हानिकारक बापू

हानिकारक बापू – यह गाना है आमिर खान की फिल्म दंगल का, जबसे हमारे बेटेलाल ने यह गाना सुना है, तब से वे इसे कई बार सुन चुके हैं और लगभग याद ही कर लिया है। अब आलम यह है कि जब भी हम या घरवाली कुछ कहने को होते हैं तो बस इस गाने […]
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“शाहिद” शहादत और सुसाईड (“Shahid” Martyrdom or Suicide)

    आज फ़िल्म “शाहिद” देख रहा था, फ़िल्म बहुत ही अलग विषय पर बनी है, जिसे हम अनछुआ पहलू कह सकते हैं, इन अनछुए पहलुओं में केवल आतंकवाद से ग्रस्त लोग ही नहीं है, और भी बहुत सारे सामाजिक पहलू हैं जो अनछुए हैं, जिनके बारे में हमें आपको और बाहरी विश्व को कुछ पता […]
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जिस्म २ देह का प्रेम प्रदर्शन… (Jism 2..)

फ़िल्म जिस्म २ देखी, यह फ़िल्म देहप्रदर्शन के साथ ही संपूर्ण देह के प्रेम प्रदर्शन का अच्छा अक्स दिखाती है। जिसमें बताया गया है कि मन तो नफ़रत कर सकता है, परंतु जिस्म का क्या करें उसकी जरूरतें अपनी हैं और उस जिस्म की जरूरतें वहीं पूरी कर सकता है जो उस जिस्म को समझ […]
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परिवार में क्या अब तो फ़िल्मों में भी कोई सीख नहीं मिलती ।

    कल सोने ही जा रहे थे तभी ना जाने क्या सूझी और बुद्धुबक्सा चालू कर लिया और जीअफ़लाम पर फ़िल्म आ रही थी, बलराज साहनी और निरूपमा राय इसके मुख्य कलाकार थे और उनके तीन बच्चे बड़ा बेटा रवि, मंझली बेटी और छोटा बेटा राजा के इर्दगिर्द घूमती कहानी ने पूरी फ़िल्म देखने पर […]
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हेमामालिनी की अदाएँ

आज सुबह यह गाना किशोर कुमार की सदाबहार आवाज में सुना, इस गाने में देवानंद और हेमामालिनी की अदाएँ देखते ही बनती हैं, गाने की पंक्तियों में कहा खटमल के लिये गया है और हेमामालिनी शरमा रही हैं। हमारे एक मित्र हैं जो कि उम्र में हमसे बहुत बड़े हैं, वे लगभग पुराने हर गाने […]
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आम आदमी बेबस और उसका लक्ष्य !

कल ऑफ़िस से वही देर से आये, रात्रिभोजन और टहलन के पश्चात १० मिनिट टीवी के लिये होते हैं और फ़िर शुभरात्रि का समय हो जाता है। कल जब टीवी देखना शुरू किया तो फ़िल्म “शूल” आ रही थी, और यह मेरी मनपसंदीदा फ़िल्मों में से एक है। मनपसंदीदा फ़िल्म इसलिये है कि आदमी की […]
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आठ साल बाद फ़िल्म देखने का असर

वर्षों बाद सिनेमा हॉल में जाना बिल्कुल नया अनुभव लगा, ऐसा लगा कि शायद फ़िल्म देखने सिनेमा पहली बार गये हैं। सिनेमा हॉल बदल गये हैं, सिनेमा हॉल की जगह बदल गई है यहाँ तक की फ़िल्मों में भी बहुत कुछ बदल गया है। मुझे याद है बचपन से जैसे हर बच्चे को सिनेमा हॉल […]
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आरक्षण फ़िल्म को सरकार बना रही है विवादास्पद.. (Reservation Film… Controversial)

    आरक्षण फ़िल्म को लेकर आजकल बहस चल रही है, आजकल न्यूज चैनल पर सबसे ज्वलंत मुद्दा बना हुआ है। ब्रेकिंग न्यूज में आ रहा है कि मायावती ने फ़िल्म देखने की इच्छा जाहिर की और उत्तरप्रदेश में रिलीज पर रोक लगा दी है, तो प्रकाश झा ने मायावती को उत्तर दिया है कि ९ […]
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दो वयस्क फ़िल्में “देहली बेहली” और “मर्डर २”, हमारी अपनी समीक्षा (Two Adult Movies “Delhi Belly” and “Murder 2” My Review)

    पिछले दो दिनों में दो वयस्क फ़िल्में देख लीं, जो कि बहुत दिनों से देखने की सोच रहे थे और ऐसे महीनों निकल जाते हैं फ़िल्में देखे हुए।  पहली “देहली बेहली” और दूसरी “मर्डर २”। दोनों ही फ़िल्में अलग अलग कारणों से वयस्क दी गई होंगी। जहाँ “देहली बेहली” एक व्यस्क हास्य फ़िल्म है […]
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