All posts by Vivek Rastogi
निवेश के लिये सोने के सिक्के या गहने की जगह गोल्ड ईटीएफ़ खरीदें।
निवेश के लिये सोने के सिक्के खरीदने से अच्छा है कि इसका ईटीएफ़ खरीदें जो कि सोने के बाजार भाव में ही मिलता है जैसे कि कोटक गोल्ड, रिलायंस गोल्ड और जब भी निवेश का रिटर्न चाहिये उसे बेच सकते हैं, और यह आपके डीमैट अकाऊँट में रहता है, इससे आपके मेकिंग चार्जेस बचते हैं जो कि १५० रुपये प्रति ग्राम रहते हैं।
जैसे कि २ ग्राम सोने का सिक्का निवेश के लिये खरीदते हैं तो वह ३५०० रुपये का मिलता है और कोटक गोल्ड खरीदते हैं तो वह ३१५० रुपये का मिलेगा और जो भी ब्रोकरेज होगा जो कि लगभग ५० रुपये होगा। अब जब आपको सोने का रिटर्न चाहिये तो जब आप वह सिक्का बेचेंगे तो लगभग १५० रुपये प्रति ग्राम या इससे ज्यादा भी वापसी के समय ज्वैलर काटा लेगा परंतु अगर कोटक गोल्ड बेचेंगे तो केवल ब्रोकरेज ही देना होगा। फ़िर आप चाहें तो वह धन अपने उपयोग में लें या फ़िर उससे सोना खरीदकर गहने बनवा लें।
गोल्ड ईटीएफ़ आप हर महीने एक शेयर भी खरीद सकते हैं जो कि सोने के एक ग्राम मूल्य के बराबर होता है। और चाहे तो बाद में बेच दें जब गहने बनवाने लायक सोना आपके पास हो जाये।
“कालिदास और मेघदूतम के बारे में” श्रंखला खत्म, आपके विचार बतायें
दीपों के त्यौहार दीपावली पर आप सब को बहुत बहुत शुभकामनाएँ।
शेयर बाजार का विश्लेषण – पिछली दीपावली से इस दीपावली तक, और इस दीपावली से अगली दीपावली तक.. आगे भविष्य में बाजार जगमग होगा।
पिछली दीपावली पर शेयर बाजार और इस दीपावली पर शेयर बाजार में बहुत अंतर है, पिछली दीपावली पर निवेशक बाजार में बहुत कुछ गँवा चुके थे और शेयर बाजार अपने लगभग न्यूनतम स्तर पर था। इस बार बाजार में चारों तरफ़ रौनक ही रौनक है, मंदी के दिन छट चुके हैं, बाजार अच्छे तरह के संकेत दे रहा है। सोना चांदी भी अपने उच्चतम स्तर पर हैं।
ई फ़र्स्ट ग्लोबल के शंकर शर्मा (हम इनके बहुत बड़े पंखे (फ़ैन) हैं) के मुताबिक पिछले साल रियलिटी सेक्टर ने अच्छा किया जितना कि उम्मीद नहीं थी। FMCG सेक्टर ने भी अच्छा किया है। और इस साल FMCG, ऑटो सेक्टर से बहुत उम्मीद है । बाजार को नई ऊँचाई पर जाने के लिए रिलायंस ग्रुप का झगड़ा निपटना बहुत जरुरी है, रिलायंस इंडस्ट्रीज जल्दी ही अपने नये नवीनतम स्तर पर पहुँचते हुए देख सकते हैं जो कि ३५०० रुपये हो सकता है, तो कुछ शेयरों के लिये उनका कहना है कि बाजार को अपने उच्चतम स्तर पर जाने के लिये उनको भी अपने नये स्तरों को छूना होगा जैसे कि TCS १२०० रुपये, इन्फ़ोसिस ३५०० रुपये, विप्रो ९०० रुपये।
इस दीपावली से अगली दीपावली तक FMCG, ऑटो और एयरलाईन्स सेक्टर को बहुत अच्छा बताया है साथ ही हीरो होंडा और बजाज ऑटो को सबसे अच्छा निवेश बताया है।
टेलीकॉम सेक्टर में हाथ न डालने की सलाह दी गई है, इस सेक्टर की स्थिती को डॉटकाम के बूम जैसा बताया गया है कि टेलीकॉम में वही हालत होने वाली है उससे दूर रहें।
अगले सालों में २०% का चक्रवर्ती रिटर्न मिलने का भरोसा है। फ़ेयर वैल्यू इंडेक्स १३००० माना है। फ़िर भी बाजार को अच्छा बताया है।
दलाल स्ट्रीट जनरल मैग्जीन ने पिछले साल दीपावली पर जो पोर्टफ़ोलियो खरीदने के लिये सलाह दी थी इस दीपावली पर लगभग ६७% रिटर्न मिला है। जिसमें मारुति, एल एन्ड टी, इमामी, हनीवैल ऑटो, अरेवा टी एन्ड डी, क्रिसिल, नेस्ले इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, एचडीएफ़सी, ऐशियन पेन्टस, सन फ़ार्मा थे।
इस बार दीपावली के पोर्टफ़ोलियो में सीईएससी, एचसीसी, एल एन्ड टी, एम्फ़ेसिस, ओरिंयंट पेपर, रेनबेक्सी, एस आर एफ़, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, सिन्डिकेट बैंक, ट्यूलिप टेलिकॉम और कोलगेट पामोलिव में निवेश करने की सलाह दी गई है।
सभी तरह से भविष्य में बाजार के प्रति अच्छी संभावनाएँ बतायी जा रही हैं, मंदी की स्थिती से बाजार निकल रहा है।
सोने ने १५% का रिटर्न दिया है आगे उम्मीद इससे भी अच्छी है। चाँदी १७००० से २७००० हो गई है और भविष्य में भी लोग चाँदी अच्छे से काटेंगे।
कुछ बातें कवि कालिदास और मेघदूतम़ के बारे में – ४१
की चाँदनी वाली रातें” इसमें कोई असंगति नहीं बैठती।
प्रेक्षा दिदृक्षा रम्येषु तच्चिन्ता त्वभीलाषक:।रागस्तासड़्गबुद्धि: स्यात्स्नेहस्तत्प्रवणाक्रिया॥तद्वियोगऽसहं प्रेम, रतिस्तत्सहवर्तनम़्।श्रृड़्गारस्तत्समं क्रीड़ा संयोग: सप्तधा क्रमात़्॥
कुन्दप्रसवशिथिलम़् – कुन्द पुष्प चमेली के पुष्प को कहते हैं, यह पुष्प शाम को खिलता है और प्रात:काल मुरझा जाता है; अत: महाकवि ने विरह पीड़ित प्राणों को प्रात:कालीन चमेली के पुष्पों के समान कहा है।
ते विद्युता विप्रयोग: मा भूत़् – विद्युत को मेघ की पत्नी बताया गया है। श्लोकार्द्ध में मेघ के प्रति मंगल कामना की गयी है कि वह अपनी प्रिया से क्षण भर के लिए भी वियुक्त न हो। वास्तव में यक्ष ने अपनी प्रिया से वियोग सहा है और वह जानता है कि वियोग कितना कष्टकारक होता है। इस प्रकार मेघदूत मार्मिक मंगल-वाक्य के साथ समाप्त होता है।
धर्म प्रचार पर हंगामा हो रहा है हमारी ब्लॉग दुनिया में, इसे दूर करें !!!!! विरोध में सात दिन ब्लॉग पर पोस्ट पब्लिश नहीं करुँगा…
सब जगह बस यही हंगामा हो रहा है क्या हो गया है हमारी ब्लॉग दुनिया को । अरे भई इन सबको नजरअंदाज कर दो और अपने काम पर लगे रहो, जब कोई इन्हें पढ़ेगा ही नहीं तो ये कैसी भी धार्मिक, घटिया, असहिष्णुता या सांप्रदायिक बातें कर लें कोई फ़र्क नहीं पड़ता है। टिप्पणी में मोडरेशन का अधिकार प्रयोग करें, उसके लिये मोडरेशन लागू करने की जरुरत नहीं जहाँ धार्मिक विज्ञापनबाजी देखो वहीं उसका उपयोग कर लें। और जो मानसिक बीमार है उन्हें कितना भी ज्ञान दे दो, बेईज्जती कर दो उन्हें कोई फ़र्क नहीं पड़ता है। केवल इसका एक मात्र इलाज यह है कि इन लोगों के ब्लॉग पर न जायें, टिप्पणी देकर इनका और हौंसला न बढ़ायें। इनके ऊपर पोस्ट न लिखी जाये, और जहाँ भी इनकी टिप्पणी देखें उसकी भर्त्सना करें। जय हिंद
कुछ पोस्ट मैंने देखीं जिससे मन विचलित हो गया।
सलीम खान मै मुस्लिम धर्म अपनाना चाहती हूँ बशर्ते
मेरा ब्लॉग न हुआ कूड़ा घर हो गया हो उन्होंने चेलेंज के साथ १३ बार मेरे ब्लॉग पर गंदगी फैलाई
ये क्या हो रहा है?
