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MTR (मवाली टिफिन रूम्स) बैंगलोर

बहुत दिनों से चिकपेट जाने का कार्यक्रम बन रहा था, पर जा ही नहीं पा रहे थे, 2 सप्ताह पहले भी गये थे, पर रास्ता भटकने की वजह से वापिस आ गये। इस बार फिर से कार्यक्रम कल सुबह बना, अपने सारे कार्य निपटाकर चल पड़े, भोजन का समय था MTR(मवाली टिफिन रूम्स) अपने खाने के लिये बहुत प्रसिद्ध है। हम वैसे भी कई बार MTR के भोजन का आनंद ले चुके हैं, परंतु हर मौसम का अपना अलग आनंद होता है। सर्दियों के शुरूआत होने से मीठा अलग हो जाता है।

पार्किंग के लिये MTR के आसपास बहुत से निजी पार्किंग उपलब्ध हैं, सड़क पर गाड़ी न खड़ी करें, एकदम मुस्तैद पुलिस गाड़ी टो करके ले जायेगी। पार्किंग MTR के बिल्कुल सामने ही पार्किंग कर सकते हैं या फिर 3-4 दुकान छोड़कर बिल्कुल कोने पर भी एक पार्किंग बनी है, वहाँ पार्किंग कर सकते हैं।

दोपहर के भोजन का समय 3 बजे तक ही है, इसके बाद ये लोग भोजन याने कि थाली नहीं परोसते, शनिवार और रविवार को रात्रि भोजन भी उपलब्ध रहता है, यह कल मैंनें MTR में पढ़ा था। अगर और किसी समय जा रहे हों तो डोसा, बिसिबेला भात जरूर खायें। खाने के विविध व्यंजन उपलब्ध हैं।

MTR की थाली खाना भी अपने आप में बहुत बड़ी बहादुरी है, हमने तो एक नियम बना रखा है कि कोई भी चीज दोबारा नहीं लेते हैं, तब जाकर सारी चीजें खा पाते हैं। MTR में घुसने के बाद सबसे पहले काऊँटर पर आप अपना बिल पे कर दें, प्रीपैड काऊँटर है। और उसके बाद पहली मंजिल पर चले जायें, जहाँ आपको अपना बिल दिखाना होता है, और वहाँ मौजूद स्टॉफ आपको एक नंबर देगा, क्योंकि इंतजार यहाँ कम से कम 10-20 मिनिट का होता है। हम भी इंतजार कर रहे थे, तब हम बात कर रहे थे कि यह रेस्टोरेंट 92 वर्ष पुराना हो चुका है, और पता नहीं कितने लोग कहते हैं कि विश्व का सबसे अच्छा डोसा यहीं मिलता है।

हमारा नंबर आ चुका था, इस रेस्टोरेंट की खासियत है कि यहाँ गंदगी का नामोनिशान नहीं मिलेगा, सफाई का हर जगह, हर तरफ ध्यान दिया जाता है। सबसे पहले हमें अंगूर का जूस सर्व किया गया और फिर थाली जिसमें कि खुद की ही कटोरियाँ हैं, दी गई और साथ ही चम्मच भी दी गई।

angoor ka juice
angoor ka juice

सबसे पहले नारियल चटनी सर्व की गई, फिर आलू की सब्जी, हलवा (मूँग का हलवा लग रहा था), सलाद (किसा हुआ गाजर और भीगी हुई मूँग दाल), बादाम हलवा, सब्जी (जिसमें हमें लगा कि कच्चे मसाले हैं और थोड़ी तेल स्वाद के लिये मिलाया गया है), मूँग बड़ा औऱ डोसा। यह पहला राऊँड था।

