ब्लॉग लेखन के लिये मेकबुक एयर लेपटॉप को चुनने की प्रक्रिया

ब्लॉग लिखते हुए १२ वर्ष से ज्यादा हो गये, परंतु अब मेकबुक एयर खरीदा है, शुरूआत में मेरे पास डेस्कटॉप था, फिर मेरा पहला लेपटॉप सोनी वायो था, और उसके बाद लेनेवो का लेपटॉप, जिसे अभी लगभग ३ वर्ष ही हुए हैं। लेनेवो के लेपटॉप में ऐसी कोई बड़ी समस्या नहीं है, अभी तक चल रहा था, विन्डोज १० का कोई एक अपडेट २३ महीने पहले आया, जिसके कारण मेरा लेपटॉप हैंग होने लग गया। क्योंकि मेरे लेपटॉप में ४ जीबी रैम और ५०० जीबी की हार्डडिस्क है, तो पता चला कि कोई प्रोसेस ही ज्यादा मैमोरी ले रही है और इसके कारण हमारा लेपटॉप बहुत धीमा चल रहा है। तब तक मैं वीडियो भी केमेस्टेशिया पर बनाता था। जो कि विन्डोज के लिये एक बेहतरीन उपलब्ध सॉफ्टवेयर है।

लाईनिक्स मैं हालांकि बहुत वर्षों से उपयोग कर रहा हूँ, परंतु वीडियो बनाने के लिये लाईनिक्स का उपयोग करने की शुरूआत मैंने अभी पहली बार की, सबसे पहले उबन्टू 16.04 LTE का इंस्टालर डाऊनलोड किया जो कि पेनड्राईव पर लोड करके, पेनड्राईव से बूट किया और फिर उबन्टू संस्थापित किया। Ubuntu 16.04 तक मिनिमाईज, मैक्जिमाईज और क्लोज का बटन उल्टे हाथ की तरफ था, जिससे विन्डोज को उपयोग करने वाले लोगों के लिये बहुत परेशानी थी। २४ दिन बाद ही Ubuntu 18.04 LTE के अपग्रे़ड उपलब्ध होने का मैसेज आया। हमने हाथों हाथ अपग्रेड कर लिया, यहाँ Ubuntu ने विन्डोज वाले लोगों के लिये मिनिमाईज, मैक्जिमाईज और क्लोज का बटन सीधे हाथ की ओर दे दिया, तो अब सबसे ब़ड़ी परेशानी खत्म हो चुकी थी।

अब विन्डोज १० केवल हमारे लिये प्रिंट निकालने के लिये ही काम आने लगा, वह भी कई बार रिस्टार्ट करने के बाद, हमने अपने लेपटॉप का १८० जीबी लाईनिक्स को दिया और बाकी का विन्डोज के पास ही रहने दिया, लाईनिक्स ने ऑटोमेटिक प्रिंटर तो संस्थापित कर लिया, परंतु प्रिंट नहीं निकला, प्रिंट निकालने की समस्या खड़ी हो गई, बहुत बार गूगल किया और प्रिंटर संस्थापित किया, परंतु सफलता नहीं मिली। टर्मिनल में कमांड लिखने में बहुत परेशानी होती है, परंतु हमें उतनी परेशानी महसूस नहीं होती है। हमने बहुत कोशिश की, परंतु कुछ हुआ नहीं। उल्टा गड़बड़ ये हो गई कि लेपटॉप का माइक और स्पीकर चलना बंद हो गया।

वीडियो रिकार्डिंग के लिये हम लाईनिक्स में काजम Kazam का उपयोग करते हैं, जो कि सीधे ही .mp4 फार्मेट में वीडियो फाईल सेव कर देता है, और वीडियो की रेन्डरिंग भी नहीं करनी पड़ती। इसी से ही स्क्रीनशॉट भी ले सकते हैं, या फिर Screenshot सॉफ्टवेयर का उपयोग भी किया जा सकता है। अब बहुत परेशना की बात हो गई थी, क्योंकि हमारा फाईनेंशियल बकवास यूट्यूब चैनल है और इस चैनल पर हम हर सप्ताह २ वीडियो डालते हैं, एक रविवार को और एक बुधवार को। लेपटॉप बहुत भारी भी है, साथ ही बैटरी लाईफ भी कम है। हमने बहुत शोध किये और अंतत: पाया कि हमारी सारी समस्याओं का एक ही समाधान है, कि हम या तो लाईनिक्स बेस्ड लेपटॉप पर शिफ्ट हो जायें या फिर एप्पल के मेकबुक एयर पर। इस लेपटॉप में एक और समस्या हुई कि स्क्रीन पर ब्लैक डॉट्स आ गये हैं, तो स्क्रीन ज्यादा दिन नहीं चलेगी, और न ही यह लेपटॉप एक्सचेंज में जायेगा, क्योंकि यह फिजिकल डैमेज माना जाता है।

लाईनिक्स के लेपटॉप भी SSD HDD के साथ 42 हजार के आसपास पड़ रहा था, और उसकी बैटरी लाईफ भी कम थी, ज्यादा से ज्यादा ३४ घंटे, परंतु वहीं मैक एयर की बैटरी लाईफ १२ घंटे और वजन १ किलो कम याने कि १.३९ किेलो, जबकि लाईनिक्स वाले लेपटॉप का वजन २.६ किलो। फेसबुक पर स्टेटस डालकर अपने मित्रों से राय ले ली गई, और जीत मैकबुक एयर की ही हुई, क्योंकि मैकबुक की लाईफ भी अच्छी है, और हमारे सारे काम भी हो जायेंगे, तो फ्लिपकार्ट पर आखिरी दिन की सैल में हमने मैकबुक एयर खरीद लिया, एप्पल स्टोर पर ६३ हजार का था, और फ्लिपकार्ट पर ५५ हजार का और क्रेडिट कार्ड का १०% इंस्टेंट डिस्काऊँट मिलाकर हमें लगभग ५१ हजार का पड़ा, अभी लेपटॉप को आने में २ सप्ताह हैं। फ्लिपकार्ट की डिलिवरी बहुत देरी से होती है, पर और कोई चारा ही नहीं था। अब हमारा मैकबुक एयर आ जाये, फिर हम उसके अनुभव भी साझा करेंगे।

 

सोशल मीडिया में होने वाला है ऐतिहासिक सामाजिक युद्ध और राजनैतिक जोंबी

आने वाले चुनाव के मद्देनजर यह तय है कि सोशल मीडिया में ऐतिहासिक सामाजिक युद्ध छिड़ने वाला है, जिसके साक्षी हम सभी होंगे और लगभग सभी को जाने अनजाने ही इसमें भाग लेना होगा। सोशल मीडिया में जितने भी जाने पहचाने दोस्त हैं उनमें से अधिकतर का पता है कि उनकी प्रतिक्रिया क्या होगी और कितनी तल्ख होगी। परंतु कई लोग जो बीच बीच में छुपकर घुस आये हैं, वे इस युद्ध के विभीषण होंगे, वे यहाँ से वहाँ तक सारे रिश्तों की बखिया उधेड़ेंगे। Continue reading…

 

अभिवादन हमारी संस्कृति हमारी परंपरा

रोज सुबह घूमने निकलता हूँ तो कई जाने जाने पहचाने चेहरे रोज ही दिखते हैं, पर कुछ ही लोग गुड मॉर्निंग कह कर अभिवादन करते हैं। हमारी परंपरा रही है कि सुबह हम लोग जय श्री कृष्णा करते थे, जय श्रीराम कहा करते थे। Continue reading…

 

TVS Jupiter की फेक्टरी विजिट “ज्यादा का फायदा”

बेटा बड़ा हो रहा है और घरवाली को भी आजकल बाहर जाने के लिये किसी साधन की जरूरत महसूस होती है, क्योंकि पहले तो हम हर जगह ले जाते थे, पर अब हमारा समय ऑफिस में ज्यादा निकलता है तो अब एक दोपहिया वाहन की जरूरत महसूस जरूर होती है, जिसे बेटा और घरवाली दोनों चला सकें, सारे दोपहिया वाहन देखे, पसंद आया TVS Jupiter।

तभी हमें इंडीब्लॉगर की तरफ से TVS Jupiter की फेक्टरी में जाने के लिये मौका भी मिल गया, जिसमें केवल हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं के ब्लॉगरों को बुलाया गया था। हम बैंगलोर के प्रसिद्ध ट्रॉफिक से होते हुए TVS Jupiter की फेक्टरी होसुर पहुँचे। जब हम फेक्टरी पहुँचे तो वहाँ की हरियाली देखकर मंत्रमुग्ध हो गये, चारों तरफ फेक्टरी की इमारतों के बीच जगह जगह कतार से लगे पेड़ और लंबे फैले घास के मैदान।

Bloggers in BUS

 

 

 

 

 

 

 

 

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लोग आत्महत्या क्यों करते हैं

