हिन्दी समाचार पत्र “नवभारत टाईम्स” की आंग्लभाषा के प्रति प्रेम की बानगी देखिये कि पूरा एक पेज ही आंग्लभाषा में शुरु कर दिया…

    आज सुबह हिन्दी समाचार पत्र “नवभारत टाईम्स” जब अपने फ़्लेट का दरवाजा खोल कर उठाया तो कुछ अलग लगा। साईड में एक विज्ञापन टाईप का बक्सा मुँह चिढ़ा रहा था, जिसका शीर्षक था – trendz2day. और क्या लिखा था आप भी पढ़िये – “बदलते जमाने के साथ निखरती जिंदगी में सबसे खुशगवार महक है […]
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सूर्यपुत्र महारथी दानवीर कर्ण की अद्भुत जीवन गाथा “मृत्युंजय” शिवाजी सावन्त का कालजयी उपन्यास से कुछ अंश – ४२ [चम्पानगरी जाते हुए प्रकृति का सुन्दर चित्रण… ]

    दूसरे दिन ही मैं और शोण दोनों हस्तिनापुर से चल दिये। यात्रा बहुत लम्बी थी इसलिए हमने श्वेत घोड़े लिये। हम दोनों को ही अब अश्वारोहण का अच्छा अभ्यास हो गया था। मुझे तो सब प्राणियों मॆं अश्व बहुत ही अच्छा लगता था। वह कभी नीचे नहीं बैठता है । सोते समय भी वह […]
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अपने ग्राहक को पहचानो, एक मजेदार घटना कोका कोला के साथ (Know your customer….)

कोका कोला का एक सेल्समैन अपने मिडिल ईस्ट के काम निराश होकर लौट रहा था। एक मित्र ने उससे पूछा, “तुम अरब में कोका कोला बेचने में क्यों सफ़ल नहीं हुए ?” सेल्समैन ने अपने मित्र को समझाया “जब मैं मिडिल ईस्ट में आया तो मुझे विश्वास था कि मैं अच्छी सेल्स कर पाऊँगा क्योंकि […]
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सूर्यपुत्र महारथी दानवीर कर्ण की अद्भुत जीवन गाथा “मृत्युंजय” शिवाजी सावन्त का कालजयी उपन्यास से कुछ अंश – ४१ [कर्ण के गुरु और चम्पानगरी जाने की उत्कण्ठा… ]

   बहुत दिन हो गये थे। मैं जब से हस्तिनापुर आया था, तब से केवल एक बार ही चम्पानगरी गया था। वह भी उस समय जब गुरुदेव द्रोण ने अपने शिष्यों की परीक्षा ली थी। उसके बाद पाँच वर्ष बीत गये थे। इच्छा होने पर भी इन पाँच वर्षों में मैं एक भी बार चम्पानगरी […]
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चीते के सिगरेट, हाथी की अफ़ीम, शेर की व्हिस्की और चूहे की दौड़…

एक चीता सिगरेट का सुट्टा लगाने ही वाला था कि अचानक एक चूहा वहाँ आया और बोला – “मेरे भाई छोड़ दो नशा, आओ मेरे साथ भागो, देखो ये जंगल कितना खूबसूरत है, आप मेरे साथ दुनिया देखो” चीते ने एक लम्हा सोचा फ़िर चूहे के साथ दौड़ने लगा। आगे एक हाथी अफ़ीम पी रहा […]
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माँ-बाप को एक ही बेटे या बेटी से ज्यादा लगाव क्यों होता है…. क्यों ? यह प्रश्न है, जिसका उत्तर मैं ढूँढ़ रहा हूँ……..?

  यह एक ज्वलंत प्रश्न है पारिवारिक मुद्दों में,  माँ बाप को एक ही बेटे या बेटी से ज्यादा लगाव क्यों होता है।   माँ-बाप के लिये तो सभी बच्चे एक समान होने चाहिये परंतु मैंने लगभग सभी घरों में देखा है कि किसी एक बेटे या बेटी से उन्हें ज्यादा लगाव होता है और […]
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सूर्यपुत्र महारथी दानवीर कर्ण की अद्भुत जीवन गाथा “मृत्युंजय” शिवाजी सावन्त का कालजयी उपन्यास से कुछ अंश – ४० [यज्ञ के लिए गुरु द्रोणाचार्य द्वारा मेरे लाये गये चीते को यज्ञ के लिए निषिद्ध बताना….]

    वह झपटकर दूर हट गया। अब मैंने उसपर भयंकर आक्रमण करना प्रारम्भ किया। एक के बाद एक। बँधी हुई मुट्ठी के सशक्त प्रहार उसकी पीठ पर, पेट पर, गरदन पर, जहाँ स्थान मिला वहीं पर करने लगा। वह अब पहले से अधिक बौखलाया हुआ-सा मुझपर आक्रमण करने लगा। लगभग दो घड़ी तक हम दोनों […]
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सूर्यपुत्र महारथी दानवीर कर्ण की अद्भुत जीवन गाथा “मृत्युंजय” शिवाजी सावन्त का कालजयी उपन्यास से कुछ अंश – ३९ [यज्ञ के लिए गुरु द्रोणाचार्य की एक विचित्र प्रथा और मेरा बाघ को लाने का प्रण.. ]

    प्रत्येक वर्ष के अन्त में युद्धशाला में एक विशाल यज्ञ हुआ करता था। उस यज्ञ के लिए गुरु द्रोणाचार्य ने एक विचित्र प्रथा चला रखी थी। युद्धशाला के प्रत्येक शिष्य को यज्ञ में बलो देने के लिए एक-एक जीवित प्राणी अरण्य से पकड़कर लाकर अर्पण करना पड़ता था। किसी ने उनसे उस प्रथा के […]
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