भारत के विभिन्न भागों में कार ड्राइविंग :-

मनीष हाड़ा उवाच भारत के विभिन्न भागों में कार ड्राइविंग :- * एक हाथ स्टियरिंग व्हील पर,दूसरा हार्न पर. यू.पी. * एक हाथ स्टियरिंग व्हील पर, दूसरा खिड़की से बाहर. पंजाब * एक हाथ स्टियरिंग व्हील पर, दूसरा अखबार पर,पाँव एक्सीलेटर पर. तमिलनाडु * दोनों हाथ स्टियरिंग व्हील पर,आँखें बंद, दोनों पाँव ब्रेक पर. बिहार […]
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गूढ़ ज्ञान :- हमारे मित्र का उवाच –

मनीष हाड़ा उवाच (द्वितीय) गूढ़ ज्ञान :- * फैसला करूँ या न करूँ, ये फैसला है; फैसला कर न सकूँ, ये नाकामी है. * बेवकूफ अगर अनगिनत हों तो उनकी ताक़त को कम कर के आंकना नादानी है. * कृत्रिम बुद्धिमत्ता स्वाभाविक मूर्खता का मुकाबला नहीं कर सकती. * आपके चारों ओर हाहाकार है,लेकिन आप […]
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मजबूरी इस मानव मन की… मेरी कविता .. … विवेक रस्तोगी

कई बार कुछ कहने की इच्छा नहीं होती पर फ़िर भी कहना पड़ता है, कोई चेहरा कभी बिगड़ जाता है आईना टूट जाता है, बिगड़े हुए चेहरे मैं कब तक देखूँ, मजबूरी इस मानव मन की चेहरे देखने की कहने की पता नहीं कब खत्म होंगी ये मजबूरियाँ ये मानसिक तुष्टियाँ।
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इसी का नाम दुनिया है : हमारे मित्र का उवाच –

हमारे मित्र हैं, जिनसे वर्षों हो चुके हैं मिले हुए उनके उवाच ( मनीष हाड़ा उवाच J इसी का नाम दुनिया है : * कोई दूसरा चमचागिरी करे तो वो जी-हुजूरी है,हम करें तो वो उच्चाधिकारी के लिए सम्मान है. * कोई दूसरा टिप न दे तो वो कंजूस है,हम टिप न दें तो हम […]
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मुंबई ब्लॉगर मीट दिनांक २५ अप्रैल २०१० पहली रिपोर्ट – ब्रेकिंग न्यूज

आज मुंबई ब्लॉगर मीट की गई, जिसमें विभारानी, बोधिसत्व, आभा मिश्रा, विमल कुमार, अभय तिवारी, राज सिंह, अनिल रघुराज, यूनुस खान, अनीता कुमार, घुघुती बासुती, ममता, जादू, रश्मि रविजा, विवेक रस्तोगी ने शिरकत की। जल्दी ही रिपोर्ट प्रकाशित की जायेगी अभी कुछ फ़ोटो से काम चलाइये – क्रम से – विभरानी, रश्मि रविजा, विमल कुमार, […]
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२ सेव और ३ सेव कितना होता है ५ सेव, और दूसरा अध्यापक उनको शिक्षा देता है ४ केला और १ केला ५ केला होता है, अभी दोनों गणित सिखा रहे हैं, दोनों में कोई अंतर है,

२ सेव और ३ सेव कितना होता है ५ सेव, और दूसरा अध्यापक उनको शिक्षा देता है ४ केला और १ केला ५ केला होता है, अभी दोनों गणित सिखा रहे हैं, दोनों में कोई अंतर है, तो एक कहेगा नहीं कोई अंतर नहीं है, दोनों बराबर सिखा रहे हैं, दूसरा कहेगा नहीं बहुत बड़ा […]
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मेरे छोटे पहलवान के फ़ोटो, उसकी फ़ुटबॉल के फ़ोटो और मेरी एक किताब

मेरे छोटे पहलवान का फ़ोटो मेरे छोटे पहलवान का फ़ुटबॉल के साथ फ़ोटो पहलवान की फ़ुटबॉल के फ़ोटो मेरी एक किताब जो कि अधूरी है.. पढ़ना
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सुबह का अलार्म अच्छा लगता है क्या “किर्र किर्र” ? आप भी बताईये अपने अनुभव…. ? हमने तो इस पर विजय प्राप्त कर ली :)

रोज सुबह उठने के लिये अलार्म की आवाज अच्छी लगती है क्या ? अलार्म की “किर्र किर्र” किसे अच्छी लगती है, जब हमने सुबह घूमने जाने का निर्णय लिया था तब तो अलार्म दुश्मन जैसा जान पड़ता था कि “हाय” अभी तो मीठी नींद चल ही रही थी, अभी तो सोये ही थे और ये […]
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पिछले दिनों के कुछ फ़ोटो, उज्जैन प्रवास के दौरान पढ़ी गई किताबें, नेहरु प्लेटिनोरियम और ट्रेन की यात्रा

   कुछ किताबें जो हमने अपने उज्जैन प्रवास के दौरान घर पर पढ़ीं –      ताराघर मुंबई के अंदर का एक फ़ोटो – ताराघर के बाहर के फ़ोटो और उज्जैन जाते समय ट्रेन से खींचा गया एक फ़ोटो और वर्ली सी लिंक का बस में से खींचा गया फ़ोटो –          
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उच्च रक्ताचाप, चाय बिस्किट, चाय की नाट और पेट पर अत्याचार

    रोज की दिनचर्या बदलती जा रही है सुबह की सैर और दवाईयाँ जीवनचर्या में शामिल हो गई है। बिना मसाले की सब्जियाँ, बिना घी की रोटी, अचार बंद, पापड़ बंद, मिठाईयाँ बंद, नमकीन बंद, तला हुआ बंद सब कुछ बंद, ये डॉक्टर है या क्या, सब कुछ बंद कर दिया, अब न खाने में […]
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