worlds best dosa at MTR
worlds best dosa at MTR

दूसरा राऊँड – इसके बाद पूरी दी जाती है।

poori at MTR
poori at MTR

तीसरा राऊँड – बिसिबेला भात, रायता, चिप्स और अचार।

bisibela bhat at MTR
bisibela bhat at MTR

चौथा राऊँड – सादा चावल, सांभर।

chawal sambhar at MTR
chawal sambhar at MTR

पाँचवा राऊँड – सादा चावल, रसम।

rasam at MTR
rasam at MTR

छठा राऊँड – दही चावल।

curd rice at MTR
curd rice at MTR

सातवाँ राऊँड – पान।

pan at MTR
pan at MTR

आठवाँ राऊँड – फ्रूट आईसक्रीम।

fruit icecream at MTR
fruit icecream at MTR

खाना अनलिमिटेड है, पान और फ्रूट आईसक्रीम लिमिटेड है।

खाने का भरपूर आनंद उठायें, और अपने पेट का भी ध्यान रखें।

बच्चों के शरीर के विकास के लिये न्यूट्रिशियन्स

लगभग सभी माता पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे हरेक चीज में आगे हैं फिर चाहे वह पढ़ाई लिखाई हो या खेल हो। यह बात मुझे अच्छी तरह से तब समझ में आई जब मैं पिता बना। बच्चों को अपनी उम्र के मुताबिक, बच्चों के शरीर के विकास के लिये न्यूट्रिशियन्स सही मात्रा में मिलें, हमें इसका ध्यान रखना जरूरी है। बच्चों का शारीरिक विकास ठीक तरीके से हो रहा है उसके लिये कुछ चीजें बहुत महत्वपूर्ण हैं, जैसे कि शारीरिक विकास के पड़ाव, इन्फेक्शन से लड़ने के लिये इम्यूनिटी (शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता) और उम्र के हिसाब से होने वाली सक्रियता। तो बच्चों को चाहिये एक सम्पूर्ण स्वस्थ आहार जो कि शारीरिक क्रियाकलापों की सक्रियता में मदद करे।

एक सम्पूर्ण स्वस्थ आहार जिससे बच्चे को सही मात्रा में कार्बोहाईड्रेट, प्रोटीन्स, फैट्स और विटामिन मिलते हैं। वैसे भी छोटे बच्चों के लिये घर में बना भोजन ही न्यूट्रीशियन्स का मुख्य स्रोत होता है। परंतु आजकल लगभग सभी माता पिता की यही शिकायत होती है कि बच्चा कुछ चुनी हुई चीजें ही खाता है, हमारी आधुनिक जीवन के जीने के तरीका भी बच्चों को चुनी हुई चीजों को खाना सिखलाता है जैसे कि आजकल की भागती दौड़ती जिंदगी में हम जंक फूट, रेडी टू ईट फूड खाते हैं, खाने की क्वालिटी के साथ समझौता करते हैं, मिलावटी खाना खाते हैं, वह सभी चीजें खाते हैं जो नहीं खाना चाहिये और इसी कारण बच्चों को सही मात्रा में न्यूट्रीशियन्स नहीं मिल पा रहे हैं।

बच्चों को सारी चीजें खाने की आदत डालनी चाहिये खासकर घर में बनी चीजों की चाहे जैसे कि रोटी दाल, दाल चावल, दाल खिचड़ी, हरी सब्जियाँ, बिरयानी, दाल बाटी, लिट्टी चोखा। साथ ही बच्चों को ज्यादा कैलोरी वाली चीजें भी खिलानी चाहिये जैसे कि पनीर, मिठाईयाँ, काजू करी, हरेक चीज में घी दीजिये, अंडा पीली बॉल के साथ खाना है। क्योंकि बच्चे ज्यादा खेलते हैं तो उनको ज्यादा कैलोरी की जरूरत भी होती है। आप देख सकते हैं अपने बच्चों को कि वो एक जगह तो बैठेंगे ही नहीं और हमेशा इधर से उधर घूमते ही रहेंगे।

