11 thoughts on “गरीब परिवार पर एक निबंध (An Essay on Gareeb Parivar)

  1. विवेक भाई, ये इंडिया के गरीब हैं…इन्हें कभी भारत के उन 70 करोड़ गरीबों से मिलवाने का जुगाड़ कीजिए जिनका रोज 20 रुपये से भी कम पर गुज़ारा चलता है…

  2. एक भिखारी से पूछा गया आपको कार दी जाये तो आप क्या करेंगे ? भिखारी के बच्चे खुश हो गये .. तब हम कार मे भीख मांगने जाया करेंगे । यह वही बात हुई " अरे रोटी नही है खाने को तो… केक खाओ ।

  3. ताऊ सही कह रहे है सारे लोग ऐसे ही गरीब हो जाये,फ़िर अमीर-गरीब का झगडा ही खतम

Leave a Reply to Anil Pusadkar Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *