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सुबह के मन का आलस या जिद बहुत खतरनाक होते हैं।

हर रोज हम जो काम करते हैं, वह निरंतर करने की इच्छा कभी कभी नहीं होती है, हम उस क्रम को किसी न किसी बहाने तोड़ना चाहते हैं। सुबह के मन का आलस या जिद बहुत खतरनाक होते हैं। सुबह उठकर कई बार ऐसा लगता है कि आज फिर काम पर जाना है, खाना बनाना है या स्कूल जाना है। मतलब कि जो भी काम हम नियमित रूप से कर रहे हैं, उस क्रम को हम तोड़ना चाहते हैं। इसे आलस कहें या जिद कहें, पर यह होता सबको है। यकीन मानिये कि आपको अगर यह नहीं होता तो आप असाधारण मानव है। Continue reading सुबह के मन का आलस या जिद बहुत खतरनाक होते हैं।

MTR (मवाली टिफिन रूम्स) बैंगलोर

बहुत दिनों से चिकपेट जाने का कार्यक्रम बन रहा था, पर जा ही नहीं पा रहे थे, 2 सप्ताह पहले भी गये थे, पर रास्ता भटकने की वजह से वापिस आ गये। इस बार फिर से कार्यक्रम कल सुबह बना, अपने सारे कार्य निपटाकर चल पड़े, भोजन का समय था MTR(मवाली टिफिन रूम्स) अपने खाने के लिये बहुत प्रसिद्ध है। हम वैसे भी कई बार MTR के भोजन का आनंद ले चुके हैं, परंतु हर मौसम का अपना अलग आनंद होता है। सर्दियों के शुरूआत होने से मीठा अलग हो जाता है।

पार्किंग के लिये MTR के आसपास बहुत से निजी पार्किंग उपलब्ध हैं, सड़क पर गाड़ी न खड़ी करें, एकदम मुस्तैद पुलिस गाड़ी टो करके ले जायेगी। पार्किंग MTR के बिल्कुल सामने ही पार्किंग कर सकते हैं या फिर 3-4 दुकान छोड़कर बिल्कुल कोने पर भी एक पार्किंग बनी है, वहाँ पार्किंग कर सकते हैं।

दोपहर के भोजन का समय 3 बजे तक ही है, इसके बाद ये लोग भोजन याने कि थाली नहीं परोसते, शनिवार और रविवार को रात्रि भोजन भी उपलब्ध रहता है, यह कल मैंनें MTR में पढ़ा था। अगर और किसी समय जा रहे हों तो डोसा, बिसिबेला भात जरूर खायें। खाने के विविध व्यंजन उपलब्ध हैं।

MTR की थाली खाना भी अपने आप में बहुत बड़ी बहादुरी है, हमने तो एक नियम बना रखा है कि कोई भी चीज दोबारा नहीं लेते हैं, तब जाकर सारी चीजें खा पाते हैं। MTR में घुसने के बाद सबसे पहले काऊँटर पर आप अपना बिल पे कर दें, प्रीपैड काऊँटर है। और उसके बाद पहली मंजिल पर चले जायें, जहाँ आपको अपना बिल दिखाना होता है, और वहाँ मौजूद स्टॉफ आपको एक नंबर देगा, क्योंकि इंतजार यहाँ कम से कम 10-20 मिनिट का होता है। हम भी इंतजार कर रहे थे, तब हम बात कर रहे थे कि यह रेस्टोरेंट 92 वर्ष पुराना हो चुका है, और पता नहीं कितने लोग कहते हैं कि विश्व का सबसे अच्छा डोसा यहीं मिलता है।

हमारा नंबर आ चुका था, इस रेस्टोरेंट की खासियत है कि यहाँ गंदगी का नामोनिशान नहीं मिलेगा, सफाई का हर जगह, हर तरफ ध्यान दिया जाता है। सबसे पहले हमें अंगूर का जूस सर्व किया गया और फिर थाली जिसमें कि खुद की ही कटोरियाँ हैं, दी गई और साथ ही चम्मच भी दी गई।

angoor ka juice
angoor ka juice

सबसे पहले नारियल चटनी सर्व की गई, फिर आलू की सब्जी, हलवा (मूँग का हलवा लग रहा था), सलाद (किसा हुआ गाजर और भीगी हुई मूँग दाल), बादाम हलवा, सब्जी (जिसमें हमें लगा कि कच्चे मसाले हैं और थोड़ी तेल स्वाद के लिये मिलाया गया है), मूँग बड़ा औऱ डोसा। यह पहला राऊँड था।

worlds best dosa at MTR
worlds best dosa at MTR

दूसरा राऊँड – इसके बाद पूरी दी जाती है।

poori at MTR
poori at MTR

तीसरा राऊँड – बिसिबेला भात, रायता, चिप्स और अचार।

bisibela bhat at MTR
bisibela bhat at MTR

चौथा राऊँड – सादा चावल, सांभर।

chawal sambhar at MTR
chawal sambhar at MTR

पाँचवा राऊँड – सादा चावल, रसम।

rasam at MTR
rasam at MTR

छठा राऊँड – दही चावल।

curd rice at MTR
curd rice at MTR

सातवाँ राऊँड – पान।

pan at MTR
pan at MTR

आठवाँ राऊँड – फ्रूट आईसक्रीम।

fruit icecream at MTR
fruit icecream at MTR

खाना अनलिमिटेड है, पान और फ्रूट आईसक्रीम लिमिटेड है।

खाने का भरपूर आनंद उठायें, और अपने पेट का भी ध्यान रखें।

NDTV बड़ा ही देशद्रोही चैनल है

NDTV बड़ा ही देशद्रोही चैनल है, भले हिंदी वाला हो या अंग्रेजी वाला, आज अभी थोड़ी देर पहले अंग्रेजी वाले चैनल पर झारखंड में भूख से हुई कुछ मौतों पर कार्यक्रम आ रहा था, जिसमें सरकार से जुड़ा हर आदमी बेशर्मी से कह रहा था, कि सब प्राकृतिक मौत हैं। और मरने वाले ने दाल भात भी खाया व परिवार के लोग 2-3 हजार महीना कमाते हैं, लोगों का कहना है कि आधार कार्ड लिंक नहीं हुआ है तो उन्हें राशन की दुकान से राशन नहीं मिल रहा। इस पर भी केंद्र और राज्य के बयान विरोधाभासी हैं।

किसी को कोई क्लिएरिटी नहीं है, गरीब मर रहे हैं, देखकर मन अजीब सा हो रहा है। मानवीयता को शर्मसार करने वाले लोग आज भी हैं।

बेटेलाल साथ बैठकर देख रहे थे, वे ख़ुद ये सब देखकर द्रवित थे, उनको राशन कार्ड के बारे में नहीं पता, तो उनको बताया कि राशन कार्ड से क्या होता है और क्यों जरूरी है। ये भी बताया कि जितने रूपये चॉकलेट और आइस्क्रीम एक महीने में खर्च कर देते हो, उतने में तो एक परिवार का महीने भर का राशन आ जाता है।

वे अवाक रह गये!!

मम्मी जी की असामान्य स्वास्थ्य की बातें (Unusual Health problems)

हर वर्ष अप्रैल या मई में ही घर जाने का कार्यक्रम होता है, हम हमेशा ही कोशिश करते हैं कि लगभग सभी से मिल लें, समय हमेशा ही कम होता है, परंतु फिर भी उसी समय में सब जगह जाना, सबसे मिलना और साथ ही थोड़ा बहुत घूमना भी करना होता है। इस वर्ष भी हम दिल्ली, धौलपुर, उज्जैन और इंदौर गये थे, साथ ही धौलपुर के पास मुरैना में ही चौंसठ योगिनी का मंदिर और बहुत पुराने मंदिरों की श्रंखला पढ़ावली और बटेश्वर भी गये थे। इन मंदिरों के बारे में और यात्रा के बारे में विस्तार से लिखने का सोचा था, बहुत सारे फोटो खींचे थे, जो कि हमने इंस्टाग्राम पर शेयर भी किये थे। अब थोड़ा थोड़ा समय निकाल कर लिखेंगे।

जब इस बार हम उज्जैन पहुँचे तो मम्मी जी और पापा जी अच्छे से चल फिर रहे थे और अपने लगभग सारे कार्य सामान्य रूप से ही कर रहे थे, अपने आप में पूरे आत्मविश्वास से लबरेज थे। जब आप अपने आधारस्तंभों को आत्मविश्वास से लबरेज देखते हैं तो अपने आप ही हमारे अंदर बेहद आश्चर्यजनक रूप से बहुत सी शक्ति, ऊर्जा के संचार होने लगता है। मम्मी जी की तबियत कई दिनों से खराब चल ही रही थी Continue reading मम्मी जी की असामान्य स्वास्थ्य की बातें (Unusual Health problems)

ऑफिस में टिफिन न खाया तो क्या करें? घर पर झगड़ा मोल लें? कैसे बचें?

रोज सुबह हमारी घरवालियाँ ऑफिस के लिये टिफिन तैयार करके देती हैं, वे सुबह जल्दी उठकर, सारी सब्जियाँ काटकर, पकाकर, अच्छे से सजाकर ऑफिस के लिये टिफिन तैयार करके देती हैं। परंतु कई बार होता है कि हमें या तो टिफिन का खाना अच्छा नहीं लगता है, टिफिन पास में होते हुए भी बाहर का खाना खाने की इच्छा होती है या फिर ऑफिस पहुँचने पर हमें पता चलता है कि आज ऑफिस में कोई सहकर्मी या ऑफिस की तरफ से दोपहर के भोजन का प्रबंध किया गया है। पर जब हमारे पास घर का खाना याने कि टिफिन होता है तो हमारा मन नहीं मानता है और इस प्रकार की स्थिती से सामना विभिन्न प्रकार से किया जाता है। मुझे पता है यह समस्य़ा बहुत से लोगों के साथ होती है। आज की भागती दौड़ती जिंदगी की समस्यायें कंपनियाँ भी समझती हैं और कई कंपनियाँ तो दोपहर का भोजन भी उपलब्ध करवाती हैं, कुछ कंपनियाँ अपने कर्मचारियों का भोजन प्रबंध अपना दायित्व समझती हैं तो कुछ किसी भोजन कांट्रेक्टर को ठेका दे देती हैं। कैसे इन परिस्थितियों को सामना किया जाये, यह महत्वपूर्ण है – Continue reading ऑफिस में टिफिन न खाया तो क्या करें? घर पर झगड़ा मोल लें? कैसे बचें?

साइबर क्राइम (Cyber Crime) से होने वाले खतरे

अधिकतर संगठित साइबर क्राइम (Cyber Crime) धन के लिए ही किए जाते हैं जिसमें सबसे ज्यादा फ्रॉड बैंकिंग में होते हैं। जब हैकर कारपोरेट खातों पर अटैक करते हैं, जिससे बहुत ही कठिन सुरक्षा चक्रों को तोड़कर वह सारी सुरक्षा को धता बता देते हैं। लेकिन अगर हैकिंग के पीछे बड़े कारण देखें तो वह है धन, याने कि पैसा जल्दी से जल्दी पैसा कमाना। धन के लिए हैकिंग करना व किसी और चीज के लिए हैकिंग करने में दोनों का अनुपात 99 और 1 का है। हैकिंग में जिन टूलों की मदद ली जाती है वे हमेशा साइबर पर ही गुप्त तरीके से रखे जाते हैं, जो सबसे खतरनाक बात है। यही टूल और वायरस साइबर और कंप्यूटर दोनों के लिए समान रूप से खतरनाक है, इसके लिए वायरस से निपटने वाली कंपनियाँ और हैकिंग से निपटने वाली कंपनियों को दोनों ही प्रकार के खतरों से निपटना आना चाहिये। नॉर्थ कोरिया की स्पेशल फोर्सेस ने साइबर हथियार विकसित कर लिया है, इसका एक बेहतरीन उदाहरण बैंक ऑफ बांग्लादेश का है। 81 मिलियन डॉलर की लूट में रशिया की  साइबर सिक्योरिटी कंपनी का दावा है कि यह लूट नार्थ कोरिया की स्पेशल फोर्स का कारनामा है।
हमारे पास इस तरह के विशेषज्ञ होना चाहिए जो कि डिजिटल क्राइम इंवेस्टिगेशन कर सकें, डिजिटल फॉरेंसिक इंवेस्टिगेशन कर सकें। हमारे पास आधुनिक फॉरेंसिक लैब होनी चाहिये, जहां पर क्लासिक डिजिटल और मैलवेयर फॉरेंसिक दोनों सुविधाएं उपलब्ध हों और यह फॉरेंसिक लैब हमारे देश के कंप्यूटरों को सुरक्षा भी प्रदान कर सके। इस तरह की फॉरेंसिक लैब में हमारे बहुत सारे हैकर्स होने चाहिए जो की एक क्लोज ग्रुप के जैसा काम करें। यह फॉरेंसिक लैब हमारे भारतीय इन्फ्रास्ट्रक्चर की भी सुरक्षा करने में सक्षम होने चाहिए। जब तक आप साइबर क्रिमिनल को पहचानोगे नहीं, तब तक आप उन्हें पकड़ भी नहीं पाओगे। तो इंफ्रास्ट्रक्चर और ह्यूमन इंटेलिजेंस स्केल बहुत जरूरी है इस फॉरेंसिक लैब में कम से कम 500 लोग होना चाहिए और इन फॉरेंसिक लैब को आईटी कंपनियाँ, बीएफएसआई सेक्टर यूनिट्स, सरकारी एजेंसियाँ और कंपनियाँ जिनके ब्रांड प्रसिद्ध हैं, उन सबको सेवाएं देनी चाहिए

हमें बहुत ही मजबूत साइबर क्राइम सेल चाहिए जिससे कि यह हम सुनिश्चित कर सकें कि जो भी हमारा क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर है, उसके ऊपर हैकर आक्रमण ना कर सकें। साधारणतया हैकर उन्हीं क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को हैक करने की कोशिश करते हैं, जहाँ से उन्हें बहुत सारे पैसे मिलने की उम्मीद होती है। अगर क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर जो कि सुरक्षित है, वह इसलिए क्योंकि बहुत सारे लोग उस पर एक साथ आक्रमण नहीं कर रहे हैं। अगर बहुत सारे हैकर एक साथ इन क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर आक्रमण करें तो वह इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित नहीं रहेगा

इन फॉरेंसिक लैब्स के लिए बड़े क्लाइंट हो सकते हैं बैंक फाइनेंशियल सर्विसेस कंपनियाँ, बीमा कंपनियाँ, मिलिट्री सरकारी कंपनियाँ, स्टॉक मार्केट।

जापान और जर्मनी अपने कंप्यूटर नेटवर्क और इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित करने में सबसे आगे हैं, और सब जगह जब तक कोई घटना नहीं हो जाती तब तक कोई कार्यवाही नहीं की जाती। तभी इस तरह की घटनाओं को रोकने की कोशिश की जाती है जब कोई हमला होता है। इसे इस तरह से भी समझा जा सकता है कि जब तबियत खराब होगी तभी हम उसे ठीक करने की सोचेंगे।

रैनसमवेयर वानाक्राई WannaCry Ransomware एंटरप्राइज यूजर्स के लिए इस साल की सबसे बड़ी शिक्षा है, अब 2017 के बाद वाले भविष्य में आप सुनिश्चित कर लें या तो आपके पास बैकअप हो हमेशा या फिर आप इंटरनेट या कंप्यूटर को उपयोग करना बंद कर दें।