अगर बच्चा खाने में मीनमेख निकालता है तो इसका मतलब भी यही है कि वह कुछ चीजें या तो खाना ही नहीं चाहता है या फिर उनको उस समय खाने से बचना चाहता है। इसके लिये बच्चों को अपने साथ बातों में लगाकर उनको खाना खिलायें, हो सके तो कभी कभार अपने हाथों से खिलायें, प्यार से बात करके खिलायें। हर बार डाँटने या मारने से काम नहीं चलेगा।

एक बात और ध्यान रखें कि केवल खाने से ही सब कुछ बच्चों को नहीं मिल जायेगा, उसके लिये उन्हें कुछ अतिरिक्त चीजें सीमित मात्रा में भी साथ में देनी होंगी, सप्लीमेंट जैसे कि हॉर्लिक्स ग्रोथ + जो कि बच्चों को शारीरिक विकास में न्यूट्रीशियन्स की कमी को पूरा कर भरपूर सहयोग करता है।

पर ध्यान रखें सप्लीमेंट केवल भोजन में न मिलने वाले न्यूट्रीशियन्स की कमियों को पूरा करता है। सप्लीमेंट को भोजन के रूप में नहीं खाया जा सकता है। हमें यह भी नहीं भूलना नहीं चाहिये कि सबसे ज्यादा न्यूट्रीशियन्स घर के खाने में ही मिलते हैं, बाजार के खाने में नहीं मिलते हैं। सप्लीमेंट को हमेंशा डॉक्टर की सलाह से ही लेना ठीक रहता है।

मोटापा कम करना और कमजोरी – समझिये

मोटापा कम करना इतना आसान भी नहीं है, जब आप मोटापा कम करेंगे तो मोटापा जायेगा और कमजोरी आयेगी। इसीलिये बहुत सारे तत्वों का समावेश मोटापा घटाने के घरेलू उपाय में किया गया है। हर दिन आपको यह उपाय शायद बहुत ही कठिन लगे, परंतु धीरे धीरे आप पायेंगे कि आपकी आदत बन चुकी है, और आप हर दिन अपना वजन कम पायेंगे जो कि बहुत ही जल्दी आपको विश्वास दिलाता है कि हाँ आप अपने मोटापे को घटाने की और अग्रसर हैं।

मोटापा कम करना
मोटापा कम करना

मोटापा कम करना के पहले के भाग – (आगे पढ़ने से पहले यह जरूर पढ़ें) –

मोटापा कम कैसे किया जाये – मेरा अनुभव 20 किलो कम करने का Continue reading मोटापा कम करना और कमजोरी – समझिये

मोटापा घटाने का घरेलू उपाय – मोटापा कम कैसे किया जाये

    हमने अभी तक बात की कि मोटापा कैसे कम किया जाये, खाने का सही तरीका क्या हो और पानी कैसे पिया जाये। अब मैं आपको मोटापा घटाने का घरेलू उपाय के बारे में बताऊँगा, जिसका शायद सबको ही इंतजार है, इस पोस्ट के बाद इस डाईट क्या फायदे आपको होंगे और मेरे अपने अनुभव भी साझा करूँगा, जिससे आप सबको भी बहुत सी बातें पता चलेंगी और आपके लिये वे बातें मददगार साबित होंगी। इस डाईट को शुरू करने के 15 दिनों बाद ही आप अपने डॉक्टर से अपना अवश्य ही मिलें क्योंकि इस डाईट से आपका शरीर बिल्कुल प्राकृतिक तरीके से शुद्ध होने लगेगा और जो भी दवाईयाँ आप ले रहे हों खासकर कि कोलोस्ट्रॉल, उच्च रक्ताचाप और मधुमेह की तो शायद आपकी दवाईयों के डोज की मात्रा आपके डॉक्टर कम करें। Continue reading मोटापा घटाने का घरेलू उपाय – मोटापा कम कैसे किया जाये

