अभिवादन हमारी संस्कृति हमारी परंपरा

रोज सुबह घूमने निकलता हूँ तो कई जाने जाने पहचाने चेहरे रोज ही दिखते हैं, पर कुछ ही लोग गुड मॉर्निंग कह कर अभिवादन करते हैं। हमारी परंपरा रही है कि सुबह हम लोग जय श्री कृष्णा करते थे, जय श्रीराम कहा करते थे। Continue reading…

 

TVS Jupiter की फेक्टरी विजिट “ज्यादा का फायदा”

बेटा बड़ा हो रहा है और घरवाली को भी आजकल बाहर जाने के लिये किसी साधन की जरूरत महसूस होती है, क्योंकि पहले तो हम हर जगह ले जाते थे, पर अब हमारा समय ऑफिस में ज्यादा निकलता है तो अब एक दोपहिया वाहन की जरूरत महसूस जरूर होती है, जिसे बेटा और घरवाली दोनों चला सकें, सारे दोपहिया वाहन देखे, पसंद आया TVS Jupiter।

तभी हमें इंडीब्लॉगर की तरफ से TVS Jupiter की फेक्टरी में जाने के लिये मौका भी मिल गया, जिसमें केवल हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं के ब्लॉगरों को बुलाया गया था। हम बैंगलोर के प्रसिद्ध ट्रॉफिक से होते हुए TVS Jupiter की फेक्टरी होसुर पहुँचे। जब हम फेक्टरी पहुँचे तो वहाँ की हरियाली देखकर मंत्रमुग्ध हो गये, चारों तरफ फेक्टरी की इमारतों के बीच जगह जगह कतार से लगे पेड़ और लंबे फैले घास के मैदान।

Bloggers in BUS

 

 

 

 

 

 

 

 

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लोग आत्महत्या क्यों करते हैं

आत्महत्या क्यों करते हैं और हम उन्हें कैसे बचा सकते हैं, इसके लिए समाज को अथक प्रयास करना होंगे। अब हम किसी भी मुख्य समाचार को ऐसे ही पढ़कर नहीं जाने देंगे। पहले एक जवान लड़का जिसके लिए कहा गया कि उसने UPSC एग्जाम में फेल होने पर आत्महत्या कर ली, फिर उसके बाद एक फैशन डिजाइनर। हमें पता नहीं है कि आत्महत्या करने के पीछे किस तरह की मानसिकता काम करती है, जैसे कि एक व्यक्ति जिसको व्यापार में बहुत घाटा हो गया हो, शराब पीने की भी लंबी आदत रही हो, अपनी पत्नी से समस्या हो, तो जब वे लोग ज्यादा सोचते हैं, तो वह अपनी जिंदगी खत्म करने के बारे में सबसे पहले सोचते हैं। Continue reading…

 

परीक्षा में असफल होना भी ठीक है

अभी दसवीं और बारहवीं के परीक्षा परिणाम आ चुके हैं और जिन बच्चों के 99% या उससे ज्यादा हैं, हम उनके परीक्षा परिणामों पर उत्सव भी मना चुके हैं। उनकी सफलता के लिए उनको बधाई का हक तो है ही, पर ऐसे बहुत सारे बच्चे भी हैं जो इतने नंबर नहीं ला सके और कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जिन्हें उम्मीद से कम नंबर मिले, और कुछ बच्चे परीक्षा में असफल भी हुए हैं। परीक्षा परिणाम कुछ भी रहा हो, परंतु यह समय है अपने दिमाग को शांत और स्थिर रखने का और आगे बढ़ने के लिए तैयार होने का। Continue reading…

 

जब समाचार आपको नकारात्मक बना दे

हमारे दिन की शुरुआत किसी समाचार पत्र को पढ़कर ही होती है और जब तक हम समाचार पत्र नहीं पढ़ लेते, तब तक पूरा दिन ऐसा लगता है कि आज शुरुआत ही नहीं हुई। परंतु आजकल जब कोई मुझे कहता है कि तुमने तो आज अपने आसपास के समाचार देखना ही बंद कर दिया तो मैं उसे थोड़ा पर्सनल ही लेता हूँ क्योंकि मैं अपने आसपास की सारी नकारात्मक खबरें नहीं पड़ना चाहता, आज की कहावत है कि अगर आप समाचार नहीं देख रहे तो, आपके पास जानकारी नहीं है, परंतु अगर आप समाचार देख रहे हैं तो आपके पास गलत जानकारी है। Continue reading…

