एक दिन में किसी ब्लॉग के सहारे या गूगल की खोज के सहारे इस ब्लॉग पर पहुँचा और मुझे बहुत अच्छा लगा। प्रवेश जी का विश्लेषण चार्ट पर आधारित है और मैं उनके ब्लॉग को बहुत समय से देख रहा हूँ, उनके इस विश्लेषण का आप भी लाभ उठा सकते हैं।
सभी ब्लॉगर्स बंधुओं से अनुरोध….
सभी ब्लॉगर्स बंधुओं से अनुरोध है कि “यथार्थ” को वोट दें, आपके सहयोग से वह सारेगामापा लिटिल चैम्प जीत सकता है।
आप एक लोगिन से दो बार अपने वोट ऑनलाईन दे सकते हैं, आप भी देखिये इस जूनियर मास्टर को और सहयोग करें जीतने में। टेलेन्ट तो उसमें बहुत है परंतु वोटिंग का भी उतना ही महत्व है। ज्यादा से ज्यादा वोटिंग करने की अपील करता हूँ।
यहाँ से अपना यूजर आईडी रजिस्टर करें और वोट करें “यथार्थ” के लिये। वोटिंग शुरु हो चुकी है और आप सोमवार याने कि ५ अक्टूबर सुबह १० बजे तक वोट दे सकते हैं।
सभी ब्लॉगर बंधुओं से सहयोग अपेक्षित है।
आपके एक वोट से वह नन्ही प्रतिभा जीत सकती है बस आप सबका आशीर्वाद चाहिये। आपके आशीर्वाद के इंतजार में लगे हैं।
कुछ बातें कवि कालिदास और मेघदूतम़ के बारे में – ३५
से और यक्ष-पत्नी की कलामात्र शेष चन्द्रमा की मूर्ति से तुलना की गयी है।
व्यापार करने का भारतीय तरीका (The Indian way of doing Business)
व्हाईट हाऊस की फ़ेन्स वायर को जोड़ने के ठेके के लिये तीन ठेकेदार आये, जिसमें एक जापान से, दूसरा भारत से और तीसरा चीन से था।
तीनों व्हाईट हाऊस की टूटी हुई फ़ेन्स वायर को देखने गये।
जापानी ठेकेदार ने अपना नाप लेने वाले फ़ीता निकाला और उससे कुछ नाप लेने लगा, उसके बाद पेन्सिल लेकर कुछ गणित करने लगा। फ़िर बोला “ठीक है” मैं इस काम को $900 में कर दूँगा। ($400 लगने वाले सामान के, $400 कारीगरों के, $100 मेरा लाभ)
फ़िर चीन के ठेकेदार ने भी उसी तरह से सब नापजोख किया और बोला कि मैं यह काम $700 में कर दूँगा। ($300 लगने वाले सामान के, $300 कारीगरों के, $100 मेरा लाभ)
भारतीय ठेकेदार ने बिना नापजोख किये फ़िर व्हाईट हाऊस के अधिकारी की तरफ़ देखकर बोला “$2700”।
उस अधिकारी को बहुत आश़्चर्य हुआ और बोला कि तुमने इन लोगों की तरह कुछ नापा भी नहीं और कुछ गणित भी नहीं किया फ़िर तुमने ये हिसाब कैसे किया ?
भारतीय ठेकेदार ने चहककर बोला “$1000 मेरे, $1000 आपके, और इस चीन वाले को हम लोग फ़ेन्स वायर जोड़ने के लिये दे देंगे।”
सरकारी अधिकारी का जबाब था “ठीक है, ये ठेका आपका”।
कृपया सभी ब्लॉगर बंधु ऑनलाईन वोट करें “यथार्थ” जी लिटिल चेम्प प्रतियोगी के लिये
कुछ बातें कवि कालिदास और मेघदूतम़ के बारे में – ३४
ले रही है। काम की दश अवस्थायें मानी गयी हैं यहाँ कवि ने तीसरी अवस्था का उल्लेख किया है। यहाँ सड्कल्पावस्था का वर्णन किया गया है।
(१) यक्षिणी रात्रि में अपने प्रियतम के ध्यान में इतनी मग्न हो जाती है कि उसे अपने शारीरिक कष्ट का ध्यान नहीं रहता और वह करवट तक नहीं बदलती।
(२) वह विरह में इतनी दुर्बल हो गयी है कि करवट बदलने की सामर्थ्य ही उसमें नहीं रही हो; अत: सारी रात एक ही करवट से पड़ी रहती है।
गरीब परिवार पर एक निबंध (An Essay on Gareeb Parivar)
स्वाइन फ़्लू पर एक मस्त कार्टून
कुछ बातें कवि कालिदास और मेघदूतम़ के बारे में – ३३
दर्शन, ४.प्रिय के अंग से स्पृष्ट पदार्थों का स्पर्श करना।
षड्जमध्यमनामानौ ग्रामौ गायन्ति मानवा:।न तु गान्धारनामानं स लभ्यो देवयोनिभि:॥
कुछ बातें कवि कालिदास और मेघदूतम़ के बारे में – ३२
रागेष्वलब्धविषयेषु वेदना महती तु या।संशोषणी तु गात्राणां तामुत्कण्ठां विदुर्बुधा:॥
तरुणी, ५० वर्ष तक प्रौढ़ा तथा उससे ऊपर वृद्धा कहलाती है।