हम तुम्हें गाली दें, तुम हमारे मुँह पे थूको
इस्लाम में महात्मा गाँधी जैसा कोई व्यक्तित्व क्यों नहीं होता
मन बहुत दुखी है और दुखते हुए मन से यह पोस्ट ठेल रहा हूँ इसके विरोध में सात दिन ब्लॉग पर पोस्ट पब्लिश नहीं करुँगा।
कुछ बातें कवि कालिदास और मेघदूतम़ के बारे में – ४०
-चार प्रहर होने चाहिये परन्तु विद्वानों के अनुसार रात के आदि और अन्त में आधे-आधे प्रहरों को दिन में ग्रहण किया गया जाता है। इस प्रकार रात्रि में तीन प्रहर और दिन में पाँच प्रहर बचते हैं।
कुछ बातें कवि कालिदास और मेघदूतम़ के बारे में – ३९
धातुरागै: शिलायाम़् – अपनी प्रिया का चित्र बनाने के लिये विरही यक्ष के पास कोई सामग्री जैसे कागज, पैंसिल, रंग आदि नहीं थी। इसलिये वहाँ सुलभ गेरु को रंग के स्थान पर तथा पत्थर को कागज के स्थान पर प्रयुक्त करके अपनी प्रिया का चित्र बनाया।
दृष्टिरालुप्यते – यक्ष विरह की अग्नि में अत्याधिक पीड़ित है, इसलिये वह अपनी प्रिया का चित्र बनाता है और अपने आप को भी उसके पैरों में गिरकर उसे मनाता हुआ चित्रित करना चाहता है, किन्तु आँसुओं की अविरल धारा के कारण वह ऐसा नहीं कर पाता, आँसुओं से उसकी दृष्टि लुप्त
हो जाती है। वस्तुत: यहाँ कालिदास द्वारा वर्णित करुणा अपनी पराकाष्ठा पर पहुँच गयी है।
स्वप्नसंदर्शनेषु – सोये हुए पुरुष के ज्ञान को स्वप्न कहते हैं। प्राय: देखा जाता है कि जो भाव दिन में हमारे मन में जागृत होते हैं और वे पूर्ण नहीं होते, वे स्वप्न में पूर्ण होते हैं। यक्ष की भी स्थिति ऐसी ही है कि वह प्रिया मिलन के लिये उत्कण्ठित है, परन्तु दिन में मिलन सम्भव नहीं, तब रात्रि में स्वप्न में आलिंगन के लिये भुजाएँ फ़ैलाता है, किन्तु वहाँ प्रिया कहाँ ? वहाँ तो शून्याकाश है। उसकी इस दयनीय दशा को देखकर वन देवियाँ भी रो पड़ती हैं। स्वप्नदर्शन विरहकाल में मनोविनोद के चार साधनों में से तीसरा है।
तरुकिसलयेषु – अश्रुबिन्दुओं का भूमि पर न गिरकर पत्तों पर गिरना साभिप्राय है; क्योंकि कहा जाता है कि महात्मा, गुरु और देवताओं का अश्रुपात भूमि पर होगा तो देशभ्रंश, भारी दु:ख और मरण भी निश्चय होगा।
तुषाराद्रिवाता : – वायु के मान्द्य, सौरभ और शीतलता ये तीन गुण होते हैं। हिमालय पर्वत की वायु में ये तीनों गुण पाये जाते हैं। ऐसी वायु को श्रंगार का उद्दीपक कहा जाता है। इसी कारण यह वायु विरही यक्ष को और अधिक उद्दीप्त करती है, जिस कारण उसे अपनी प्रिया की स्मृति हो आती है। वह इन पवनों को यह सोचकर स्पर्श करता है कि इन पवनों ने इससे पूर्व उसकी प्रिया के शरीर को भी स्पर्श किया है।
कुत्ता, शेर और बन्दर (कुत्ते का प्रबंधन Management)
कुछ बातें कवि कालिदास और मेघदूतम़ के बारे में – ३८
के अर्थ में होता है और बड़ों के लिये “प्रशस्त जीवन वाले” अर्थ में होता है।