देवाधिदेव भगवान महाकाल

ब्रहमाण्ड के तीन लोकों में जिन तीन शिवललिङ्गों को सर्वपूज्य माना गया है, उनमें भूलोक-पृथ्वी पर भगवान् महाकाल को ही प्रधानता मिली है – आकाशे तारकं लिङ्गं, पातालं हाटकेश्वरम् । भूलोक च महाकालोः लिङ्गत्रय ! नमोस्तुते ।। ( आकाश में तारक-लिङ्ग, पाताल में हाटकेश्वर तथा भू-लोक में महाकाल के रूप में विराजमान लिङ्गत्रय, आपको नमस्कार […]
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महाकाल बाबा की शाही सवारी १७ अगस्त को और महाकवि कालिदास का मेघदूतम में महाकाल वर्णन..

श्रावण मास के हर सोमवार और भाद्रपद की अमावस्या तक के सोमवार को महाकाल बाबा की सवारी उज्जैन में भ्रमण के लिये निकलती है, कहते हैं कि साक्षात महाकाल उज्जैन में अपनी जनता का हाल जानने के लिये निकलते हैं, क्योंकि महाकाल उज्जैन के राजा हैं। इस बार महाकाल बाबा की शाही सवारी १७ अगस्त […]
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मंदिर क्यों जायें..

यदि आपमें आध्यात्म जीवित है, या आध्यात्मिक हो रहे हैं? तो आप इसे पसंद करेंगे! यदि आपमें आध्यात्म मर गया हैं, तो आप इसे नहीं पढ़ना चाहेंगे। यदि आप आध्यात्म में उत्सुक हैं तो वहाँ अभी भी आशा है! कि मंदिर क्यों जायें? ? एक ‘भक्त’ गोर ने  एक ? अखबार के संपादक को शिकायती […]
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