RBI का खुदरा मुद्रास्फ़ीति से जुड़ा बांड (RBI retail inflation-linked bonds December 2013)

    23 दिसंबर 2013 से भारतीय रिजर्व बैंक खुदरा मुद्रास्फ़ीति से जुड़ा बांड बाजार में उतार रही है और 31 दिसंबर 2013 यह बांड लेने की अंतिम तिथि है हालांकि केन्द्रीय बैंक बिना किसी सूचना के इस बांड को अंतिम तिथि के पहले भी बंद कर सकती है।
    प्रति व्यक्ति कम से कम ५,००० रूपये और अधिकतम वार्षिक ५ लाख रूपयों तक का निवेश इन बांडों में कर सकते हैं। इस बांडों पर अर्जित ब्याज करयोग्य होगा। मतलब कि ब्याज पर आयकर देना होगा।
    इन प्रतिभूतियों पर दी जाने वाली ब्याज दर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index CPI) से सीधी जुड़ी होगी। ब्याज दर दो भागों में विभक्त होगा –
1) निर्धारित दर (1.5% प्रति वर्ष)
2) मुद्रास्फ़ीति की दर जो कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से ली जायेगी
    छ:माही आधार पर ब्याज की गणना मूलधन पर की जायेगी और जिसका भुगतान बांड की परिपक्वता के समय ही किया जायेगा।
    अंतिम संयुक्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का तीन महीने के अंतराल में उपयोग किया जायेगा। जैसे कि दिसंबर 2013 के सभी दिनों के लिये  ब्याज की गणना सितंबर 2013 के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर की जायेगी।
    परिपक्वता के पहले बांड से पैसा केवल दो ही परिस्थितियों में निकाला जा सकता है –
1) वरिष्ठ नागरिक (६५ वर्ष से अधिक) बांड जारी होने के एक वर्ष के पश्चात बांड से पैसे निकाल सकते हैं।
2) और बाकी अन्य नागरिक तीन वर्ष के पश्चात बांड से पैसे निकाल सकते हैं।
    अगर पैसे परिपक्वता के पहले निकाले जाते हैं तो आखिरी कूपन याने कि आखिरी छ:माही ब्याज का 50% दंड शुल्क के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक वसूल करेगी। हालांकि परिपक्वता के पहले केवल कूपन दिनांकों पर ही पैसा निकाला जा सकेगा।
    हालांकि ये बांड बाजार में ट्रेडिंग के लिये उपलब्ध नहीं होंगे, ये शुद्ध रूप से बचत के लिये हैं जिनको लंबे समय तक की बचत करनी है उनके लिये बांड बहुत अच्छा है। जैसे कि सावधि जमा खातों (Fixed Deposits) पर सामान्यत: लंबे समय की अवधि के लिये 9% ब्याज मिलता है और अभी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक लगभग 8.5% है तो इस बांड पर 10% ब्याज मिलेगा, लेकिन अगर भविष्य में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 4 % हो जाता है तो ब्याज 5.5 % मिलेगा, जबकि सावधि जमा खाते पर वही 9% ब्जाज मिलेगा। इन बांडों पर ब्याज दर कम ज्यादा होती रहेगी क्योंकि यह बांड उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से सीधा जुड़ा है। लेकिन इस बांड से यह जरूर सुनिश्चित किया जा सकता है कि आपको मुद्रास्फ़ीति से ज्यादा ब्याज मिलेगा। जो कि निवेशक के लिये राहत की बात है।
    बांड लेने वालों के लिये नामांकन सुविधा भी उपलब्ध है, जिसे जरूर उपयोग करना चाहिये।
 
    इन बांडों को बैंकों में ऋण लेने के लिये जमानत के तौर पर भी रखा जा सकता है।

भारतीय स्टेट बैंक और उसकी सहयोगी बैंकें, राष्ट्रीयकृत बैंकें एवं तीन निजी बैंक एचडीएफ़सी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक और स्टॉक होल्डिंग कार्पोरेशन ऑफ़ इंडिया इन बांडों को बाजार में बेचेंगी।

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