शेयर बाज़ार पर ज्ञान की बकवास — भाग 15

Morning Star और Evening Star आखिर बाजार में सूर्योदय और सूर्यास्त क्यों कहलाते हैं?

कबन पार्क से निकलते-निकलते लगभग दोपहर होने लगी थी।

रविवार की वजह से सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ थी। हल्की बारिश फिर शुरू हो चुकी थी। कार के शीशे पर गिरती बूंदों को वाइपर नियमित अंतराल पर साफ कर रहे थे।

मैं गाड़ी चला रहा था और बेटेलाल बगल वाली सीट पर बैठे मोबाइल में chart देख रहे थे।

सड़क के दोनों तरफ पुराने पेड़ बारिश से धुले हुए चमक रहे थे।

कुछ देर दोनों चुप रहे।

फिर अचानक बेटेलाल बोले —

“डैडी, ये चार्ट में chart में Morning Star और Evening Star दिखाई दे रही थीं।”

मैं मुस्कुराया।

“अच्छा… तो फिर आज बाजार का सूर्योदय और सूर्यास्त समझते हैं।”

“मतलब?”

“नाम सुनकर जितना रोमांटिक लग रहा है, pattern उतना ही दिलचस्प है।”

Morning Star क्या होती है?

मैंने कहा —

“Morning Star तीन candles से बनती है।”

“तीन?”

“हाँ।”

“पहली candle?”

“एक मजबूत लाल candle।”

“मतलब sellers का दबदबा।”

“बिल्कुल।”

“दूसरी?”

“छोटी body वाली candle।”

“Spinning Top जैसी?”

“कई बार हाँ।”

“और तीसरी?”

“एक मजबूत हरी candle।”

बेटेलाल मोबाइल में pattern देखने लगे।

“मतलब पहले market गिर रहा था…”

“हाँ।”

“फिर रुककर सोचने लगे…”

“हाँ।”

“और फिर buyers वापस आ गये।”

मैं मुस्कुराया।

“अब तुम pattern नहीं, psychology पढ़ रहे हो।”

Morning Star नाम क्यों?

हम लालबाग रोड की तरफ बढ़ रहे थे। बादलों के बीच से हल्की धूप निकलने लगी थी।

मैंने कहा —

“रात सबसे अंधेरी कब लगती है?”

“सुबह होने से ठीक पहले।”

“बिल्कुल।”

“Morning Star भी अक्सर downtrend के अंत में बनती है।”

“मतलब अंधेरे के बाद उजाला?”

“चार्ट की भाषा में हाँ।”

Evening Star

बेटेलाल बोले —

“तो Evening Star इसका उल्टा होगी?”

“सही पकड़े हैं।”

मैंने कहा —

“पहली candle मजबूत हरी।”

“Buyers खुश।”

“दूसरी छोटी।”

“Market सोच रहा है।”

“और तीसरी बड़ी लाल।”

“मतलब sellers ने मैदान संभाल लिया।”

कार वाला उदाहरण

तभी हमारे सामने एक सिग्नल लाल हो गया।

कार धीरे-धीरे रुक गई।

मैंने कहा —

“देखो इस सिग्नल को।”

“हाँ।”

“अभी तक सारी गाड़ियाँ तेजी से चल रही थीं।”

“हाँ।”

“फिर सब धीमे हुए।”

“हाँ।”

“और अब रुक गये।”

“तो?”

“यह भी momentum बदलने जैसा है।”

सबसे बड़ी गलती

सिग्नल हरा हुआ और कार फिर आगे बढ़ने लगी।

बेटेलाल बोले —

“तो Morning Star दिखी तो खरीद लें?”

मैं हँस पड़ा।

“यही वजह है कि बाजार में जल्दी अमीर बनने वाले जल्दी गरीब भी बनते हैं।”

दोनों हँस पड़े।

मैंने कहा —

“Pattern दिखना अलग बात है।”

“और?”

“उसका सफल होना अलग बात है।”

Confirmation क्यों जरूरी है?

“मतलब?”

“अगर Morning Star बन रही है लेकिन volume कमजोर है…”

“तो?”

“Signal उतना मजबूत नहीं हो सकता।”

“और अगर किसी महत्वपूर्ण support के पास बने?”

“तब उसकी अहमियत बढ़ जाती है।”

असली सीख

बारिश अब धीरे-धीरे रुकने लगी थी।

सड़क किनारे लगे पेड़ों की पत्तियाँ चमक रही थीं।

मैंने कहा —

“याद रखना बेटेलाल…”

“क्या?”

“Morning Star और Evening Star भविष्य नहीं बतातीं।”

“फिर?”

“ये सिर्फ बताती हैं कि भीड़ की सोच बदलनी शुरू हो सकती है।”

कुछ देर दोनों चुप रहे।

कार अब हमारी रिहाईश के पास पहुँच चुकी थी।

बेटेलाल बाहर देखते हुए बोले —

“डैडी, अब समझ आ रहा है कि chart पर बनती हर candle के पीछे इंसानों की भावनाएँ छिपी होती हैं।”

मैं मुस्कुराया।

“और जो इंसानों की भावनाएँ पढ़ लेता है, वह बाजार को थोड़ा बेहतर समझने लगता है।”

तभी बेटेलाल ने पूछा —

“डैडी, अगली बार क्या सीखेंगे?”

मैं मुस्कुराया।

“अगले भाग में समझेंगे — Three White Soldiers और Three Black Crows आखिर बाजार की सेना क्यों कहलाते हैं।”

क्रमशः…

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