जीवन के प्रति नकारात्मक रुख

    थोड़ा बीमार था, और बहुत कुछ आलस भी था, आखिर रोज रोज शेव बनाना कौन चाहता है, उसकी दाढ़ी के बालों के मध्य कहीं कहीं सफेदी उसकी उम्र की चुगली कर रही थी, वह बहुत सारी बातों से अपने आप को कहीं अंधकार में विषाद से घिरा पाता। कहीं भी उसे न प्यार मिलता […]
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शेविंग के बिना बहुत कुछ खोना पड़ जाता है (Better to Shave)

    आमतौर पर शेविंग करना भी एक शगल होता है, कोई रोज शेविंग करता है और कोई एक दिन छोड़कर, कुछ लोग मंगलवार, गुरूवार और शनिवार को शेविंग नहीं करते हैं । शेविंग करने से चेहरा अच्छा लगने लगता है और अपना आत्मविश्वास भी चरम पर होता है। केवल शेविंग करने से ही कुछ नहीं […]
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व्याकुलता – चिंतन

    व्याकुलता इंसान को जितनी जल्दी कमजोर बनाती है, उतनी ही जल्दी व्याकुलता से मन को ताकत मिल जाती है। जब भी कोई दिल दहलाने वाली खबर हमें लगती है, हम व्याकुल हो उठते हैं, मन कराहने लगता है, दिमाग काम करना बंद कर देता है और तत्क्षण हम निर्णय लेने की स्थिती में नहीं होते, मन […]
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समय प्रबंधन के लिये त्रिपल एस फ़ॉर्मुला (Tripple “S” Formula for Time Management)

आज मैं BG 15-5 जो कि गोपीनाथ चंद्र प्रभू ने इस्कॉन गिरगाँव चौपाटी पर १ जनवरी २०१० को यह वक्तृता दिया था, सुन रहा था। जिसमॆं उन्होंने समय प्रबंधन के लिये Tripple “S” फ़ॉर्मुला बताया जो मुझे बहुत अच्छा लगा। कार्य हमारी जिंदगी में चार प्रकार के होते हैं – १. अत्यावश्यक और महत्वपूर्ण २. […]
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कुत्ता, शेर और बन्दर (कुत्ते का प्रबंधन Management)

एक दिन एक कुत्ता जंगल में रास्ता खो गया। तभी उसने देखा एक शेर उसकी तरह आ रहा है। कुत्ते की साँस रुक गय़ी। “आज तो काम तमाम मेरा!” उसने सोचा, फ़िर उसने सामने कुछ सूखी हड्डियाँ पड़ी देखीं, और आते हुए शेर की तरफ़ पीठ करके बैठ गया और एक सूखी हड्डी को चूसने […]
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