Tag Archives: मेरी जिंदगी
बैंगलोर में प्रोजेक्ट, पिता परिवार से दूर और छोटे बच्चे पर उसका प्रभाव
दलालों का शहर मुंबई (City of Brokers, Mumbai)
भूकम्प जो सबको हिला गया Tremors Tsunami
कल दोपहर लगभग दोपहर २.०८ पर भूकम्प आया था, और कई जगहों से इस खबर की पुष्टि भी हुई, हम उस समय कैन्टीन से दोपहर का भोजन कर लौट रहे थे और रास्ते में थे तो शायद हमें पता नहीं चला।
जैसे ही अपने अपनी सीट पर पहुँचे वहाँ चारों तरफ़ अफ़रा तफ़री फ़ैली हुई थी, सभी लोग इमारत से बाहर जाने के लिये जल्दी कर रहे थे, सबके चेहरे पर घबराहट साफ़ नजर आ रही थी। पता चला कि १० वीं मंजिल पर लोगों को अपने पानी की बोतलें और कम्प्यूटर हिलते हुए महसूस हुए। हमने सुरक्षा अधिकारी को फ़ोन लगाकर स्थिती का जायजा लिया तो उन्होंने हमें कहा कि हाँ १० वीं मंजिल से ऐसी खबर आई तो है, हमारे सुरक्षा अधिकारी अभी स्थिती का जायजा ले रहे हैं, और अगर इमारत खाली करनी होगी तो सभी मंजिलों पर उद्घोषणा कर दी जायेगी।
और हमने अपने फ़ेसबुक पर अपना यह स्टेटस अपडेट कर दिया![]()
इसी बीच चैन्नई से भी कई अपडेट आ रहे थे, हमारे पास ही बैठने वाली हमारी साथी जो कि चैन्नई से थीं, उनके पास लगातार फ़ोन से खबरें आ रही थीं, वहाँ उनके मकान में एक दरार भी आ गई।
कल के भूकम्प का केन्द्र इंडोनेशिया बताया गया और लगभग २८ देशों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई। प्रशांत प्रियदर्शी के फ़ेसबुक स्टेटस से पता चला कि चैन्नई में ट्राफ़िक का बुरा हाल है।
आज सुबह अभी फ़िर से मैक्सिको में ७.४ तीव्रता के भूकम्प के झटकों की खबर आ रही है। अब डरने से तो कुछ होगा नहीं और ना ही आम आदमी प्रकृति का सामना कर सकता है। तो यह आदमखोर शेर के सामने एक आदमी के खड़े होने की स्थिती है।
भारत में सिगरेट का धंधा Cigarette in my hand
कंपनी, जनरल इंश्योरेन्स ऑफ़ इंडिया, ओरियेंटल इंश्योरेन्स कंपनी, नेशनल इंश्योरेन्स कंपनी इत्यादि ।
तंबाखू से होने वाले कैंसर से होने वाली मौत के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं, हर वर्ष कैंसर से मरने वाले लोगों की तादाद हमारे पड़ोसी मुल्क के द्वारा आतंकवाद में होने वाली मौतों से कहीं ज्यादा हैं। इसका मतलब ? और दूसरी तरफ़ सरकार का ही स्वास्थ्य विभाग जनजागृति के नाम पर विज्ञापन और इलाज पर करोड़ों रूपया फ़ूँक रही है।
गैरी लॉयर का एक प्रसिद्ध गाना था – Cigarette in my hand यह देखिये –
The very famous antismoking campaign from ‘Bombay hospital’
I remember the time, I had my first hook
Try it just once, friends gently provoked
Friends told me yes, light a ciggy for a start
you would like the fire in a pretty girls laugh
With a cigarette in my hand I felt like a man
cigarette in my hand I felt like a man
My hero look so right
with a cigarette on his lips
Could I go wrong if I follow his tips
On the job I learnt a thing or two
cigarette had a place in every work day too
cigarette started every hour of my day
couldn’t get out of the habit, no way
With a cigarette in my hand I felt like a man
cigarette in my hand I felt like a man.
In moments that were a little a lonesome,
cigarette and I were happy twosome
cigarette slowly became my crunch
energy and stamina are lost very much
until one day I couldn’t on my feet
smoke made me feel real dead meat
then I realized I have paid a price.
With a cigarette in my hand, I was a dead man.
