शेयर बाज़ार पर ज्ञान की बकवास — भाग 22
Moving Average आखिर Chart पर खींची हुई ये टेढ़ी-मेढ़ी लाइन क्या बताती है?
सोमवार की सुबह है।
सप्ताह की शुरुआत हो चुकी है और शेयर बाज़ार खुलने में अभी कुछ ही मिनट बाकी हैं।
मैं अपने स्टडी रूम में बैठा था। सामने PC Terminal खुला हुआ था। तीनों मॉनिटर पर अलग-अलग charts दिखाई दे रहे थे।
बेटेलाल आज सुबह से ही कुछ ज्यादा उत्साहित दिखाई दे रहे थे।
वे काफी देर से chart को घूर रहे थे।
फिर अचानक बोले —
“डैडी, candles समझ आ गईं।”
“अच्छी बात है।”
“Trend भी समझ आ गया।”
“और अच्छी बात।”
“लेकिन ये chart पर पीली, नीली और लाल लाइनें क्यों घूम रही हैं?”
मैं मुस्कुराया।
“अच्छा… आखिरकार तुम Moving Average तक पहुँच गये।”
Moving Average आखिर होता क्या है?
मैंने स्क्रीन की तरफ इशारा किया।
“देखो बेटेलाल।”
“हाँ।”
“Market रोज़ ऊपर-नीचे होता है।”
“यह तो मैंने देख लिया है।”
“कभी-कभी इतना ऊपर-नीचे होता है कि असली Trend समझना मुश्किल हो जाता है।”
“हाँ, कई बार chart देखकर लगता है जैसे किसी बच्चे ने पेंसिल से लाइनें बना दी हों।”
मैं हँस पड़ा।
“इसलिए लोगों ने Moving Average बनाया।”
आसान भाषा में
मैंने कहा —
“Moving Average का काम Noise कम करना है।”
“मतलब?”
“Market का शोर हटाकर दिशा दिखाना।”
Colony वाला उदाहरण
मैंने खिड़की से बाहर देखा।
“मान लो तुम हर दिन सुबह टहलने जाते हो।”
“हाँ।”
“पहले दिन 4000 कदम चले।”
“दूसरे दिन 6000।”
“तीसरे दिन 5000।”
“चौथे दिन 7000।”
“अब अगर कोई पूछे कि तुम रोज़ औसतन कितने कदम चलते हो?”
“तो Average निकालेंगे।”
“बस वही Moving Average है।”
SMA क्या होता है?
बेटेलाल बोले —
“अच्छा, अब ये SMA क्या होता है?”
मैंने chart खोला।
“SMA यानी Simple Moving Average।”
“मतलब?”
“पिछले कुछ दिनों का सीधा-सादा Average।”
“जैसे 20 Day SMA?”
“मतलब पिछले 20 दिनों के Closing Price का Average।”
EMA क्या होता है?
“और EMA?”
“Exponential Moving Average।”
“नाम से तो डर लग रहा है।”
मैं हँस पड़ा।
“असल में यह SMA का भाई है, बस तेज है।”
“मतलब?”
“यह हाल के दिनों को ज्यादा महत्व देता है।”
“यानी नई जानकारी को जल्दी पकड़ता है?”
“बिल्कुल।”
Traders EMA क्यों पसंद करते हैं?
“क्योंकि उन्हें तेजी से बदलती Market पकड़नी होती है।”
“और Investors?”
“वे SMA ज्यादा देखते हैं।”
20, 50, 100 और 200 Day Average
बेटेलाल बोले —
“डैडी, लोग 20, 50, 100, 200 ही क्यों लगाते हैं?”

मैंने कहा —
“क्योंकि पूरी दुनिया इन्हें देखती है।”
“मतलब?”
“कई बार indicator इसलिए काम करता है क्योंकि लाखों लोग उसे देख रहे होते हैं।”
20 Day MA
“Short Term Trend”
50 Day MA
“Medium Term Trend”
100 Day MA
“Stronger Trend View”
200 Day MA
“Long Term Trend का राजा।”
सबसे लोकप्रिय moving average
मैंने chart पर 200 Day Moving Average लगाया।
“देखो।”
“हाँ।”
“अगर शेयर 200 DMA के ऊपर है तो Long Term Trend मजबूत माना जाता है।”
“और नीचे?”
“तो सावधानी बढ़ जाती है।”
सबसे बड़ी गलती
बेटेलाल बोले —
“तो क्या Moving Average Cross होते ही खरीद लेना चाहिए?”
मैं हँस पड़ा।
“अगर इतना आसान होता तो सब करोड़पति होते।”
दोनों हँस पड़े।
Moving Average क्या नहीं पता चलता है?
“यह भविष्य नहीं बताता।”
“फिर?”
“यह पीछे देखकर वर्तमान की दिशा समझाता है।”
“मतलब Rear View Mirror?”
मैं मुस्कुराया।
“वाह! बिल्कुल सही।”
Price और Moving Average
मैंने chart पर इशारा किया।
“याद रखना।”
“Price राजा है।”
“Indicator नौकर।”
“मतलब?”
“कभी भी Indicator को Price से ज्यादा महत्व मत देना।”
असली सीख
बाजार खुल चुका था।
स्क्रीन पर candles बनना शुरू हो चुकी थीं।
Moving Average की लाइनें उनके बीच धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थीं।
मैंने कहा —
“याद रखना बेटेलाल…”
“क्या?”
“Moving Average Market की दिशा दिखाता है।”
“लेकिन निर्णय अकेले नहीं देता।”
“मतलब?”
“Trend, Volume, Support, Resistance और Price Action के साथ मिलाकर देखो।”
कुछ देर दोनों चुप रहे।
फिर बेटेलाल बोले —
“डैडी, अब समझ आया कि ये रंग-बिरंगी लाइनें सजावट नहीं थीं।”
मैं मुस्कुराया।
“और अगले भाग में समझोगे कि जब दो Moving Averages आपस में टकराते हैं, तो पूरा बाजार क्यों उत्साहित हो जाता है।”
“मतलब?”
“अगले भाग में — Golden Cross और Death Cross।”
क्रमशः…
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