मोटापा कम कैसे किया जाये – पानी कैसे पिया जाये

    मोटापा कम कैसे किया जाये पर हमने अभी तक बात की कि मोटापा कम करने के प्रचलित तरीके क्या हैं और खाना कैसे खाना चाहिये, अब हम बात करेंगे कि पानी कैसे पिया जाये या पेय पदार्थों का सेवन कैसे किया जाये। जैसे हमारी पाचन क्रिया में भोजन को बत्तीस बार चबाना बहुत ही महत्वपूर्ण है वैसे ही पानी कैसे पिया जाये भी बहुत ही महत्वपूर्ण है।

पानी कैसे पिया जाये
पानी कैसे पिया जाये

 

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मोटापा कम कैसे किया जाये – खाने का सही तरीका

वजन कम कैसे करें के लिये अगली मुख्य बात है खान पान के तरीके में बदलाव करना याने कि खाने का सही तरीका सीखना। जब हम सही तरीके से खाना खायेंगे या पेय पदार्थ पियेंगे तभी शरीर को ज्यादा फायदा होगा। मैं यहाँ पर कोई बहुत ही ज्यादा आधुनिक बातों को आपसे साझा नहीं करने वाला हूँ, मैंने जो भी किया है वह सब वैज्ञानिक तरीके से सही है और हमारे पाचन तंत्र को सही तरीके से काम करने में सहायता करता है, जिससे हमारा शरीर सही तत्वों को पाता है।

खाने का सही तरीका
खाने का सही तरीका

पहला भाग – (आगे पढ़ने से पहले यह जरूर पढ़ें) –

मोटापा कम कैसे किया जाये – मेरा अनुभव 20 किलो कम करने का

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मोटापा कम कैसे किया जाये – मेरा अनुभव 20 किलो कम करने का

    खुद पर भरोसा, आत्मनियंत्रण, आत्मसंयम, अनुशासन से क्या नहीं पाया जा सकता, मैं बरसों से बढ़े हुए वजन से परेशान था, पर कई वर्षों से जतन भी कर रहा था किसी भी तरह से मोटापा कम हो जाये, परंतु कभी किसी विधि में सफलता नहीं मिल पायी, कभी कमजोरी आ गई तो कभी थकान  ने परेशान किया। विश्व में 90 प्रतिशत से ज्यादा लोग मोटापे से परेशान हैं और हर कोई मोटापा कम कैसे किया जाये के उपाय ढ़ूँढ़ता रहता है, हम भी कई बरसों से ऐसे ही मोटापा कम कैसे किया जाये के उपाय ढ़ूँढ़ रहे थे। Continue reading मोटापा कम कैसे किया जाये – मेरा अनुभव 20 किलो कम करने का

केलोग्स वाले गुप्ताजी का नाश्ता

दीपो भक्षयते ध्वान्तं कज्जलं च प्रसूयते |
यदन्नं भक्षयेन्नित्यं जायते तादृशी प्रजा ||

जैसे दीप का उजाला अँधेरे को खा जाता है, और काजल को उत्पन्न करता है, वैसे ही जिस तरह का भोजन हम ग्रहण करते हैं, वैसे ही हम उसी तरह का व्यवहार करते हैं।

