लोग आत्महत्या क्यों करते हैं

आत्महत्या क्यों करते हैं और हम उन्हें कैसे बचा सकते हैं, इसके लिए समाज को अथक प्रयास करना होंगे। अब हम किसी भी मुख्य समाचार को ऐसे ही पढ़कर नहीं जाने देंगे। पहले एक जवान लड़का जिसके लिए कहा गया कि उसने UPSC एग्जाम में फेल होने पर आत्महत्या कर ली, फिर उसके बाद एक […]
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परीक्षा में असफल होना भी ठीक है

अभी दसवीं और बारहवीं के परीक्षा परिणाम आ चुके हैं और जिन बच्चों के 99% या उससे ज्यादा हैं, हम उनके परीक्षा परिणामों पर उत्सव भी मना चुके हैं। उनकी सफलता के लिए उनको बधाई का हक तो है ही, पर ऐसे बहुत सारे बच्चे भी हैं जो इतने नंबर नहीं ला सके और कुछ […]
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अपनी उम्र बढ़ने से रोकने के उपाय

उम्र बढ़ती जाती है और यह जीवन चक्र का निश्चित क्रम है। लेकिन मुख्य प्रश्न यह है कि हम अपनी उम्र के साथ बढ़ते हुए कैसे कम से कम दवाइयों और डॉक्टरी सुख सुविधाओं को लेते हुए आगे बढ़ें। हममें से अधिकतर लोग स्वास्थ्य बीमा में बहुत सा पैसा खर्च करते हैं, लेकिन हममें से […]
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असहज परिस्थितियों को कैसे संभालें How to manage the bad situations

सत्य यही है कि दुनिया में कोई भी सर्वगुण संपन्न नहीं है और यह भी उतना ही सत्य है कि हर कोई कभी ना कभी कोई ना कोई गलती करता ही है। और मजा तो तब आता है जब आप किसी ऑफिस में काम करते हो और इसी प्रकार की किसी परिस्थिति से आप कम […]
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जीवन एक अनंत यात्रा है – मेरी कविता

जीवन एक अनंत यात्रा है जिसे हम खुद ही खोदकर और कठिन करते जा रहे हैं अपने अंदर खोदने की आदत विलुप्त होती जी रही है हर किसी नाकामी के लिये आक्षेप लगाने के लिये हम तत्पर होते हैं यह गहनतम जंगल है जिसमें आना तो आसान है निकलना उतना ही कष्टकारी है पीढ़ी दर […]
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हम भाड़ की जनरेशन और आज की ग्रिल की जनरेशन

हम अपने बचपन के दिनों को याद करते हैं तो हमें भाड़ का महत्व पता है, और तभी भाड़ की बहुत सी कहावतें भी याद आती हैं। भाड़ में बहुत सी चीजें पकाई जाती हैं, जिन्हें हम खाने के काम में लेते हैं, और हमारे लिये वे ही व्यंजन था, जैसे भाड़ के चने, भाड़ […]
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मैं जीवन में बहुत चंचल और वाचाल रहना चाहता था… मेरी कविता

मैं जीवन में बहुत चंचल और वाचाल रहना चाहता था। मैं मेरे जीवन को मेरे हिसाब से जीन चाहता था। मैं जी भी रहा था… पर फिर एक ऐसा मोड़ आया, जहाँ सब कुछ बदल गया, मेरा जीवन बदल गया। उस मोड़ के कारण मैं धीर गंभीर हो गया। मैं जीवन को रफ्तार से हराना […]
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छोटी और बड़ी सोच के अंतर

जो लोग छोटे पदों पर होते हैं उन्हें ज्यादा क्यों नहीं दिखाई देता और जो लोग बड़े पदों पर होते हैं वे ज्यादा लंबी दूरी का क्यों देख पाते हैं। वो कहते हैं न कि सोच ही इंसान के जीवन का नजरिया बदल देती है। पर यहाँ समस्या सोच की नहीं है समस्या है पहुँच […]
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मरने के पहले और मरने के बाद क्या करना चाहते हो ?

मरने के पहले और मरने के बाद क्या करना चाहते हो ? मरने के पहले – है न अजीब सवाल, एक ऐसा सवाल जिसका उत्तर शायद किसी के पास भी तैयार नहीं, मृत्यु हमारे जीवन में कोई बीमारी नहीं है, यह भी जीवन की एक विशेषता है। अंग्रेजी में इसे ऐसे कहना ठीक होगा Death […]
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