कार से बैंगलोर से उज्जैन यात्रा

सिहंस्थ के दौरान हमें अपने गृहनगर उज्जैन जाना तय कर रखा था, परंतु आखिरी मौके पर पता चला कि कुछ ऐसी अड़चनें हैं कि हम सिंहस्थ के दौरान उज्जैन नहीं जा पायेंगे, तो हमने सिंहस्थ के पहले ही आने का निर्णय लिया। सबसे बड़ी अड़चन यह थी कि हमने अपने ट्रेन के आरक्षण सिंहस्थ की […]
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उज्जैन और सिंहस्थ 2016 के बारे में

उज्जैन विश्व के प्राचीन शहरों में है, और प्राचीन शहर ऊँगलियों पर गिने जा सकते हैं। उज्जैन सदियों से पवित्र एवं धार्मिक नगर के रूप में प्रसिद्ध रहा है। चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य ने यहाँ शासन किया उनके नाम पर ही भारत में विक्रम संवत चलता है। चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य के नौ रत्न थे महाकवि कालिदास, […]
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पाँच काम बिल्कुल बेफिकर उमरभर करना चाहता हूँ

    हर कोई चाहता है कि हमेशा बेफिकर उमरभर रहे पर ऐसा होता नहीं है, सब जगह मारामारी रहती है, कोई न कोई फिकर हमेशा जान को लगी ही रहती है, और उस फिकर की फिकर में हम अपने जीवन में जो कुछ करना चाहते हैं, वो सब भूल जाते हैं या यूँ भी कह सकते हैं कि पेट […]
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उज्जैन उज्जयिनी महाकाल महाकालेश्वर महामृत्युँजय जाप जल एवं दुग्ध अभिषेक भस्मारती दर्शन (Ujjain Mahakal Mahakaleshwar Mahamrityunjaya Jaap Bhasma Aarti)

    कालों का काल महाकाल के दर्शन करने उज्जैन दूर दूर से भक्त आते हैं, उज्जयिनी और अवन्तिका नाम से भी यह नगरी प्राचीनकाल में जानी जाती थी। स्कन्दपुराण के अवन्तिखंड में अवन्ति प्रदेश का महात्म्य वर्णित है। उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर को मंगल गृह का जन्मस्थान माना जाता है, और यहीं से कर्क रेखा […]
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मोक्षप्रदा तीर्थ नगरी उज्जयिनी (Ujjain is the place of Salvation)

    तीर्थ शब्द का शास्त्रीय व्युत्पत्ति है – तीर्यते अनेनेति अथवा तरति पापादिकं यस्मादिति – जिससे पापादि से मुक्ति मिलती है। अथवा जिससे पार किया जाये। इनके अनुसार तीर्थ का अर्थ है पार करने वाला । पापादि से छुड़ानेवाले नदी, सरोवर, मन्दिर, पवित्र-स्थल, दिव्यभूमि आदि तीर्थ कहे जाते हैं। इनमे स्नान-दान, दर्शन, स्पर्शन, अवलोकन-आवास आदि से पवित्रता प्राप्त होती है, […]
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देवाधिदेव भगवान महाकाल

ब्रहमाण्ड के तीन लोकों में जिन तीन शिवललिङ्गों को सर्वपूज्य माना गया है, उनमें भूलोक-पृथ्वी पर भगवान् महाकाल को ही प्रधानता मिली है – आकाशे तारकं लिङ्गं, पातालं हाटकेश्वरम् । भूलोक च महाकालोः लिङ्गत्रय ! नमोस्तुते ।। ( आकाश में तारक-लिङ्ग, पाताल में हाटकेश्वर तथा भू-लोक में महाकाल के रूप में विराजमान लिङ्गत्रय, आपको नमस्कार […]
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शादी के १२ वर्ष और जीवन के अनुभव

आज शादी को १२ वर्ष बीत गये, कैसे ये १२ वर्ष पल में निकल गये पता ही नहीं चला, आज से हम फ़िर एक नई यात्रा की और अग्रसर हैं, जैसे हमने १२ वर्ष पूर्व एक नई यात्रा शुरू की थी, जब पहली यात्रा शुरू की थी तब पास कुछ नहीं था, बस कुछ ख्वाब थे […]
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साइड अपर के लोचे और स्लीपर में ठंड को रोकने का इंतजाम

आज फ़िर से साइड अपर सीट मिली है, हालांकि आज 3AC में टिकट करवा रखा है, परंतु फ़िर भी ये साइड अपर का साईज अपने हिसाब से नहीं है । आरक्षण के समय व्यक्ति की उम्र के साथ ही उसकी लंबाई भी जरूर लिखवा लेनी चाहिये जिससे कम से कम कूपे के बीच की बर्थ मिल […]
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जीवन के तीन सच

क्राउड मैनेजमेंट     बेटेलाल के मनोरंजन के लिये पास ही गये थे, तो पता चला कि उस जगह वहीं पास के आई.टी. पार्क का सन्डे फ़ेस्ट चल रहा है और प्रवेश भी केवल उन्हीं आई.टी.पार्क वालों के लिये था, पार्किंग फ़ुल होने के कारण, पार्किंग आई.टी.पार्क में करवाई गई, वहाँ पर भी अव्यवस्था का बोलबाला […]
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छुट्टियाँ शुरू और बैंगलोर से कर्नाटक एक्सप्रेस

कल से हमारी छुट्टियाँ शुरू हो रही हैं और कल बैंगलोर से कर्नाटक एक्सप्रेस से निकल रहे हैं, वापस बैंगलोर आने तक धौलपुर, वृन्दावन, मथुरा, आगरा, ग्वालियर और उज्जैन जाना हो रहा है। इस बार ऑनलाईन रहने के लिये फ़ोन के जीपीआरएस के साथ साथ टाटा फ़ोटोन भी ले कर जा रहे हैं, अगर ट्रेन […]
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