 उपरोक्त श्लोक आज भी पुरातनकाल की बात को सत्य साबित करता है। अगर हम गैस्ट्रिक भोजन खायेंगे तो हमें पेट की समस्या होगी और अगर सात्विक भोजन करेंगे तो हम तन मन से प्रसन्न रहेंगे। हमें अपने दैनिक जीवन में दूध एवं दही का भरपूर उपयोग करना चाहिये, इससे हमारे शरीर की बहुत सारी जरूरतें पूरी हो जाती हैं।
केलोग्स वाले गुप्ताजी का नाश्ता बहुत ही प्रसिद्ध है, उनके घर का नाम गट्टू है, घरवाली यानी कि श्रीमती गुप्ता का नाम शालू है, बेटे का नाम रोहन जिसे प्यार से घर में रोहू बुलाते हैं और बेटी का नाम रितिका जिसे प्यार से रितु बुलाते हैं। गट्टू याने कि गुप्ताजी केलोग्स के डिस्ट्रीब्यूटर हैं और आम पति की तरह उनको भी भूलने की बीमारी है, हालांकि उनके भी दिल में पहुँचने का रास्ता एक ही है, वह है पेट जिसका रास्ता जबान के जरिये होता है और उनकी पत्नि शालू उनके ही केलोग्स से विभिन्न तरह के व्यंजन बनाकर उनको खिलाती रहती हैं, जो कि सामान्यत किसी को भी पता नहीं होते हैं। तो उनकी पत्नि शालू गट्टू याने कि अपने पति के दिल में ही रहती हैं।
बेटी रितु हरेक बात को शॉर्ट फॉर्म में ही कहती है, जिससे गट्टू याने कि रितु के पापा हमेशा ही नाराज से होते हैं और बेटा रोहू पापा और दीदी की बात की नकल करते हैं। रोहू तो मम्मी की नकल करने से भी नहीं चूकता है।  शालू याने कि मम्मी भी नकल उतारने में माहिर हैं, और किसी की भी नकल हुबहू उतारती हैं और परिवार हँसी खुशी रहता है।
केलोग्स केनाश्ते का पहले हमें तो केवल दूध में ही भिगोकर खाने का पता था, पर केलोग्स वाले गुप्ता जी के घर की तो बात ही और है, कभी चॉकलेट मिलाकर शेक बना कर परिवार का मूड ठीक रखना तो कभी जल्दी जल्दी अगर बेटे को स्कूल के लिये मिठाई बना कर देना है तो केलोग्स से कैसे लड्डू बनाने हैं या फिर दही मिलाकर भी केलोग्स के व्यंजन बनाये जा सकते हैं।
खैर मुझे तो सबसे बढ़िया बात लगी कि नाश्ते के प्रकारों की जैसे कि पार्सल वाला नाश्ता, नखरे वाला नाश्ता, फर्स्ट क्रश वाला नाश्ता, जगह बनाने वाला नाश्ता, मूवी वाला नाश्ता, होमवर्क वाला नाश्ता, बेस्ट फैमिली वाला नाश्ता, चुप कराने वाला नाश्ता, रिमोट वापिस लेने वाला नाश्ता जब इतने सारे प्रकार के नाश्ते उपलब्ध हों तो कौन केलोग्स वाले गुप्ताजी के यहाँ नाश्ता नहीं करना चाहेगा, सुबह ही अच्छा नाश्ता हो जाये तो दिनभर अच्छा जाये।
So,
Eat good, keep the body and generations healthy.
Be good, keep the mind and generations healthy.
Do good, keep the society and generations healthy.

आसुस का ऑल इन वन पीसी और ईबुक दोनों ही अच्छी लग रही हैं

    मैंने अपना पहला लेपटॉप लगभग 8 वर्ष पहले अमेरिका से मँगवाया था, फिर मुझे ऑफिस से लेपटॉप मिल गया तो हमारे लेपटॉप को बेटेलाल ने हथिया लिया और उस लेपटॉप की जो ऐसी तैसी करी है, कि उसका पहले तो कीबोर्ड तोड़ा, तभी बैटरी ने भी दम तोड़ दिया, और थोड़े दिनों बाद लेपटॉप की स्क्रीन भी मोड़ मोड़ कर उसकी स्क्रीन से भी दिखना बंद हो गया। अब वह लेपटॉप केवल डेस्कटॉप बन कर रह गया है, हमने स्क्रीन का आऊटपुट पुराने रखे मॉनिटर पर कर दिया और वायरलैस कीबोर्ड माउस अलग से दे दिया। अब लगभग एक वर्ष से हमारे बेटेलाल इसका ही उपयोग कर रहे हैं, जब हम उपयोग करते हैं तो लगता है कि अब नया ले ही लेना चाहिये, पर अब लेपटॉप नहीं डेस्कटॉप ।
    डेस्कटॉप वह भी ऐसा कि जिसमें सीपीयू न हो, केवल मॉनीटर हो और सारी सुविधाएँ जैसे कि 3.0 यू.एस.बी.,

