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About Vivek Rastogi

मैं २००६ से हिन्दी ब्लॉगिंग कर रहा हूँ, और वित्त प्रबंधन मेरा प्रिय विषय है। मेरा एक यूट्यूब चैनल भी है जिसे आप https://youtube.com/financialbakwas देख सकते हैं।

मुंबई हिन्दी ब्लॉगर मीट त्रिमूर्ती जैन मंदिर, संजय गांधी नेशनल पार्क, बोरीवली में सायं ३.३० बजे रविवार ६ दिसंबर को आयोजित की गई है

मुंबई ब्लॉगर मीट के लिये मेरी बहुत से ब्लॉगरों से बात हुई पर ऐसा लगा ही नहीं कि मैं उनसे पहली बार बात कर रहा हूँ ऐसा लगा कि हम लोग जाने कब से एक दूसरे को जानते हैं और बहुत अच्छी तरह से जानते हैं।

कुछ ब्लॉगर्स को मैंने फ़ोन लगाये कुछ ने मुझे फ़ोन किये कुछ ब्लॉगर्स से चेटिंग हुई। सबको अपने बेहद करीब पाया।

मुंबई ब्लॉगर्स मीट त्रिमूर्ती जैन मंदिर, संजय गांधी नेशनल पार्क बोरीवली में सायं ३.३० बजे रविवार ६ दिसंबर को आयोजित की गई है, जो कि वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर बोरिवली ईस्ट में है। आप यहाँ सीधे लोकल रेल्वे स्टेशन से २९९ नंबर बस से टाटा स्टील से भी सीधे आ सकते हैं नहीं तो मुख्य द्वार जो कि वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर है वहाँ से सीधे आ सकते हैं, प्रति व्यक्ति नेशनल पार्क का टिकिट २० रुपये है।

लगभग १४ ब्लॉगर्स की मंजूरी मिल चुकी है। अविनाश जी दिल्ली वाले मुंबई पहुंच चुके हैं और उनका भी ब्लॉगर्स से मिलने का बहुत व्यस्त कार्यक्रम है।

इस मीट का उद्देश्य एक दूसरे को जानना और वास्तविक दुनिया में मिलना है, हम सब एक दूसरे को आभासी दुनिया में बहुत अच्छी तरह से परिचित हैं, जब वास्तविकता में मिलेंगे तो बात ही कुछ ओर होगी। इस मीट में सभी ब्लॉगर्स के मानस मंथन से जो भी मुद्दे निकलेंगे वही अगली ब्लॉगर्स मीट का उद्देश्य होगा। यह मीट केवल एक गेट टुगेदर है जिसमें सब एक दूसरे को जान पायेंगे।

इस मीट के लिये ताऊ जी और समीर लाल जी ने विशेष सहयोग दिया है, और मुंबई टाईगर महावीर जी सेमलानी जी का भी विशेष सहयोग है। अविनाश वाचस्पति जी जो कि हमारे दिल्ली से आये हुए मुख्य अतिथि हैं, उनका भी भरपूर सहयोग है,  कृप्या अपने आने की स्वीकृती दें जिससे व्यवस्था में सहयोग मिलेगा।

ग्लोबल वार्मिंग पर केवल नेपाल चिंतित है क्या… कुछ हमारा कर्त्तव्य है या नहीं… क्या हम अकेले कुछ कर सकते है….?

ग्लोबल वार्मिंग पर नेपाल के केबिनेट ने १७२०० फ़ीट ऊँचाई पर माऊँट एवरेस्ट काला पत्थर पर बैठक कर दुनिया का ध्यान अपनी और खींचा, दुनिया की सर्वोच्च शिखर चोटी के आधार शिविर के पास स्यांगबोचे में एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा पढ़ी, जिसके मुताबिक आपिनामा-गौरीशंकर क्षेत्र को नया संरक्षण क्षेत्र घोषित किया गया है। वहाँ पर उन्होंने संकेत दिया कि जलवायु परिवर्तन का मुद्दा न केवल पर्वतीय देशों और समुद्र तटों पर स्थित देशों से जुड़ा है बल्कि आम वैश्विक समस्या है।
नेपाल के प्रधानमंत्री ने कहा कि “हम दुनिया को यह संदेश देने आये हैं कि जलवायु परिवर्तन हिमालयी पट्टी और निचले इलाकों के १.३ अरब लोगों को प्रभावित करने जा रहा है।
हिमालय के ग्लेशियर कुछ दशकों में गायब हो सकते हैं और इससे एशिया के बड़े हिस्से को सूखे का सामना करना पड़ सकता है, जहाँ लाखों लोग हिमालय से निकलने वाली नदियों के ऊपर निर्भर करते हैं।
पर हम क्या कर रहे हैं, क्या हमें ग्लोबल वार्मिंग की तनिक भी चिंता है, लोग दशकों से बोल रहे हैं कि मुंबई डूब जायेगी पर इसके लिये किसी ने क्या कभी कुछ किया नहीं… किसी की इच्छाशक्ति ही नहीं है। क्या हम अकेले कुछ कर सकते हैं जिससे ग्लोबल वार्मिंग को रोकने में कुछ मदद मिले…. ।

