बच्चों के शरीर के विकास के लिये न्यूट्रिशियन्स

लगभग सभी माता पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे हरेक चीज में आगे हैं फिर चाहे वह पढ़ाई लिखाई हो या खेल हो। यह बात मुझे अच्छी तरह से तब समझ में आई जब मैं पिता बना। बच्चों को अपनी उम्र के मुताबिक, बच्चों के शरीर के विकास के लिये न्यूट्रिशियन्स सही मात्रा में मिलें, […]
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बीमारी के कारण अवकाश के लिये प्राचार्य महोदय को प्रार्थना पत्र

   पढ़ाई में सब कुछ करना पड़ता है, जब सरकारी विद्यालय में पढ़ते थे तब हमारे विषय में यह भी था कि प्राचार्य महोदय को बीमारी का कारण अवकाश के लिये पत्र लिखो। हम वाकई तभी पत्र लिखना सीखे थे और लगता था कि संप्रेषण का कितना अच्छा माध्यम है, पर कभी यह समझ नहीं […]
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बच्चों के लिये प्रदूषण पर निबंध (Pollution Essay in Hindi)

बच्चों के लिये प्रदूषण पर निबंध  (Pollution Essay in Hindi) –     प्रदूषण (Pollution) आज की दुनिया की एक गंभीर समस्या है। प्रकृति और पर्यावरण के प्रेमियों के लिये यह भारी चिंता का विषय बन गया है। इसकी चपेट में मानव-समुदाय ही नहीं, समस्त जीव-समुदाय आ गया है। इसके दुष्प्रभाव चारों ओर दिखाई दे रहे हैं। […]
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आइसक्रीम वाले ने बताया कि उसके पापा नहीं हैं

घर से फरमाइश थी कि ऑफिस से आते समय आइसक्रीम लेते आना, तो कल हम थोड़ी से देर हो गई, वैसे शाम को साढ़े छ: तक घर पहुँच जाते हैं पर कल साढ़े नौ बज गये। हम हमेशा जिस साईकिल रेहड़ी वाले से आइसक्रीम लेते हैं, उसके पास पहुँचे और बात करने लगे, कहा कि […]
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बच्चों को सुलाने के लिये क्या क्या नहीं करना पड़ता है

    बच्चों को शौच निवृत्ति सीखने में समयलगता है और इसका प्रशिक्षण उन्हें घर में ही दिया जाता है, पर अगर बच्चे बहुत ही छोटे हों तो शौच निवृत्ति का प्रशिक्षण देना मुश्किल ही नहीं असंभव है, पुराने जमाने किसी भी तरह की अन्य सुविधा उपलब्ध नहीं थी तो पोतड़ों से ही काम चलाना पड़ता था, तो […]
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वर्षा ऋतु – बच्चों के लिये निबंध

    भारत में वर्षा ऋतु एक महत्वपूर्ण ऋतु है। यह ऋतु आषाढ़, श्रावण और भादो मास में मुख्य रूप में विराजमान रहती है। वर्षा ऋतु हमें भीषण गर्मी से राहत दिलाती है। यह मौसम भारतीय किसानों के लिये बहुत हितकारी है।    फ़सलों के लिये पानी मिलता है तथा सूख गये कुएँ तालाब नदियाँ आदि फ़िर […]
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तीन निबंध बच्चों के लिये (बालश्रमिकों से छिनता बचपन, एक दिन जब में विकलांगों के शिविर में गया और देश में हजारों अन्नाओं की जरूरत है ।)

बालश्रमिकों से छिनता बचपन आजकल बाल श्रम कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ती दिखाई देती हैं। जिसमें बाल श्रमिकों का बचपन छिनता जा रहा है। पेट की आग शांत करने के लिए बच्चे झूठे बर्तन धो रहे होते हैं। लेकिन बाल श्रमिक को बचाने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। सड़क […]
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पापा प्लीज आज मत जाओ और आज यहीं रहो

    हमारे एक मित्र हैं जो कि आजकल नौकरी के कारण परिवार के साथ अलग रह रहे हैं। उनकी एक प्यारी सी बिटिया है जो कि लगभग ५ वर्ष की होगी। बिटिया अपने पापा को बहुत याद करती है। हमारे मित्र को अधिकतर व्यापारिक यात्राओं पर ही रहना होता है जिस कारण से परिवार को […]
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बच्चों की बाल सुलभ हरकतें और मानवीय संवेदनाएँ

    बच्चों की बाल सुलभ हरकतें सभी को लुभाती हैं, आज घर वापिस आते समय सामने की सीट पर एक बालक था अपने मम्मी पापा की गोद में, और लगभग ६-८ माह का बालक होगा जो कि खुशी की किलकारियाँ मार रहा था, सभी के मन हर्ष से आह्लादित थे।     एक अन्जाने बालक के […]
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क्या बच्चों को होस्टल में नहीं डालना चाहिये ? (Should not put children in Hostel ?)

    “बच्चे मन के सच्चे सारे जग के राजदुलारे, ये वो नन्हे फ़ूल हैं जो भगवान को लगते प्यारे”, बच्चों के ऊपर लिखा गया बहुत पुराना गीत याद आ गया । जिसमें उनके मन को भी बताया गया है कि बच्चे मन के सच्चे होते हैं और उनका मन दर्पण की तरह साफ़ होता है […]
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