लेपटॉप का डेस्कटॉपी जुगाड़

एच.डी.एम.आई. जिससे में अपने टीवी पर आराम से फिल्म देख सकूँ। स्कीन बड़ी हो कम से कम 21 इंच, टच सुविधा के साथ होनी चाहिये, उसमें अपने आप में ही बैटरी बैकअप हो, जिससे बिजली न होने पर कम से कम में काम तो कर सकूँगा। कैमरा हो, जिससे मैं जब भी बाहर होता हूँ तो मैं परिवार के साथ वीडियो चैट कर सकूँ, खुद में ही स्पीकर भी हों, और कीबोर्ड, माऊस अलग से लगा सकें। टच वाले सारे गेम्स खेले जा सकें और मोबाईल जैसा ही ऊँगलियों से पिक्चर कम या ज्यादा कर सकूँ। 3डी गेम्स खेल सकूँ, तो ये सब खासियत मुझे मिली

ASUS All In One PC ET2040 में, जिसमें ये सारी सुविधाएँ बेहतरीन तरीके से उपलब्ध हैं। इसकी एक खासियत यह अच्छी है कि इसमें पहली बार गैस्चर क्न्ट्रोल उपलब्ध है। तो मैं इस डेस्कटाप की स्कीन को किचन में गैस प्लैटफॉर्म के नीचे रखने की जगह बना सकता हूँ, जिससे हमारी श्रीमतीजी खाना बनाते समय किचन में भी इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगी, फिर वह यूट्यूब पर वीडियो देखना हो या फिर इंटरनेट सर्फ करना हो।

    जब मैं लंबे सफर पर जाता हूँ तो पढ़ने के लिये टेबलेट या किताब अपने पास रखता हूँ, पर लेपटॉप की बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है, तो फिर एयरपोर्ट पर चार्जिंग के लिये प्वाईंट ढ़ूँढ़ने में अच्छी खासी मशक्कत हो जाती है, उसके लिये एक ऐसे छोटे से लेपटॉप की जरूरत महसूस होती थी जिसमें कि बैटरी बैकअप जबरदस्त हो और बिल्कुल पतला, छोटा से हो, ज्यादा  हार्डडिस्क न भी हो तो भी चलेगा। जब मैंने ASUS EeeBook X205TA देखा तो लगा वाह यही तो मैं ढ़ूँढ़ रहा था, इसमें 32 जीबी की स्टेट हार्डडिस्क है और 128 जीबी तक का बाहर से एस.डी. कार्ड का उपयोग कर सकते हैं। 29.4 सेंटीमीटर की स्क्रीन लिखने के लिये बहुत होती है, और एयर क्रॉफ्ट की सीच के लिये उपयुक्त भी होती है।
    मैं जल्दी ही ASUS EeeBook X205TA and ASUS All In One PC ET2040 अपने उपयोग के लिये लेने की सोच रहा हूँ।

 

स्वस्थ बच्चा ही खुशियों से भरा घर बना सकता है (A healthy child makes a happy home!)

