अश्विन सांघी एवं जेम्स पीटरसन कृत – प्राईवेट इंडिया ( Private India – Book Review)

    अश्विन सांघी की एक किताब हमने पहले पढ़ी थी, उसका नाम था चाणक्य चांट, चाणक्य चांट को अश्विन ने बड़े ही रोमांचकारी तरीके से लिखा था, तभी हमने सोचा था कि अब अश्विन सांघी का अगली किताब प्राईवेटइंडिया आने वाली थी, जरूर पढ़ेंगे। हम किताब का ऑर्डर करने ही वाले थे कि ब्लॉगअड्डा का […]
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बोझ खींचने वाला मानव ज्यादा मूल्यवान लगता है

    पहाड़गंज या पुरानी दिल्ली में पार्किंग की जगह ढ़ूंढना बेहद दुष्कर कार्य की श्रेणी में आता है, यह दिल्ली का एक ऐसा क्षैत्र है जहाँ जाकर एक एक इंच की कीमत पता चलती है, यहाँ सड़क का वह इंच सार्वजनिक हो या निजी पर जगह कोई खाली नहीं है, खैर हमें अब इन सबसे […]
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स्वच्छ भारत अभियान गाँधी जी के आदर्श या खिलाफ

    गाँधीजी का सपना था कि हमारा स्वच्छ भारत हो, पर शायद ऐसे नहीं जैसे कि आज सरकारी मशीनरी ने किया है। कि पहले राजनेताओं की सफाई करने के लिये कचरा फैलाया और बाद में उनसे झाड़ू लगवाई जैसे कि वाकई सभी जगह सफाई की गई है। वैसे प्रधानमंत्री जी तो केवल सांकेतिक रूप से ही […]
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