उक्तियाँ हमारे जीवन को नई दिशा देती हैं

आज सुबह जब मैं सोकर उठा तो मेरे लिए एक उदासी भरे दिन की शुरुआत थी। मैं किसी परेशानी को लेकर असमंजस की स्थिति में था। सुबह उठने के बाद नित्य कर्म से निवृत्त होकर रोज ही उक्तियाँ लिखता था, पर आज बेटेलाल को स्कूल भेजने की तैयारी में जुट गया। मैं अपने आपको कहीं व्यस्त रखना चाह रहा था । बहुत ही धीमी गति से वक्त व्यतीत हो रहा था। मैं किसी चीज को अपने से परे धकेलना चाह रहा था, पर वह चीज धकेली ही नहीं जा रही थी। Continue reading उक्तियाँ हमारे जीवन को नई दिशा देती हैं

Petya ransomware attack पेटया रैनसमवेयर अटैक

केवल 6 हफ्ते पहले ही वानाक्राई रैनसमवेयर से पूरा विश्व लड़ रहा था और अब फिर से पूरा विश्व एक और रैनसमवेयर अटैक याने कि Petya ransomware attack  से थर्रा रहा है लोग अभी वानाक्राई के अटैक को भूल भी नहीं पाए थे की पेटया रैनसमवेयर आ गया।

Petya Ransomware Attack
Petya Ransomware Attack

यह साइबर आक्रमण सबसे पहले यूक्रेन में हुआ था, साथ ही Central Bank, अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, यहां तक की चरनेबल न्युक्लियर फैसिलिटी और बहुत सारी यूरोप, नॉर्थ अमेरिका और यहां तक कि आस्ट्रेलिया की भी संस्थाएं चपेट में है अभी रैनसमवेयर आक्रमण हुए कुछ ही समय बिता है और लगभग 2000 आक्रमण रिकॉर्ड किए जा चुके हैं अभी तक 64 देशों से रैनसमवेयर अटैक की सूचना आ चुकी है।

अभी तक प्राप्त सूचनाओं के अनुसार पेटया रैनसमवेयर वायरस मॉडिफाई वर्जन है जो की गोल्डन आई और वानाक्राई एलिमेंट्स को मिलाकर बनाया गया है।

इस वायरस में गोल्डन आई वायरस जो की पूरी हार्ड डिस्क को एंक्रिप्ट ही नहीं करता था बल्कि पूरे नेटवर्क को अनुपयोगी बना देता था, साथ में वही विंडोज की नीली स्क्रीन जो कि वानाक्राई का फीचर है दिखाता है जिससे अब तक तीन लाख कंप्यूटर पूरे विश्व में संक्रमित हैं।

इसके पहले की माइक्रोसॉफ्ट अपने सिक्योरिटी पेच रिलीज कर पाता नए रैनसमवेयर वायरस के अटैक ने बहुत सारे कंप्यूटरों को संक्रमित कर दिया है और जिन कंप्यूटरों पर नए पैचेस आ भी गए हैं उनपर भी पेटया रैनसमवेयर आक्रमण कर सकता है।

लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी और सारे विश्व की साइबर सिक्योरिटी कंपनियां इस आक्रमण की तहकीकात में लगी हुई हैं। यहां तक कि कुछ शोधकर्ताओं ने अस्थायी तरीका इस वायरस से बचने का दिया है, पर सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि एक रैनसमवेयर अटैक के 6 हफ्ते के बाद ही एक और बड़ा रैनसमवेयर का हमला कैसे हो गया?

जो भी इस आक्रमण के पीछे हैं, उनके ईमेल एड्रेस से जो भी बिटकॉइन रेनसम के रूप में ट्रांसफर होने वाले थे, उन सबको होस्ट कंपनीयों ने डिसेबल कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अगर रैनसमवेयर के आक्रमण के कारण अगर कोई फिरौती में बिटकॉइन देता है तो वह उसका उपयोग नहीं कर पाएंगे, मतलब नगद नहीं मिल पाएगा।

बहुत सारे सबूत इस बात के भी मिले हैं कि गोल्डन आई पेटया रैनसमवेयर जिन लोगों ने भी फैलाया है, उनका मकसद फिरौती की रकम उगाहना नहीं था बल्कि डाटा को खराब करना था । जिस तरीके से रैनसम मांगी जा रही थी, उससे यह बात पता चली है । लेकिन जिन लोगों ने रैनसम दे भी दी उनके डाटा सुरक्षित मिल ही गए इसकी भी कोई रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है।

केवल 6 हफ्ते में इतना बड़ा रैनसमवेयर आक्रमण हुआ है जोकि वानाक्राई से भी ज्यादा तगड़ा था। अब इस बात की क्या गारंटी है कि आने वाले निकट भविष्य में कोई और रैनसमवेयर अटैक नहीं होगा और अगर रैनसमवेयर अटैक हुआ तो हम उसके लिए कितने तैयार हैं। इस बार रैनसमवेयर से और ज्यादा लोग संक्रमित होंगे।

रैनसमवेयर अटैक से बचने के लिए आपको क्या करना होगा –

आप अपने ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर के सारे नई पैचेस डाउनलोड कर लें । अपने ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर अप टू डेट रखें और ध्यान रखें कि किसी भी लिंक पर क्लिक करें तो सोच समझकर करें।कोई भी ईमेल का अटैचमेंट डाउनलोड ना करें। केवल यह दो तरीकों से आपके कंप्यूटर में रैनसमवेयर का आक्रमण हो सकता है। अगर आपने इतना एहतियात रखा तो आप रैनसमवेयर वायरस के आक्रमण से बच सकते हैं।

अच्छी नींद का कारोबार

कौन कितना दौलतमंद है, ताकतमंद है, इसे जानने के लिए उसकी नींद पर गौर करें। आजकल नींद का कारोबार प्रगति पर है और तरह तरह के शोध और प्रयोग हो रहे हैं।

क्या कभी ऐसा भी हो सकता है कोई आवाज़ लगाता हुआ आये, नींद ले लो नींद, इतने रुपए किलो नींद ले लो। तो क्या आप कभी नींद खरीद पाएंगे। या बाजार जाएं और बाजार से अपने लिए कुछ घंटों की आरामदायक नींद खरीद कर ला पाएं। हो सकता है कि तकनीक के कारण भविष्य में यह भी संभव हो।

इस बारे में बहुत शोध हुए हैं जिसमें नींद को केंद्र में रखा गया है, और पता लगाने की कोशिश की गई कि नींद गहरी आने के लिए या कितने समय सोना चाहिए, उसके लिए किन तत्वों का ध्यान रखना चाहिए। लेकिन शोध भी तभी काम आते हैं जब हम उनके बताए गए रास्तों को बहुत ही गंभीरता से अपने जीवन में उतारें।

नींद ना आने के कारण सबसे बड़ी समस्या होती है हमारा दिन, हमारी दिनचर्या पूरी तरह से हमारी नींद पर निर्भर करती है क्योंकि नींद ना आने से हम हमेशा ही कहीं ना कहीं नींद के नशे में कुछ प्रतिशत हमेशा रहते हैं। जिससे हम हमारे दिमाग को पूर्णतया अपने किसी काम में नहीं लगा पाते हैं, और हम कई बार कुछ चाहे-अनचाहे गलतियाँ कर ही देते हैं।

vividus mattress

केवल नींद लेना ही महत्वपूर्ण नहीं है। अच्छी नींद लेना महत्वपूर्ण है।अच्छी नींद के लिए अपने दिमाग को शांत रखना जरूरी है। नींद के लिए जो वातावरण चाहिए वह जरूरी है, जिसमें बिस्तर की गर्मी, सिर के नीचे लगाने वाला तकिया, ओढ़ने के लिए चादर और आप क्या पहन कर सो रहे हैं, इन सब की भी बहुत अहम भूमिका है। हमें समय से सोने के अलावा, हमारी नींद भी गहरी हो अच्छी हो, इस पर भी ध्यान देना चाहिए। अभी स्वीडिश ब्रांड होस्टन ने विविड्स नाम का 96 लाख रुपए का गद्दा बनाया है। जिसे वह कहते हैं कि यह सही तरह से नींद पूरी करने के लिए बनाया गया है, जिसके अंदर कोई भी गर्म करने वाली रबर या प्लास्टिक मटेरियल का उपयोग नहीं किया गया है और वह गद्दा केवल ऑर्डर पर बनाते हैं। कंपनी इस गद्दे को विश्व का सबसे बेहतरीन बिस्तर बता रही है।