उत्तर भारतीय पत्नी Vs दक्षिण भारतीय पत्नी

इस पोस्ट को केवल और केवल मनोरंजन के रुप में लिया जाये यदि किसी भाई बहन को चोट लग जाये तो कृप्या बुरा न माने।

**** पत्नी के रुप में उत्तर भारतीय लड़की होनी चाहिये ****

१. शादी की उम्र के समय उत्तर भारतीय लड़की के बॉय फ़्रेंड उसकी उमर से ज्यादा होंगे।

२. शादी के पहले, वह लगभग बॉलीवुड की नायिका की तरह लगती है और् शादी के बाद उसे बाहों मै लेने के लिये उसके चारों और दो बार घूमना पड़ता है।

३. वह तुम्हें बहुत सारा प्यार करेगी, और तुम कंगाल हो चुके होगे लम्बे समय से उसके आने वाले दहेज दे इंतजार में क्योंकि तब तक तुम उसे कितनी ही बार फ़िल्में दिखा चुके होगे  और बाहर होटलों में खाना खिला चुके होगे।

४. वो केवल पनीर बटर मसाला, आलू सब्जी, आलू गोभी सब्जी, आलू मटर, आलू पनीर व्यंजनों को ही बनाने का सोच सकती है, जिसे खाने से तुम बिस्तर पकड़ लोगे या तो ज्यादा केलोस्ट्रल से या फ़िर अजीर्ण और् गैस विकार से।

५.विकास केवल आपको अपने कैरियर में बाद में बढ़ता हुआ दिखेगा, आपके मासिक फ़ोन का बिल.

६. तुम उसके प्यार में अंधे हो चुके होगे क्योंकि उसकी जुल्फ़ें सुनहरी हैं, पर बाद में आपको पता चलता है कि अरे इसकी वजह तो मेंहदी है, जो उसने अपने सफ़ेद बालों को छुपाने के लिये लगायी है।

७. जब तुम ऑफ़िस से अपने घर पहुंचोगे तो वो "क्योंकि सास भी कभी बहु थी" देखने में व्यस्त होगी, आप या तो बाहर ही खाना खा के आ जाओ या फ़िर खुद ही खाना पकाओ।

८. आप उसके लिये एक् बहुत ही "विशिष्ट" इंसान हें.

९. आपसे मिलने से पहले वह हमेशा से यह् सोचती है कि मद्रास एक राज्य है जो कि पूरे दक्षिण भारत को समाहित करता है.

१०.जब वह कहे कि वो "वर्क आऊट" (work out) पर् जा रही है, उसका मतलब होता है "वॉक आऊट" (walk out)

११. उसके रिश्तेदारों की संख्या तुम्हारे शहर में रहने वाले लोगों से ज्यादा होगी।

१२.अंग्रेजी के केवल दो वाक्य जानती होगी “Thank you” और "How are you"

**** पत्नी के रुप में दक्षिण भारतीय लड़की होनी चाहिये ****

१. उसकी माँ तुम्हें हमेशा नीचा दिखायेगी क्योंकि तुम आईआईटी से नही पढ़े हो या मद्रास / अन्ना यूनिवर्सिटी से नहीं पढ़े हो।

२. उसके पिताजी अपनी किसी भी बात को शुरु करते वक्त या खत्म करते वक्त "… I Say…" जरुर कहेंगे|

३. अगर तुमने उसके सामने हिन्दी के चार या उससे ज्यादा अक्षर के शब्द बोले तो उसको कंपकपी आने लगेगी।

४. उसके लंबे बाल होंगे, बड़े करीने से तेल से तरबतर (दुबई की तेल वाली कंपनी उसके बालों से नारियल का तेल निकालने के लिये  २५ साल के लिये करार पर बातचीत कर सकती है।)

