिये पत्र लिखो। हम वाकई तभी पत्र लिखना सीखे थे और लगता था कि संप्रेषण का कितना अच्छा माध्यम है, पर कभी यह समझ नहीं आता था कि हमारे प्राचार्य या आचार्य को कैसे पता चलेगा कि वाकई हमने बीमार होने के कारण ही अवकाश लिया है।

   प्राचार्य महोदय की भी इसमें जरूर कोई तकनीक होती होगी, या तो वे किसी अन्य सहपाठी से पूछते होंगे या फिर खुद ही पता लगाते होंगे, क्योंकि उस समय हमसे कभी भी चिकित्सक का प्रमाण पत्र लाने को नहीं कहा जाता था शायद उस समय प्राचार्य महोदय को पता होता होगा कि उनका छात्र उनसे झूठ नहीं बोल सकता है, और अगर लगता भी था तो वे छात्र से ही सवाल जबाव करके अपनी जिज्ञासा शांत कर लेते थे, मसलन कि कितना बुखार आ गया था, कौन से चिकित्सक को दिखाया था, कब दिखाया था, साथ में लेकर कौन गया था इत्यादि ।

   कई बार तो कोई साथी ही जिसको कि हमने बता दिया हो कि हम बीमार नहीं हुए तो वह जाकर प्राचार्य महोदय को जाकर चुगली कर देता था, और फिर प्राचार्य महोदय उसी बीमारी का कारण वाले अवकाश के पत्र के साथ खबर जमकर लेते थे।

   हम प्राचार्य महोदय को अवकाश के लिये इस प्रकार पत्र लिखते थे और हमेशा निम्न प्रश्न हमारे प्रश्नपत्र में जरूर आ भी जाता था।

बीमारी के कारण अवकाश के लिये प्राचार्य महोदय को प्रार्थना पत्र लिखो।

सेवा में,

प्राचार्य महोदय,

सरस्वती शिशु मन्दिर,

धार

विषय – बीमारी के कारण अवकाश के लिये प्रार्थना-पत्र।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि मैं अपके विद्यालय में कक्षा – सप्तम ‘ए’ का छात्र हूँ। पिछली शाम से मैं ज्वर से पीड़ित हूँ। डॉक्टर ने मलेरिया ज्वर बताया है और पाँच दिनों तक पूर्ण विश्राम की सलाह दी है।

अत श्रीमान से निवेदन है कि दिनांक …………. से …………… तक का मेरा अवकाश स्वीकृत किया जाये। उसके लिये मैं आपका आभारी रहूँगा।

आपका आज्ञाकारी शिष्य

विवेक

कक्षा – सप्तम ‘ए’

क्रमांक – ……………….

दिनांक – ………………

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