 

Dreem Hedset
Dreem Hedset

आजकल ऐसी बहुत सी मशीनें आ रही हैं जो आपकी नींद को रिकॉर्ड करती है, जो बैंड आप हाथ में पहन लेते हैं या फिर कई ऐप है जो स्मार्टफोन में उपलब्ध हैं, जिससे पता चलता है कि आप किस प्रकार की नींद ले रहे हैं। लेकिन यह सारे गेजेट्स नींद अच्छी बनाने में सहायक नहीं हैं। अभी सिलिकॉन वैली में एक गैजेट डिजाइन हुआ है जो कि लगभग $400 में प्री ऑर्डर पर उपलब्ध है और उनका दावा है कि ड्रीम हेडसेट लगाने से आप बहुत गहरी नींद में सो पायेंगे। वैसे कई लोगों का मानना है कि सिल्क के तकिए के कवर हैं तो उससे नींद बहुत अच्छी आती है।

यह कहना वाकई बड़ा मुश्किल है कि नींद का गणित क्या है? नींद के कारोबार में हमें किस चीज का ध्यान रखना चाहिए? क्या हमें बराबर थकान होनी चाहिए या फिर हमें हमारे विचारों के ऊपर नियंत्रण करना चाहिए या जो हम पहनकर सोते हैं, ओढ़ते हैं बिछाते हैं, उनमें बदलाव किया जाना चाहिए। यह शायद बेहद निजी और गोपनीय अनुभव होते हैं और सब के लिए अलग अलग अनुभव होते हैं।

14 जून रक्तदान दिवस है Celebrating the Blood Donors #SharingLife

Celebrating the Blood Donors #SharingLife

Donating blood is not only a noble act but also a necessary one. Blood that matches the receiver’s blood group and which is safe to be used is difficult to find easily in hours of emergency. To promote this noble cause we celebrate 14th June as World Blood Donors Day.

On this day we express our gratitude towards the individuals who donate their blood with the hope of saving a precious life. To further support this cause a new app, named Life is also available on the Google Play Store. This app helps you locate donors and recipients in nearby places easily in hours of need.

Donating blood does not only let you save a life, but also lets you share your life with someone in need. It is an act of passing on something precious to someone who needs it more. So, let us all pledge to donate towards saving precious lives, and contribute towards making the world a better place.

#SharingLife

रक्तदान करना बहुत अच्छा काम है और हमें यह निश्चित अंतराल पर करते रहना चाहिए, जिससे हम हमारे समाज में रक्त के लिए हुई कमी को पूरा कर सकें।

हमें उन सभी व्यक्तियों के प्रति सम्मान दिखाना चाहिए जो रक्तदान करके अनमोल जीवन को बचाने का प्रयत्न कर रहे हैं। यह एक नया ऐप है लाइफ जो कि गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है, तो इस एप से आप अपने आसपास के रक्तदाताओं को या फिर जिनको जरूरत है उन लोगों को आराम से ढूंढ सकते हैं।

तो आइए हम भी प्रतिबद्ध हो की हम भी रक्तदान में सहयोग करेंगे जिस से हम कई अनमोल जीवन को बचा सकें। रक्तदान करने के पहले हमें निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए

1) अगर शराब का सेवन करते हैं तो 48 घंटे तक शराब का सेवन ना किया हो।

2) अगर धूम्रपान करते हैं तो कम से कम 4 घंटे तक धूम्रपान न किया हो ।

3) अगर कुछ खाया पिया हो तो वह कम से कम 3 घंटे पहले खाया पिया हो।