शेयर बाज़ार पर ज्ञान की बकवास — भाग 25
Divergence आखिर क्या होती है, और क्यों कई बार Price कुछ कहता है लेकिन Indicator कुछ और?
बेटेलाल आज कुछ ज्यादा ही गंभीर दिखाई दे रहे थे।
वे काफी देर से एक chart को घूर रहे थे।
फिर अचानक बोले —
“डैडी, मुझे कुछ गड़बड़ लग रही है।”
मैं मुस्कुराया।
“Market में या तुम्हारे मोबाइल में?”
दोनों हँस पड़े।
उन्होंने स्क्रीन की तरफ इशारा किया।
“देखिए, Price तो ऊपर जा रहा है, लेकिन RSI नीचे जा रहा है।”
मैंने कहा —
“वाह बेटेलाल, आज तुम बहुत महत्वपूर्ण चीज़ पकड़ रहे हो।”
“हैं जी?”
“इसे ही Divergence कहते हैं।”
“नाम तो बड़ा डरावना लग रहा है।”
“डरावना नहीं, बल्कि चेतावनी देने वाला है।”
मैंने chart zoom किया।
“देखो, Price नई ऊँचाई बना रहा है।”
“हाँ।”
“लेकिन RSI पहले जितना ऊपर नहीं जा पा रहा।”
“मतलब?”
“मतलब Price तो तेजी दिखा रहा है, लेकिन उसके पीछे की ताकत कम होती जा रही है।”
“बस यही Divergence है।”
मैंने स्क्रीन पर उदाहरण दिखाया।
“यहाँ Price नीचे जा रहा है।”
“हाँ।”
“लेकिन RSI ऊपर की तरफ जा रहा है।”
“मतलब?”
“मतलब गिरावट की ताकत कम हो रही है।”
“और Buyers वापस आने की कोशिश कर सकते हैं।”

बेटेलाल बोले —
“तो क्या Divergence दिखते ही Trade ले लेना चाहिए?”
मैं हँस पड़ा।
“अगर Market इतना आसान होता तो सारे Trader Lamborghini में घूम रहे होते।”
दोनों हँस पड़े।
मैंने कहा —
“Divergence भविष्य नहीं बताती।”
“फिर?”
“यह सिर्फ कहती है कि भाई साहब, थोड़ा सावधान हो जाओ।”
“Trend कमजोर पड़ सकता है।”
मैंने चाय की चुस्की ली।
“याद है Hammer, Engulfing और Morning Star?”
“हाँ।”
“अगर Divergence के साथ ऐसे Patterns भी दिखाई दें, तो Signal और मजबूत हो सकता है।”
“मतलब Indicator अकेला फैसला नहीं करता।”
“बिल्कुल।”
“Price Action, Trend, Volume, Support Resistance और Indicator — सबको साथ देखना पड़ता है।”
बेटेलाल अब ध्यान से chart देखने लगे।
फिर बोले —
“डैडी, लोग कहते हैं कि RSI झूठ बोलता है।”
मैं मुस्कुराया।
“RSI झूठ नहीं बोलता।”
“कई बार हम उसकी बात गलत समझ लेते हैं।”
“मतलब?”
“Divergence का मतलब यह नहीं कि Market अभी तुरंत पलट जाएगा।”
“कई बार Price कुछ दिन और उसी दिशा में चलता रहता है।”
“ओह!”
“इसलिए धैर्य जरूरी है।”
मैंने मॉनिटर पर Nifty का chart खोला।
“देखो, Market कई बार हमें पहले संकेत देता है।”
“लेकिन हम सुनना तब शुरू करते हैं जब टीवी वाले चिल्लाने लगते हैं।”
दोनों हँस पड़े।
कुछ देर कमरे में शांति रही।
सिर्फ मॉनिटर पर बदलती candles दिखाई दे रही थीं।
मैंने कहा —
“याद रखना बेटेलाल…”
“क्या?”
“Price गाड़ी है।”
“RSI उसका इंजन है।”
“अगर दोनों एक ही दिशा में हैं तो सफर आसान है।”
“लेकिन अगर दोनों अलग-अलग बातें करने लगें…”
“तो समझ जाओ कि अंदर कुछ बदल रहा है।”
बेटेलाल मुस्कुराये।
“मतलब Market पहले फुसफुसाता है, बाद में चिल्लाता है।”
मैं भी मुस्कुराया।
“और समझदार Investor वही है जो फुसफुसाहट सुन ले।”
फिर उन्होंने पूछा —
“डैडी, अगली बार क्या सीखेंगे?”
मैंने MACD indicator chart पर लगाते हुए कहा —
“अगले भाग में समझेंगे — MACD आखिर क्या होता है, और क्यों इतने सारे Traders इसे Trend और Momentum समझने के लिए इस्तेमाल करते हैं।”
क्रमशः…
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