जीवन की राहों में, बहुत संघर्ष हमने झेला है…. मेरी कविता… विवेक

जीवन की राहों में,
बहुत संघर्ष हमने झेला है,

सूरज की गरमी में,
पांवों के छालों को हमने सहा है,

जिंदगी की धूप में,
दिल की तपिश को हमने महसूस किया है,

तारों की छांव में,
चुभन शीतलता की भी महसूस की है हमने,

जिंदगी की दौड़ में,
उम्मीद है कि अब न कोई ऐसा एहसास होगा।

6 thoughts on “जीवन की राहों में, बहुत संघर्ष हमने झेला है…. मेरी कविता… विवेक

  1. नाव कागज़ की गहरा है पानी,
    ज़िंदगी की यही है कहानी…
    फिर भी हर हाल में मुस्कुरा के,
    दुनियादारी पड़ेगी निभानी…

    जय हिंद…

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