५. वह “सुपर” शब्द का उपयोग केवल अपने लिये करेगी जब वह अपने उच्चतम शिखर पर होगी।

६. उसका नाम किसी देवी या फ़ूल के नाम पर होगा।

७. उसका पहला नाम आपके प्रथम नाम से बड़ा होगा, मध्यनाम और उपनाम संयुक्त होगा (अगर आप आंध्र से हैं)।

८. जब वह दूध/ दही और चावल मिला रही होगी आप कभी भी सुनिश्चित नहीं कर सकते कि ये कुत्ते के लिये है या उसके खुद के लिये।

९. शादी के लिये, उसे सिर पर चमेली का छोटा सा उद्यान होगा और मद्रास की गर्मी में भी असहज भाव से रेशमी साड़ियाँ पहने हुए पहनेगी। जबकि आप अपने एक कपड़े में गर्मी से परेशान हैं।

१०. उसके पसंदीदा क्रिकेटर कृष्णमचारी श्रीकांत है।

११. उसका पसंदीदा भोजन डोसा है, हालांकि उसने उत्तर भारतीय स्नैक्स जैसे कि चाट खाकर देखी है।

१२. वह हर गाने में कौन सा राग है बार बार बताकर तुमको बोर कर देगी।

१३. तुमको उसे गहने ही देना है, हालांकि उसके पास पहले से ही बहुत सारे हैं..

१४. उसके मंगलसूत्र का वजन WWF चेम्पियन की बेल्ट से भी ज्यादा होगा।

१५. उसके पिताजी हमेशा यही सोचेंगे कि उनकी बेटी तुमसे ज्यादा होशियार है।

मुंबई ब्लॉगर्स मीट रविवार ६ दिसंबर को आयोजित की जा रही है…

मुंबई ब्लॉगर्स मीट रविवार शाम के समय संजय गांधी पार्क में आयोजित की जा रही है, समय रहेगा शाम ४ बजे का।

अजय कुमार जी, सतीश पंचम जी, रश्मि रविजा जी, आभा जी, महावीर सेमलानी जी से बात हो चुकी है और उनकी सहमति भी मिल चुकी है।

जो ब्लॉगर बंधु मीट में आना चाहते हैं वे कृप्या मुझे ईमेल पर अपना मोबाईल नंबर उपलब्ध करवायें।

मेरा ईमेल पता है [email protected]

ये महेश भूपति क्रिकेटर कब से बन गये… मुझे तो नहीं पता … पर क्या आपको पता है… कि नवभारत टाईम्स ने …

आज के नवभारत टाईम्स में पेज नं १० पर एक समाचार है कि “लारा-भूपति लंदन में”। और इसमें लिखा है कि लारा दत्ता का नाम क्रिकेटर महेश भूपति के साथ जोड़ा जाने लगा। अब इस समाचार पत्र में किसे बताया जाये कि महेश भूपति क्रिकेट नहीं खेलते हैं वो टेनिस के खिलाड़ी हैं।

अब इन समाचार पत्र के हिन्दी शुरवीरों की क्या कोई सामान्य ज्ञान की परीक्षा लेने का साहस रखता है, नहीं !!!

बहुत दिनों से गलत खबरें पढ़ते रहे हैं पर आज फ़िर रुकते नहीं बना कि गलत खबर पढ़ते भी नहीं बन रही है, क्या ये टाईम्स ग्रुप का सिन्ड्रैला अखबार केवल हिन्दी के दिखावे के लिये प्रकाशित होता है, या वाकई हिन्दी के लिये गंभीर है, अगर कोई भी हिन्दी भाषी इस समाचार पत्र को पढ़ेगा तो वह इतनी गलतियां इसकी प्रकाशित सामग्री में निकाल सकता है कि इनको शर्म से डूब मरना चाहिये।

एमटीएनएल ने सबसे सस्ती मोबाईल टैरिफ़ प्लॉन बाजार में उतारा …. पर क्या ये मिस कॉल देने वाले सुधरेंगे…

सरकारी कंपनी एमटीएनएल ने आज मोबाईल के नये टैरिफ़ प्लान की घोषणा की जो कि अब तक के सर्विस प्रोवाईडर्स के दिये गये टैरिफ़ प्लान मे सबसे सस्ते हैं।

