बैंगलोर से टोक्यो यात्रा


18 मार्च की रात 9 बजे घर से बैंगलोर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 2 के लिये निकले और ट्रैफिक होने के बावजूद 10.20 पर पहुँच गये। हवाई अड्डे पर सुरक्षा अधिकारियों ने पासपोर्ट और टिकट देखा, फिर बोले कि फ्लाईट 2.40 की है, हमने कहा हाँ जी, पहले सोचा कि अभी बोलेंगे कि 20 मिनिट बाद आना, पर 4 घन्टे के पहले भी जाने दिया।

फिर अंदर पहुँचकर हवाईअड्डा निहारने लगे। जबरदस्त कलाकारी की गई है। सारी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें यहीं से जाती हैं, और कुछ अंतर्देशीय उड़ानें भी यहाँ आती जाती हैं। बड़े दिनों बाद उड़ रहे थे, घर से अब 35 दिन बाहर भी रहना मन को थोड़ा अजीब कर रहा था।

फिर सहायता कर्मियों से पूछा कि जापान एयरलाइन्स का कौन सा काउंटर है, तो हमें बताया गया कि F काउंटर है, जहाँ के सारे बोर्डिंग पास काउंटर बंद थे, हम भी वहीं सामने पड़ी कुर्सी पर धरना देकर बैठ गये।

सोने की कोशिश करी, पर नींद उस समय आ ही नहीं रही थी। जब हम पहुँचे थे तब तीसरे यात्री थे, पर धीरे धीरे यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी, हमने aisle सीट ली थी, कि हमें किसी को परेशान न करना पड़े। विस्तारा के साथ जापान एयरलाइन्स वालों का गठबंधन है, तो जब काउंटर वाले आ गये, उसके बाद उन्होंने जापानी भाषा में कुछ कहा और सबने 90 डिग्री झुककर सभी यात्रियों का अभिवादन किया।

फिर चेकइन बैगेज लिया,हम 2 बैगेज 23 kg के ले जा सकते थे, पर एक बैग ही भरने में पसीने आ गए, खैर वजन हुआ 23.1 kg, हम घर से ही तोलकर ले गये थे। बोर्डिंग पास दिया, खाने में हमने इंडियन वेज मील लिया था, उसका एक पर्चा दिया कि, क्या क्या मिलेगा। कलर प्रिंट दिया, सोचा ये देखो बर्बादी।

हम चल दिये अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान के लिये, वहाँ पहले बोर्डिंग पास स्कैन करवाया, और उसके बाद इमिग्रेशन, आश्चर्य हुआ कि अब इमिग्रेशन फॉर्म नहीं भरना पड़ता, इमिग्रेशन पर हमारा पासपोर्ट और बोर्डिंग पास लाया, हमसे पूछा कि कितने दिन के लिये और क्यों जा रहे हो, क्या काम करते हो, बस हो गया, पासपोर्ट पर सील लगाकर हमें छोड़ दिया।

अब सिक्योरिटी करनी थी, यह भी आसान थी, हमारे पास AA 8 बैटरी थीं, वे बोले इतनी बैटरी नहीं ले जा सकते, हमने कहा bp मशीन की है, तो बोले bp मशीब दिखाओ, हमने कहा वो तो चेकइन कर दी, तो बोले साथ में रखना चाहिये, वे बोले कि बस 2 बैटरी ले जा सकते हैं, हमने कहा एक बार में 4 लगती हैं, और बैटरी जल्दी खत्म हो जाती हैं, अगर allow नहीं है तो 2 भी क्या ही ले जाना है, सारी रख लो, फिर उसके मन में जाने क्या आया कि बोला, जाइये आप सारी ले जाइये।

फिर पहुँचे ड्यूटी फ्री, दारू की बोतलों को निहारा, रिटर्न के लिये बुक करने लगे तो बोले कि केवल 30 दिन आगे तो की ही बुक कर सकते हैं, आप ऑनलाइन बुक कर लेना। क्योंकि पहले बुक करने पर 10% का डिस्काउंट मिलता है।

टर्मिनल 2 बढ़िया बनाया हुआ है, कुछ फोटो भी लिये, फिर अपने C2 गेट पर आकर लंबी चेयर पर पैर पसारकर 2 घन्टे फ्लाइट उड़ने तक आराम किया। बैंगलोर से टोक्यो के लिये सुबह 3 बजे फ्लाइट उड़ी।

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