फ़ोर्स बैचलर रहने का मौका|
सीधे हाथ के अंगूठे का महत्व और होने वाली तकलीफ़ें |
सीधे हाथ के अंगूठे में लगने के कारण कुछ तकलीफ़ें –
१. जेट चलाने में उल्टे हाथ का प्रयोग करना पड़ा।
२. मोबाईल उपयोग करने के लिये उल्टे हाथ का प्रयोग करना पड़ा।
३. बटन लगाने के लिये उल्टे हाथ के अंगूठे पर निर्भर होना पड़ा।
४. जिप बंद करने में भी अंगूठे का बहुत योगदान है।
५. हेलमेट के लॉक को बंद करने के लिये अंगूठे को छोड़ दूसरी ऊँगलियों पर निर्भर होना पड़ा। जो कि वाकई बहुत कष्ट्दायक है।
६. बेल्ट का लॉक लगाने के लिये भी अंगूठा बहुत मददगार होता है।
७. की-बोर्ड पर स्पेस बटन दबाने के लिये उल्टे हाथ के अंगूठे का प्रयोग करना पड़ रहा है।
८. खाना खाने के लिये भी उल्टे हाथ का प्रयोग करना पड़ रहा है, क्योंकि रोटी का कौर तोड़ने में सीधे हाथ के अंगूठे का बहुत बड़ा योगदान है।
८. पानी की बोतल का ढक्कन खोलने में भी अंगूठे का बहुत बड़ा योगदान है।
९. सुबह टूथब्रश भी उल्टे हाथ से करना पड़ रहा है।
१०. टीवी का रिमोट भी उल्टे हाथ से उपयोग करना पड़ रहा है।
११. ताला लगाने के लिये उल्टे हाथ के अंगूठे का प्रयोग करना पड़ रहा है।
१२. इलेक्ट्रिक प्लग में प्लग करने के लिये भी उल्टे हाथ का सहारा लेना पड़ रहा है।
१३. हमारे लेपटॉप में यू.एस.बी. सीधे हाथ की तरफ़ है तो अब पेन ड्राईव लगाने के लिये पहले लेपटॉप को पूरा घुमाना पड़ता है फ़िर पेन ड्राईव लगाना पड़ती है।
१४. फ़ीता बांधने में परेशानी होने के कारण बिना फ़ीते का जूता पहना या फ़िर चप्पल।
१५. सारे क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड पर्स में आगे जेब में होने से पर्स भी उल्टे हाथ से प्रयोग करना पड़ रहा है और कार्ड निकालने के लिये भी उल्टे हाथ का अंगूठा प्रयोग करना पड़ रहा है।
१६. जेब में भी सारी चीजों की जगह बदल गयी हैं, सारी दायीं तरफ़ की चीजें बायीं तरफ़ आ गई हैं।
१७. बाईक चलाने में एक्सलेटर के लिये केवल ऊँगलियों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, और थोड़ा अंगूठे के निचले हिस्से की मदद लेना पड़ रही है।
१८. घड़ी बांधने में भी अब मध़्यमा ऊँगली का सहारा लेना पड़ रहा है।
१९. दरवाजे के चिटकनी लगाने के लिये भी उल्टे हाथ का ही प्रयोग करना पड़ रहा है।
२०. कपड़े पर चिपकी लगाने के लिये भी उल्टे हाथ का प्रयोग करना पड़ रहा है।
अब हाथ में तकलीफ़ थोड़ी कम है, आगे के उपचार के लिये चिकित्सक महोदय के पास जाने के बाद कल पता चलेगा और कितने दिन लगेंगे ठीक होने में।
भयावह स्वप्न – ड्रेगन, बख्तरबंद ट्रक और पेड़ पर हरे पत्तों को ट्रांसप्लांट करना
सावधान ! कहीं बैंक खाते से पैसा गायब ना हो जाये (Be Alert ! for your money in Bank..)
भोरकालीन वातावरण और प्रकृति के अप्रितम रंग
सुबह जल्दी उठकर प्रकृति का आनंद लेना, मेरे जीवन का एक अहम हिस्सा है, प्रकृति के इस रम्य वातावरण को देख मन आह्लादित हो उठता है। जो प्रसन्नता मन को भोरकालीन वातावरण में मिलती है, वह अवर्णनीय है। सुबह पंक्षियों का कलरव, मंद गति से बहती शीतल हवा, बयार में शांत पेड़ पौधे अपने अप्रितम सौंदर्य का दर्शन देते हैं, दैनिक जीवन की शुरूआत से पहले बिल्कुल शांत और निर्वाण रूप होता है सुबह का।
पक्षी स्वच्छन्दता से अपने पंखों से उड़ रहे होते हैं और डैने फ़ैलाकर
आकाश में क्रीड़ा कर रहे होते हैं। पक्षियों की इस क्रीड़ा को देखने से मन ऊर्जास्फ़ुरित हो उठता है। कुछ पक्षी उड़ान के अपने नियम बनाते हैं और कुछ पक्षी अनुशासन में एक के पीछे एक पंक्ति में उड़ान भरते नजर आते हैं। इन पक्षियों को देखकर ही विचार मुखरित हो उठते हैं और हृदय को मिलने वाली प्रसन्नता शब्दों में कह पाना कठिन होता है।
पौधे अपने निर्विकार रूप में खडे होते हैं, पेड़ पौधों में जान होती है परंतु वे स्व से अपने पत्तियों को खड़का नहीं सकते, वे तो प्रकृति प्रदत्त वातावरण पर आश्रित होते हैं। भोर में पेड़ पौधों पर पड़ी ओस, मोती सा आभास देती है, और जलप्लवित पत्तियों से ऊर्जा संचारित होती है, वह ऊर्जा लेकर हम अपने जीवन की शुरूआत करते हैं।
कुछ समय पूर्व रंगों के त्यौहार पर इस बागीचों के शहर में पंक्तिबद्ध रंगबिरंगे फ़ूलों के बड़े बड़े पेड़ों को देखते ही बनता था, प्रकृति प्रदत्त इन रंगीन फ़ूलों को देखकर ही लगता था कि रंगों का त्यौहार आ चुका है, सड़क किनारे कच्ची पगडंडियों पर गिरे इन फ़ूलों का अप्रितम सौंदर्य देखते ही बनता है। विभिन्न रंगों के फ़ूल जीवन के विभिन्न रंगों को प्रदर्शित करते हुए, गीत गाते हुए जीवन को नया राग देते हैं।
प्रकृति की इस मौन भाषा को देखकर और अहसास से ही समझा जा सकता है, भोर के इस थोड़े से समय बाद जीवन की भागदौड़ में ये भोरकालीन मंच अपने आप पर पर्दा गिराकर फ़िर से दिनभर के लिये लुप्त हो जाता है। यह भोरकालीन मंच का आनंद लें और अपने जीवन को खुशियों में प्रकृति संग बितायें।
भोरकालीन कुछ और चित्र जिन्हें देखकर मन आनंद की सीमाओं के परे दौड़ पड़ता है।





