“बाल टाक रे” बेवकूफ़ी है, पर फ़िर भी अच्छा है !!

आस्ट्रेलिया और भारत के बीच वानखेड़े स्टेडियम में क्रिकेट मैच चल रहा था, और वहीं बालकनी में बाल ठाकरे बैठ कर मैच का आनंद ले रहे थे और बहुत खुश थे कि यहाँ पर पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं खेल रहे हैं।
अचानक सचिन तेंदुलकर ने मैक्ग्राथ की गेंद पर छक्का मर दिया, और गेंद सीधी बाल ठ्करे के पास वाली सीट पर गिरी…
मैक्ग्राथ जोर से चिल्लाकर बोला हे ! गिव मी बोल
ठाकरे भी चिल्लाया ऐ… मराठी में बोल
मैक्ग्राथ को समझ में नहीं आया कि वह क्या बोला, फ़िर मैक्ग्राथ ने वापिस से वही बोला और ठाकरे की ओर से वही जबाब मिला।
तभी, बाऊँड्री के पास से एक सुरक्षा अधिकारी मैक्ग्राथ के पास गया और बोला,सर, यह बाल ठाकरे है
फ़िर मैक्ग्राथ विस्मित हो गया (क्योंकि उसने ठाकरे के बारे में सुन रखा था) और चिल्लाया ओ… बाल टाक रे
बाल ठाकरे खुश होकर गेंद मैक्ग्राथ की ओर फ़ेंक देता है।
जय महाराष्ट्र !!

11 thoughts on ““बाल टाक रे” बेवकूफ़ी है, पर फ़िर भी अच्छा है !!

Leave a Reply to Vivek Rastogi Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *