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Gap Up

Bollinger Band के बारे में Part 1

Bollinger Band के basics के बारे में आप गूगल करके पढ़ सकते हैं।

Bollinger Band कहता है कि किसी भी दिन Gap Down या Gap up होने के बाद भले वह 15 Min हो या 30 Min या 1 Hour Time Frame हो, और candle Bollinger Band के बाहर बने, Candle Bollinger Band से बिल्कुल भी न छुए। 

Gap up होने पर अगर दूसरी या तीसरी या उसके बाद की कोई भी Candle VWAP के नीचे आ जाती है, तो उस दिन price बहुत तेजी से नीचे गिरता है और price ऊपर rarely ही जाता है। मतलब short को Trade बनता है।पूरे दिन अपने VWAP को नहीं तोड़ेगा। ऐसा क्यों होता है क्योंकि smart money वहाँ से exit करता है और retailers trap होता है। इसे BB Trap कहा जाता है। इससे लगभग 10-15% तक का return उसी दिन मिल सकता है। और यह 80-90% केस में successful होता है। आपका Entry price ही आपका Stop loss होगा, आप System में Stop loss लगा देना है। 80-90% केस में आपका stop loss हिट ही नहीं होगा।

Gap Up Ideal scenario

इसमें तीन प्रकार से trade किया जा सकता है – 

  1. Cash में short कर सकते हैं, मतलब कि short sell कर सकते हैं, ध्यान रखें कि आपका ऑर्डर MIS & intraday में place होना चाहिये। ऑर्डर कभी भी Normal (NRML) में short नहीं करना चाहिये।
  2. Future को short कर सकते हैं और उसे Necked नहीं करना है, तब put की ATM को short sell कर देना है। उससे क्या होगा कि आपका बढ़िया सी Hedge हो जायेगी। Necked में भी जा सकते हैं, पर उसमें ज्यादा loss हो सकता है।
  3. अगर आप option seller हैं तो एक ATM से एक strike आगे का option sell कर देना है और और जिस underlying security के price पर आपने option short किया है, वह आपका stop loss रहेगा, VWAP को stop loss रखना ठीक रहेगा। Future price is 1773 selected strike is 1780 then ideally your stop loss would be 1773 or VWAP and you can put System stop loss as Day High. ऊपर का CE option buy कर लेंगे। तो लगभग 1830 का option Buy कर लेंगे।
  4. अगर आप option buyer हैं तो आपको ATM के एक strike ऊपर की ITM put को buy करना है और ITM में 1 या 2 strike put sell करना है। जैसे कि अगर 1660 PE 67 पर buy किया है तो 1620 PE 48 पर खरीदा है तो आपका Difference होगा 67-48 = 19 points जैसे ही आपके खरीदे हुए put की कीमत 67+19 = 86 होती है, आपको profit book कर लेना है। खरीदने पर बस आपको ध्यान रखना है कि आपका premium decay हो रहा है। 
  5. BB Trap का Scanner बनाईये, जिससे वह काम आयेगा। Stocks में Gap up / Gap down 3% से ज्यादा और Indices में 1% से ज्यादा होना चाहिये।

Hedging करना ज़रूरी है इससे आपका risk calculative रहता है।इसमें आपका profit जरूर कम हो जाता है, परंतु Risk बहुत कम हो जाता है।

Interaday में vwap के ऊपर sell नहीं करना है, और vwap के नीचे है तो buy नहीं करना है। Interaday में pivot points halt का काम करते हैं। अगर आप Indices future 36200 को short करते हैं तो आपको monthly 36200 का ही put short करेंगे। यह आपकी Hedge हो जायेगी, अगर monthly नहीं है तो अगले week की expiry के put को भी short कर सकते हैं। Stop loss यहाँ पर VWAP रहेगा। अपना profit सही समय पर book कर लेना चाहिये।

अगर किसी में भी Day Candle पर Gap up (Bollinger Band के बाहर) होता है और अगली candle उस candle के low को break करती है तो आप positional short जा सकते है।

बााजार open होने के बाद में देखना है कि Open High (OH), Open Low (OL), BB Trap या BB Blast तो नहीं हुआ है। Gap Up में हो तो उसके बाद की Trade अधिकतर सफल होती हैं, वहीं Gap Down में यह उतना सफल नहीं होता है, क्योंकि बाजार में fear होता है।

Gap Down होने पर अगर दूसरी या तीसरी या उसके बाद की कोई भी Candle VWAP के ऊपर आ जाती है, तो उस दिन price बहुत तेजी से ऊपर जाता है और price नीचे rarely ही जाता है। मतलब long को Trade बनता है।

Gap down

Legal Declaimer – I am not SEBI Registered Research Analyst. All Posts, Views & Ideas are for Educational purpose only. I am not responsible for your Profit & Loss. Please consult your Financial Advisor before making any Investment / taking any trade position in market.

यह मेरी ख़ुद की Learning है जो कि मैं NK Sir के Content से सीख रहा हूँ। यह सारा Content NK Sir का copyright है।

पूर्वाग्रह होना अच्छा या बुरा

पूर्वाग्रह होना अच्छा या बुरा कैसा होता है, यह सभी लोग सोचते हैं क्योंकि यह एक बहुत अच्छी आदत नहीं, बल्कि बुरी आदत है। पहले अगर यह समझ लें कि पूर्वाग्रह क्या होता है तो बेहतर होगा, हम किसी के बारे में पहले से ही उसके आचरण, व्यवहार या कार्य के प्रति कोई भावना बना लें, वह पूर्वाग्रह कहलाता है। कई बार हम बिना मिले ही किसी के बारे में पढ़कर उसके बारे में सोच समझ लेते हैं, परंतु जब हम बात करते हैं, या मिलते हैं तो पूर्वाग्रह से ग्रसित होते हैं और कई बार हमारा पूर्वाग्रह गलत साबित होता है।

पूर्वाग्रह को हम घर में ही देख सकते हैं, अगर घर में दो बच्चे हैं एक अगर जल्दी समझ जाता है और ढंग से काम भी कर लेता है तो हम उसे होशियार की उपाधि दे देते हैं वहीं दूसरा बच्चा अगर उसी कार्य को देरी से समझकर करता है तो हमें उसे बेवकूफ या देर से समझनेवाले की उपाधि दे देते हैं। अगली बार कोई भी कार्य हो तो हम पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर पहले बच्चे को ही कहेंगे, जबकि हर व्यक्ति की अपनी विशेषता होती है, हो सकता है कि वह दूसरा बच्चा किसी ओर चीज में अच्छा हो जहाँ पहला बच्चा अच्छा न कर पाये।

पूर्वाग्रह हम लगभग हर रिश्ते में देख सकते हैं अपनी प्रोफेशनल लाईफ़ में भी देख सकते हैं, कई बार पूर्वाग्रह हम किसी की एक बात को पकड़कर बैठ जाते हैं और उसके आधार पर हम किसी भी व्यक्ति के साथ एक अजीब तरह का व्यवहार करने लगते हैं। यह भी तो हो सकता है कि जो आपको पूर्वाग्रह हो वह सही न हो, और उस व्यक्ति ने कार्य सीख लिया हो या फिर अपना व्यवहार ठीक कर लिया हो। परंतु हम मौक़ा ही नहीं देते, और हमेशा इस तरह के संवाद सुनने को मिलते हैं –

“मैंने तो पहले ही कहा था कि इसके बस की बात नहीं”

“मैंने तो पहले ही कहा था कि ये कुछ कर ही नहीं सकता”

“मुझे लगा ही था कि ये कुछ गड़बड़ कर सकता है”

“सोच ही रहा था कि अगर यह कार्य उसको देता तो सही प्रकार से हो जाता”

“काम देने के पहले ही लग रहा था कि तुम बहुत ढीले हो”

“तुम तो बेवकूफ हो बेवकूफ ही रहोगे, पता नहीं कब काम करना सीखोगे”

और भी पता नहीं क्या क्या संवाद हम अपने दैनिक जीवन में सुनते ही रहते हैं, कुछ संवाद शायद आपको अपनी याददाश्त में भी आ जायें और आप अपनी यादों में खो जायें।

कहने का मतलब केवल इतना ही है कि पूर्वाग्रह से ग्रसित न होकर हम एक बार ग़लत करने पर, उन्हें समझायें कि कैसे इस कार्य को अच्छे से कर सकते थे, या क्या गलती कर दी। और हमेशा ही दूसरा, तीसरा, चौथा …. मौक़ा देते रहें। नहीं तो सभी लोग वह कार्य कर ही नहीं पायेंगे, भले यह निजी जीवन की बात हो या प्रोफेशनल जीवन की।

आप भी टिप्पणी करके अपने विचार रखिये।

दुनिया ही ख़त्म हो गई तो क्या होगा

मन में हमेशा ही ऐसा कुछ चलता रहता है कि वैसे भी किसी के होने या न होने का बहुत ज़्यादा फ़र्क़ नहीं पड़ता, बस जब तक कोई हमारे आसपास है, तब तक सब ठीक है, परंतु जब वह व्यक्ति हमारे जीवन में नहीं है तो हम उसके बिना रहना सीख लेते हैं। धीरे धीरे हमें आदत पड़ जाती है, और दरअसल होता भी इसलिये है कि जब तक वह व्यक्ति हमारे आसपास रहता है, हमें उसकी अहमियत पता नहीं होती, न ही उस व्यक्ति का महत्व पता लगता है। परंतु अचानक ही अगर वह व्यक्ति हमेशा के लिये हमारे से दूर हो जाये तो बहुत तकलीफ़ होती है, क्योंकि तब हमें अचानक ही लगता है, कि अब बहुत से कार्य जो बन जाते थे, वे अब बहुत मुश्किल होंगे। साथ रहने से हमारे मन में जुड़ाव तो रहता ही है।

कई बार सोचता हूँ कि अगर मान लो कि दुनिया ही ख़त्म हो गई तो क्या होगा, और ख़ासकर तब क्या होगा जब सब ख़त्म हो जायें और कोई 1-2 लोग ही इस पृथ्वी पर जीवित बचें, तो वे लोग कैसे अपना भरण पोषण करेंगे, क्योंकि इस धरती पर जो कुछ था, सब कुछ ख़त्म, याने कि बिजली, इंटरनेट, घर कुछ भी नहीं। जरा दो मिनिट सोचकर देखिये जहाँ आप अभी यह पोस्ट पढ़ रहे हैं, तो या तो आप सोफ़े पर हैं, या बिस्तर पर या कहीं बैठे हुए हैं, कुल मिलाकर मतलब आराम में हैं, वहीं एकदम से आप कहीं जंगल या पहाड़ या मैदान में अकेले हैं, दूर दूर तक दुनिया में कोई नहीं है। तब कैसे अपने महत्वपूर्ण कार्य भी कर पायेंगे।

आग कैसे लगायेंगे, खाना कैसे बनायेंगे, पॉटी कहाँ जायेंगे, कैसे नहायेंगे, न आपको पास गूगल होगा ढूँढने के लिये न यूट्यूब होगा वीडियो देखकर सीखने के लिये, न कोई कार होगी कहीं जाने के लिये, न कोई रेस्टोरेंट होगा। यह दुनिया अचानक ही भयावह लगने लगेगी, आपको बस ऐसा लगेगा कि यह दुःस्वप्न जितना जल्दी ख़त्म हो, उतना अच्छा है, बस सोचकर देखिये और बस अपने रोंगटे न खड़े होने दें।

जीवन बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिये हर चीज, हर व्यक्ति को सम्मान दें, भले आपको चीजें पसंद हो या नापसंद परंतु आपके कहना का ढंग सलीके भरा होना चाहिये। कई मुश्किल बातें केवल अपने व्यवहार के कारण बहुत ही आसान हो जाती हैं। यह सोचकर इस धरती पर न रहें, कि आप अहसान कर रहे हैं, बल्कि यह धरती आप पर अहसान कर रही है, ऐसा सोचेंगे तो यह आपके फ़ायदे के लिये ही होगा।

विद्वान सभी को समभाव से देखते हैं

विद्याविनयसम्पन्ने ब्राह्मणे कवि हस्तिनि।
शुनि चैट श्वपाके च पण्डिता: समदर्शिन:।।५.१८।।


श्रीमद्भागवदगीता के अध्याय ५ श्लोक १८ में भगवान कह रहे हैं, विनम्र साधुपुरुष अपने वास्तविक ज्ञान के कारण एक विद्वान तथा विनीत ब्राह्मण, गाय, हाथी, कुत्ता तथा चाण्डाल को समान दृष्टि (समभाव) से देखते हैं।


जो भगवान में अपनी भावना व आस्था रखते हैं वे योनि या जाति में भेद नहीं करते हैं। सामाजिक दृष्टि से ब्राह्मण तथा चाण्डाल भिन्न-भिन्न हो सकते हैं या योनि के अनुसार कुत्ता, गाय तथा हाथी भिन्न हो सकते हैं, किंतु विद्वान योगी या पुरूष की दृष्टि में ये शारीरिक भेद अर्थहीन होते हैं। इसका मुख्य कारण परमेश्वर से उनका सीधा संबंध है और परमेश्वर परमात्मा रूप में हर एक के ह्रदय में स्थित हैं। परमसत्य का यही ज्ञान यथार्थ है।

भगवान सभी पर समान रूप से दयालु है भले वह किसी भी योनि का हो या किसी जाति का हो। शरीर के भीतर आत्मा और परमात्मा समान आध्यात्मिक गुण वाले हैं।

आत्मा तथा परमात्मा के लक्षण समान हैं क्योंकि दोनों चेतन, शाश्वत तथा आनन्दमय हैं। किंतु अंतर इतना ही है कि आत्मा शरीर की सीमा के भीतर सचेतन रहता है जबकि परमात्मा सभी शरीरों में सचेतन है। परमात्मा बिना किसी भेदभाव के सभी शरीरों में विद्यमान है।

64 कलाओं में से एक में भी थोड़ा बहुत प्रवीण होना, सफलता दिलाता है।

ऐसे बहुत ही कम लोग होते हैं जो लोग बनना चाहते हैं वही बनते हैं, जो करना चाहते हैं वह करते हैं। ऐसा क्यों कभी सोचा नहीं न, क्योंकि हमें अपनी ख़ुद की प्रतिभा का पता नहीं होता है, हमें पता ही नहीं होता है कि हम किस चीज में अच्छे हैं। किसी न किसी केस में अगर पता भी होता है तो वे उसे पढ़ नहीं पाते, उसके लिये कई विघ्न उपस्थित हो जाते हैं कि उस विषय के कोर्स ही बहुत महँगे हैं और उन पर पहुँच नहीं हो पाती।

मेरा मानना है कि कोई भी ऐसी कला जो कि 64 कलाओं में से किसी एक में थोड़ा बहुत भी प्रवीण होता है, वह आज की इस आधुनिक दुनिया में बहुत अच्छा कर सकता है और सफलता दिलाता है। और ये 64 कलाओं की सूचि है –

1- गानविद्या
2- वाद्य – भांति-भांति के बाजे बजाना
3- नृत्य
4- नाट्य
5- चित्रकारी
6- बेल-बूटे बनाना
7- चावल और पुष्पादि से पूजा के उपहार की रचना करना
8- फूलों की सेज बनान
9- दांत, वस्त्र और अंगों को रंगना
10- मणियों की फर्श बनाना
11- शय्या-रचना (बिस्तर की सज्जा)
12- जल को बांध देना
13- विचित्र सिद्धियाँ दिखलाना
14- हार-माला आदि बनाना
15- कान और चोटी के फूलों के गहने बनाना
16- कपड़े और गहने बनाना
17- फूलों के आभूषणों से शृंगार करना
18- कानों के पत्तों की रचना करना
19- सुगंध वस्तुएं-इत्र, तैल आदि बनाना
20- इंद्रजाल-जादूगरी
21- चाहे जैसा वेष धारण कर लेना

22- हाथ की फुती के काम
23- तरह-तरह खाने की वस्तुएं बनाना
24- तरह-तरह पीने के पदार्थ बनाना
25- सूई का काम
26- कठपुतली बनाना, नाचना
27- पहली
28- प्रतिमा आदि बनाना
29- कूटनीति
30- ग्रंथों के पढ़ाने की चातुरी
31- नाटक आख्यायिका आदि की रचना करना
32- समस्यापूर्ति करना
33- पट्टी, बेंत, बाण आदि बनाना
34- गलीचे, दरी आदि बनाना
35- बढ़ई की कारीगरी
36- गृह आदि बनाने की कारीगरी
37- सोने, चांदी आदि धातु तथा हीरे-पन्ने आदि रत्नों की परीक्षा
38- सोना-चांदी आदि बना लेना
39- मणियों के रंग को पहचानना
40- खानों की पहचान
41- वृक्षों की चिकित्सा
42- भेड़ा, मुर्गा, बटेर आदि को लड़ाने की रीति

43- तोता-मैना आदि की बोलियां बोलना

44- उच्चाटनकी विधि

45- केशों की सफाई का कौशल

46- मुट्ठी की चीज या मनकी बात बता देना

47- म्लेच्छित-कुतर्क-विकल्प

48- विभिन्न देशों की भाषा का ज्ञान

49- शकुन-अपशकुन जानना, प्रश्नों उत्तर में शुभाशुभ बतलाना

50- नाना प्रकार के मातृकायन्त्र बनाना

51- रत्नों को नाना प्रकार के आकारों में काटना

52- सांकेतिक भाषा बनाना

53- मनमें कटकरचना करना

54- नयी-नयी बातें निकालना

55- छल से काम निकालना

56- समस्त कोशों का ज्ञान

57- समस्त छन्दों का ज्ञान

58- वस्त्रों को छिपाने या बदलने की विद्या

59- द्यू्त क्रीड़ा

60- दूरके मनुष्य या वस्तुओं का आकर्षण

61- बालकों के खेल

62- मन्त्रविद्या

63- विजय प्राप्त कराने वाली विद्या

64- बेताल आदि को वश में रखने की विद्या

श्रीमद्भागवदगीता 5.13 नौ द्वार

श्रीमद्भागवदगीता जी से –

सर्वकर्माणि मनसा संन्यस्यास्ते सुखं वशी।

नवद्वारे पुरे देही नैव कुर्वन्न कारयन्।।5.13।।

जिसकी इन्द्रियाँ और मन वशमें हैं, ऐसा देहधारी पुरुष नौ द्वारोंवाले शरीररूपी पुरमें सम्पूर्ण कर्मोंका विवेकपूर्वक मनसे त्याग करके निःसन्देह न करता हुआ और न करवाता हुआ सुखपूर्वक (अपने स्वरूपमें) स्थित रहता है।

नौ द्वारों के प्रकार श्वेताश्व्तर उपनिषद 3.18 में इस प्रकार बताया गया है –

नवद्वारे पुरे देही हंसो लेलायते बहिः।

वशी सर्वस्य लोकस्य स्थावरस्य चरस्य च॥

नवद्वार की पुरी में उसी हंस या आत्मा का निवास है। वह आत्मा के रूप में बाह्य जगत में लीला करता है। वह सम्पूर्ण विश्व, समस्त चर-अचर जगत का विधाता है।

नौ द्वार – दो आँखें, दो नथुने, दो कान, एक मुँह, गुदा तथा उपस्थ

क्रिप्टोकरंसी

क्रिप्टोकरंसी क्या है? जानें समझें

क्रिप्टोकरेंसी क्या है? CryptoCurrency

यह एक वर्चुअल करेंसी है और हर क्रिप्टो कॉइन का एक यूनिक नंबर होता है जैसे कि नोट पर एक सीरियल नंबर होता है। ट्रांज़ेक्शन इलेक्ट्रॉनिक लेज़र से वेरिफाई होते हैं, जिसे ब्लॉकचैन (Blockchain)भी कहते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी कैसे बनाई जाती है ओर स्टोर की जाती है

कॉइन को कठिन मैथमैटिकल पजल्स को सॉल्व करके बनाया जाता है और यह प्रोसेस कंप्यूटर पर एक कॉम्प्लेक्स प्रोग्राम द्वारा की जाती है,जिसे की माइनिंग (Mining) कहा जाता है। माईनिंग करने के लिये कंप्यूटर का हार्डवेयर बहुत उन्नत होना चाहिये व आधुनिक ग्राफिकल प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) लगते हैं। इन क्वाईन्स को वैलेट में स्टोर किया जाता है, जो कि डिजिटल डायरेक्टरी होती हैं और पासवर्ड से सुरक्षित होते हैं। क्वाईन्स को बहुत छोटी यूनिट में भी तोड़ा जा सकता है और वे सारी यूनिट अपने आप में यूनिक होती हैं। आप एक क्वाईन को बेचने या खरीदने के लिये यानि ट्रेड के लिये सौ करोड़वे हिस्से तक में उपयोग कर सकते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी को कौन कंट्रोल करता है और कौन वैरिफाई करता है?

क्रिप्टो क्राउड कंट्रोल्ड होती हैं, मतलब कि जो लोग क्रिप्टो माईनिंग का काम करते हैं वे लोग इन ट्रांजेक्शनों को वैरिफाई करते हैं, ब्लॉकचैन किसी भी होने वाले ट्रांजेक्शन को वैरिफाई करता है। जब ब्लॉकचैन को अधिकतम लोग देखकर सहमत होते हैं कि क्वाईन संख्या xxxxको वैलेट A से वैलेट B में ट्रांसफर किया जा सकता है, तब ट्रांजेक्शन क्लियर होता है और ब्ल़ॉकचैन में एक नई एंट्री बनती है।

बाजार में कितनी क्रिप्टोकरेंसी हैं?