 

पाचन क्रिया को खत्म करने वाली चार चीजें

आपकी खाने की आदत, सोने की आदत और पानी पीने की आदत यह सब आपकी पाचन क्रिया से सीधे संबंधित हैं, तो इन पर ध्यान रखिये और इनको ठीक करिये।

जितना हम समझते हैं पाचन क्रिया इतनी आसान नहीं है। हम लोग अधिकतर पाचन क्रिया को यह कहकर अनदेखा कर देते हैं कि यह तो यह तो ज्यादा वजन के कारण हो रहा है या फिर हमारे कम वजन के कारण हो रहा है। दरअसल पाचन क्रिया हमारी आदतों से सीधे संबंधित है कि हम अपने शरीर को कैसे रखते हैं। Continue reading…

 

अपनी उम्र बढ़ने से रोकने के उपाय

उम्र बढ़ती जाती है और यह जीवन चक्र का निश्चित क्रम है। लेकिन मुख्य प्रश्न यह है कि हम अपनी उम्र के साथ बढ़ते हुए कैसे कम से कम दवाइयों और डॉक्टरी सुख सुविधाओं को लेते हुए आगे बढ़ें। हममें से अधिकतर लोग स्वास्थ्य बीमा में बहुत सा पैसा खर्च करते हैं, लेकिन हममें से ऐसे कितने लोग हैं जो स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए पैसा खर्च करते हैं। हम लोगों ने यह मान लिया है और यह समझ लिया है कि उम्र बढ़ने के साथ में बीमारियाँ और दर्द आते जायेंगे। तो यहाँ हम बात करेंगे कि किस प्रकार से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और जब उम्र बढ़ती है तो अपने जीवन चक्र में क्या क्या ध्यान रखें। ऐसे ही अपनी उम्र बढ़ने से रोकने के उपाय पर हम बात करते हैं। Continue reading…

 

असहज परिस्थितियों को कैसे संभालें How to manage the bad situations

सत्य यही है कि दुनिया में कोई भी सर्वगुण संपन्न नहीं है और यह भी उतना ही सत्य है कि हर कोई कभी ना कभी कोई ना कोई गलती करता ही है। और मजा तो तब आता है जब आप किसी ऑफिस में काम करते हो और इसी प्रकार की किसी परिस्थिति से आप कम से कम एक बार या एक से अधिक बार रोज ही रूबरू होते हैं। Continue reading…

 

क्या मैं रिस्क याने कि जोखिम लूँ !!

पूरे ब्लॉग में जोखिम को रिस्क (Risk) ही पढ़ें, आजकल सभी लोग रिस्क शब्द को समझते ही हैं।

पूरा जीवन ही आजकल केलकुलेटेड रिस्क है और किसी भी समय किसी असफलता वाले काम में सफलता भी मिल सकती है तो आपको ऐसा क्या रोकता है कि आप रिस्क नहीं लेना चाहते। Continue reading…

 

500 में से 499 नंबर वाह

आज बारहवीं कक्षा का परीक्षाफल आया और उसमें एक प्रतिभावान छात्र ने 500 में से 499 नंबर लाकर दिखाये। समाज को, परिवार को, दोस्तों को उस छात्र पर नाज होगा और होना ही चाहिये। यहाँ आज इस ब्लॉग में मेरा इस विषय पर लिखने का मकसद कुछ और है। हर वर्ष ऐसे कई प्रतिभावन छात्र होते हैं, जिनके पास बेहतरीन दिमाग होता है और वे अपने क्षैत्रों में अव्वल आते हैं। परंतु फिर भी भारत में से ये लोग जाते कहाँ है, जब बारहवीं में 499 नंबर आये हैं तो आगे भी परीक्षाओं में वे लोग बेहतर ही करेंगे, यह तो तय है। फिर ये सब लोग न वैज्ञानिक बने दिखाई देते हैं, न ही उद्यमी, जिससे भारत का नाम रोशन हो। Continue reading…