आत्महत्या क्यों करते हैं और हम उन्हें कैसे बचा सकते हैं, इसके लिए समाज को अथक प्रयास करना होंगे। अब हम किसी भी मुख्य समाचार को ऐसे ही पढ़कर नहीं जाने देंगे। पहले एक जवान लड़का जिसके लिए कहा गया कि उसने UPSC एग्जाम में फेल होने पर आत्महत्या कर ली, फिर उसके बाद एक फैशन डिजाइनर। हमें पता नहीं है कि आत्महत्या करने के पीछे किस तरह की मानसिकता काम करती है, जैसे कि एक व्यक्ति जिसको व्यापार में बहुत घाटा हो गया हो, शराब पीने की भी लंबी आदत रही हो, अपनी पत्नी से समस्या हो, तो जब वे लोग ज्यादा सोचते हैं, तो वह अपनी जिंदगी खत्म करने के बारे में सबसे पहले सोचते हैं। Continue reading…

 

परीक्षा में असफल होना भी ठीक है

अभी दसवीं और बारहवीं के परीक्षा परिणाम आ चुके हैं और जिन बच्चों के 99% या उससे ज्यादा हैं, हम उनके परीक्षा परिणामों पर उत्सव भी मना चुके हैं। उनकी सफलता के लिए उनको बधाई का हक तो है ही, पर ऐसे बहुत सारे बच्चे भी हैं जो इतने नंबर नहीं ला सके और कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जिन्हें उम्मीद से कम नंबर मिले, और कुछ बच्चे परीक्षा में असफल भी हुए हैं। परीक्षा परिणाम कुछ भी रहा हो, परंतु यह समय है अपने दिमाग को शांत और स्थिर रखने का और आगे बढ़ने के लिए तैयार होने का। Continue reading…

 

जब समाचार आपको नकारात्मक बना दे

हमारे दिन की शुरुआत किसी समाचार पत्र को पढ़कर ही होती है और जब तक हम समाचार पत्र नहीं पढ़ लेते, तब तक पूरा दिन ऐसा लगता है कि आज शुरुआत ही नहीं हुई। परंतु आजकल जब कोई मुझे कहता है कि तुमने तो आज अपने आसपास के समाचार देखना ही बंद कर दिया तो मैं उसे थोड़ा पर्सनल ही लेता हूँ क्योंकि मैं अपने आसपास की सारी नकारात्मक खबरें नहीं पड़ना चाहता, आज की कहावत है कि अगर आप समाचार नहीं देख रहे तो, आपके पास जानकारी नहीं है, परंतु अगर आप समाचार देख रहे हैं तो आपके पास गलत जानकारी है। Continue reading…

 

पाचन क्रिया को खत्म करने वाली चार चीजें

आपकी खाने की आदत, सोने की आदत और पानी पीने की आदत यह सब आपकी पाचन क्रिया से सीधे संबंधित हैं, तो इन पर ध्यान रखिये और इनको ठीक करिये।

जितना हम समझते हैं पाचन क्रिया इतनी आसान नहीं है। हम लोग अधिकतर पाचन क्रिया को यह कहकर अनदेखा कर देते हैं कि यह तो यह तो ज्यादा वजन के कारण हो रहा है या फिर हमारे कम वजन के कारण हो रहा है। दरअसल पाचन क्रिया हमारी आदतों से सीधे संबंधित है कि हम अपने शरीर को कैसे रखते हैं। Continue reading…

 

अपनी उम्र बढ़ने से रोकने के उपाय

उम्र बढ़ती जाती है और यह जीवन चक्र का निश्चित क्रम है। लेकिन मुख्य प्रश्न यह है कि हम अपनी उम्र के साथ बढ़ते हुए कैसे कम से कम दवाइयों और डॉक्टरी सुख सुविधाओं को लेते हुए आगे बढ़ें। हममें से अधिकतर लोग स्वास्थ्य बीमा में बहुत सा पैसा खर्च करते हैं, लेकिन हममें से ऐसे कितने लोग हैं जो स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए पैसा खर्च करते हैं। हम लोगों ने यह मान लिया है और यह समझ लिया है कि उम्र बढ़ने के साथ में बीमारियाँ और दर्द आते जायेंगे। तो यहाँ हम बात करेंगे कि किस प्रकार से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और जब उम्र बढ़ती है तो अपने जीवन चक्र में क्या क्या ध्यान रखें। ऐसे ही अपनी उम्र बढ़ने से रोकने के उपाय पर हम बात करते हैं। Continue reading…

 

असहज परिस्थितियों को कैसे संभालें How to manage the bad situations

सत्य यही है कि दुनिया में कोई भी सर्वगुण संपन्न नहीं है और यह भी उतना ही सत्य है कि हर कोई कभी ना कभी कोई ना कोई गलती करता ही है। और मजा तो तब आता है जब आप किसी ऑफिस में काम करते हो और इसी प्रकार की किसी परिस्थिति से आप कम से कम एक बार या एक से अधिक बार रोज ही रूबरू होते हैं। Continue reading…