एमटीएनएल से एमटीएनएल – (०.५) आधा पैसा प्रति सैकंड

एमटीएनएल से दूसरे सर्विस प्रोवाईडर पर – १ पैसा प्रति सैकंड

जीपीआरएस प्रति १० के.बी. डाउनलोड का १ पैसा

अब इतनी सस्ती काल होने पर भी ये मिस कॉल देने वाले सुधरेंगे क्या या कॉल किया करेंगे। यह मानसिकता की बात है कि मेरे पैसे लग जायेंगे, अब आम आदमी को इस से ऊपर उठना होगा।

नंबर पोर्टेबिलिटी १ जनवरी २०१० से शुरु होने वाली है, पहले हम डोकोमो लेने की सोच रहे थे पर अब टैरिफ़ वार चल रहा है, अब एमटीएनएल का प्लान लेने की सोच रहे हैं।

जीवन की राहों में, बहुत संघर्ष हमने झेला है…. मेरी कविता… विवेक

जीवन की राहों में,
बहुत संघर्ष हमने झेला है,

सूरज की गरमी में,
पांवों के छालों को हमने सहा है,

जिंदगी की धूप में,
दिल की तपिश को हमने महसूस किया है,

तारों की छांव में,
चुभन शीतलता की भी महसूस की है हमने,

जिंदगी की दौड़ में,
उम्मीद है कि अब न कोई ऐसा एहसास होगा।

मुंबई के ब्लॉगर बंधु ध्यान दें – ब्लॉग मीटिंग के लिये आज मेरी बात अविनाश वाचस्पति जी से हुई …

आज मेरी बात अविनाश वाचस्पति जी से हुई, वे शनिवार ५ दिसंबर को मुंबई पहुँच रहे हैं। मुझे हालांकि लगभग ४ वर्ष मुंबई में रहते हुए हो गये हैं परंतु किसी भी मुंबई के ब्लॉगर से मुलाकात नहीं हुई है या यह कह सकते हैं कि कभी कोशिश नहीं की, पर अब अविनाश जी आ रहे हैं यही कड़ी जोड़ने के लिये। हमारी भी कोशिश है कि अधिक से अधिक ब्लॉगर मिलें और भौतिक रुप से उपस्थिती दर्ज करवाकर ब्लॉगर परिवार को परिचित करवाना है।

कृप्या बतायें कि कहाँ मिलना अच्छा रहेगा, मैं कांदिवली में रहता हूँ, सभी ब्लॉगर्स अलग अलग जगह पर रहते होंगे, इसलिये किसी ऐसी केन्द्रीय जगह का चुनाव कर लिया जाये जहाँ सबको आने जाने में सुविधा हो। जैसे कि दादर का शिवाजी पार्क, चर्च गेट, फ़ोर्ट में किसी बगीचे या कैफ़े में, मरीन ड्राईव कहीं भी बस ज्यादा से ज्यादा ब्लॉगर्स आ पायें यही कोशिश है।

ऐसे ही समय भी पक्का कर लिया जाये अभी हमारे पास ४ दिन हैं और हम कार्यक्रम निश्चित तौर पर अच्छी तरह से कर पायेंगे।

उम्मीद है सभी से सहयोग की।

मुझे आप ईमेल कर सकते हैं और अपना व्यक्तिगत मोबाईल नंबर भी, संपर्क करने का उचित समय भी दें तो बहुत ही अच्छा होगा तो हम आपस मैं बात कर सकते हैं।

विवेक रस्तोगी

मेरी तस्वीर जो केवल मेरे मन के आईने में नजर आती है….मेरी कविता ….. विवेक

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मेरी तस्वीर जो केवल,

मेरे मन के आईने में नजर आती है,

दुनिया को कुछ ओर दिखता है,

पर अंदर कुछ ओर छिपा होता है,

मेरा स्वरुप पारदर्शी है,

पर आईने को सब पता होता है,

जैसा मैं हूँ वैसा मैं ,

तत्व दुनिया को दिखाता नहीं हूँ,

आईना आईना होता है,

पर वो अंतरतम में कहीं होता है,

तस्वीर चमकती रहती है,

जिसे दुनिया तका करती है।

आज मन धीर है, गंभीर है…… मेरी कविता…..विवेक

आज मन धीर है,

गंभीर है,

भविष्य के गर्भ में,

क्या है,

वो जानने के लिये,

अधीर है,

कोई चिंता नहीं है,

फ़िर भी,

बहुत ही बैचेन है,

जाने क्यों,

जिंदगी की धार में,

बहते हुए,

जिंदगी की धार पर,

चलते हुए,

आज मन धीर है,

गंभीर है।