    मुझे मेरा बचपन की बहुत सारी चीजें याद नहीं, पर मम्मी और पापा मेरा बहुत ही ख्याल रखते थे, शायद दुनिया में कोई ऐसे माता पिता होंगे जो बच्चों का ध्यान नहीं रखते होंगे, टमाटर खाओगे तो खून बढ़ेगा, गाजर भी सेहत के लिये अच्छी होती है, आँवले से आँखों की रोशनी तेज होती है, आँवले की अच्छी बात यह है कि किसी भी तरह से खाओ, उसके गुण कम नहीं होते, और जीभ पर आँवले का मीठा स्वाद हमेशा ही अच्छा लगता है। रोज एक काली मिर्च खाने से कभी बीमारी नहीं घेरती, यह एक घरेलू उपाय है, जो कभी दादी माँ का नुस्खा था।
 
    खाने पीने में हम हमेशा मस्त रहे और हरेक सब्जी और फल खाते रहे, वैसे ही हमने अपने बेटेलाल को आदत डाली है, जिससे रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता अच्छी बनी रहे और हमेशा रोगों से दूर बने रहें, हमारे बेटेलाल खाने के बहुत आलसी हैं, केवल मूड होता है तो खाते हैं नहीं तो कुछ नहीं खाते, अभी पिछले महीने ही तकरीबन 15 दिनों तक ढंग से खाना नहीं खाया तो मौसमी वाईरल ने पकड़ लिया, जिससे हम सभी लोग 13 दिन तक परेशान रहे, क्योंकि अगर घर में बच्चा बीमार है तो कुछ भी ठीक नहीं लगता है, बच्चा खेलता रहे, स्वस्थ रहे तो पूरा घर खुश रहता है।
    जैसे हमें पापाजी ने च्यवनप्राश खाने की आदत डाली थी, हमारे बेटेलाल पहले च्यवनप्राश नहीं खाते थे परंतु जब धीरे धीरे रोज मुझे और पापाजी को खाते देखते तो उत्सुकतावश रोज ही थोड़ा थोड़ा खा लेते थे, अब हमारे बेटेलाल ने च्यवनप्राश को अपनी रोज की दिनचर्यो में शुमार कर लिया है, रोज सुबह च्यवनप्राश की एक चम्मच और रात को सोने के पहले हल्दी वाले दूध के साथ एक चम्मच खाते हैं।
    हमने 1-2 आयुर्वेदिक चीजें और शुरू कर दी जो कि स्वास्थ्य के लिये बहुत ही लाभदायक है, रोज सुबह शाम तुलसी का अर्क 10 एम.एल. एक गिलास पानी में मिलाकर पी जाते हैं, और रोज सुबह उठते ही एक चम्मच शंखपुष्पी, ब्राह्मी, बादाम, मिश्री और सौंफ को पीसकर बनाया गया चूर्ण चबा चबा कर खाते हैं । इस मिश्रण के खाने से दिमाग को ताकत मिलती है और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है, तुलसी के अर्क से तुलसी की प्रतिरोधक क्षमता मिल जाती है, आजकल फ्लेट सिस्टम में तुलसी प्रचुर मात्रा में तो होती नहीं कि रोज सुबह शाम 2 4 पत्ती तोड़कर खा लीं, इसलिये हमें तो तुलसी के अर्क बहुत अच्छा लगा।
    पहले कभी ऐसे ही हमने सोचा था कि च्यवनप्राश घर पर बनाकर खायेंगे पर फिर हमने कभी भी च्यवनप्राश बनाने की मेहनत को देखकर कभी भी बनाने की चेष्टा नहीं करी। बाजार से जाकर च्यवनप्राश खा लेते थे, वही हमें आज भी ठीक लगता है, बेटेलाल को जमकर सलाद और फल  खिलाते हैं और खुद भी खाते हैं, जिससे शरीर में प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता बरकरार रहे। और घर में बेटेलाला केवल मस्तियाँ करते नजर आयें, हमेशा उनके हँसने खिलखिलाने की आवाज आये।
       यह पोस्ट इंडीब्लॉगर्स के हैप्पी अवर्स के लिये लिखी गई है, च्यवनप्राश के प्रतिरोधक क्षमता के बारे में यहाँ से ज्यादा जानकारी ले सकते हैं – https://www.liveveda.com/daburchyawanprash/.