एसएनपी क्रिप्टो इंडेक्स जो की लॉन्च होने वाला है, वे लगभग 500  क्रिप्टोकरेंसी ही ट्रैक करेंगे, जबकि करंसी हजारों की संख्या में उपलब्ध है, मुख्य क्रिप्टो है बिटक्वाईन, जिसकी आज एक ट्रिलियन डॉलर की मार्केट वैल्यू है और इथेरियम जिसकी दस बिलियन डॉलर मार्केट वैल्यू है।

क्या क्रिप्टोकरंसी अपनी कीमत के लिये किसी से लिंक होती हैं?

जी नहीं, क्रिप्टोकरंसी किसी भी एसेट से लिंक नहीं होती हैं? कुछ स्टेबल क्वाईन हैं जो कि अमरीकी डॉलर एसेट से लिंक होती हैं या फिर कई अन्य करंसी से लिंक होती हैं। फेसबुक एक क्रिप्टोकरंसी कंसोर्टियम बना रहा है, जिसमें आने वाले एक नई करेंसी डाईम कई अन्य करंसी के साथ लिंक होगी। चीन अपनी खुद की क्रिप्टोकरंसी ला रहा है, जो की चीन सेंट्रल बैंक के कंट्रोल मे रहेगी, चीन के सेंट्रल बैंक का नाम है The People’s Bank of China.

क्या क्रिप्टोकरंसी को कानूनन तरीके से ट्रेड कर सकते हैं?

जी हाँ, क्रिप्टोकरंसी के लिये बहुत से ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं, जहाँ बहुत सी क्रिप्टोकरंसी की ट्रेडिंग होती है। 35-40 करोड़ रूपये में ट्रांजेक्शन रोज ही होते हैं।

क्या क्रिप्टोकरंसी से ट्रांजेक्शन भी कर सकते हैं?

जी हाँ ट्रांजेक्शन भी कर सकते हैं, बस अभी यह उतना कॉमन नहीं है। परंतु यह रैमिटेंस (Remittance)  के तौर पर ज्यादा उपयोग होता है क्रिप्टोकरंसी बेचने या खरीदने पर ब्रोकरेज बहुत कम होता है, वहीं बैंकों के चार्जेस USD INR पर इनसे ज्यादा होते हैं। मतलब कि अगर आप बिटक्वाईन डॉलर में खरीद रहे हैं और रुपये में बेच रहे हैं। कुछ कंपनियाँ क्रिप्टो को करंसी स्वॉप के लिये भी उपयोग करती हैं। टेस्ला से अगर कार खरीदनी है तो वहाँ आप बिटक्वाईन में भुगतान कर सकते हैं। क्रिप्टो ऑनलाईन गेमिंग व ऑनलाईन केसिनो में भी बहुत पॉपुलर है। क्योंकि इन ट्रांजेक्शनों को कोई ट्रेक नहीं कर सकता, या बहुत मुश्किल होता है, इसलिये इसका जबरदस्त तरीके से उपयोग ड्रग डील्स व साईबर क्राईम में होता है।

क्रिप्टो से ट्रांजेक्शन करना कठिन क्यों है?

क्रिप्टो बहुत ही ज्यादा वोलेटाईल है। ट्रांजेक्शन बहुत धीमे होते हैं – किसी भी ट्रांजेक्शन के होने के पहले बहुत से लोगों द्वारा ब्लॉकचैन में चैक करना जरूरी होता है।

भारतीय नियामक क्यों इन नई एसेट्स के बारे में कन्फ्यूज हैं?

नियामक को पहले क्रिप्टो की परिभाषा बनानी होगी, कि इस पर टैक्स कैसे लगायेंगे। क्या ये कलाकृति (Art) है या करंसी है या कुछ और?बहुत से देशों ने जैसे कि जापान, कोरिया, आस्ट्रेलिया आदि ने क्रिप्टोकरंसी पर टैक्सेशन पर अपनी बात साफ कर दी है, लेकिन भारत ने अभी तक नहीं साफ की है। भारतीय नियामकों की चिंता है कि हर वर्ष लगभग 80 बिलियन डॉलर का रैमिटेंस जो होता है, क्रिप्टकरंसी लीगल करने के बाद सीधा असर रैमिटेंस पर पड़ेगा। साथ ही वे नाखुश है कि क्रिप्टोकरंसी के ट्रांजेक्शन को ट्रेस नहीं किया जा सकता है।

कार्बन फुटप्रिंट के लिये क्यों चिंता है?

माईनिंग के लिये ज्यादा शक्तिशाली कंप्यूटर चाहिये होते हैं, जिसमें विशेष चिप्स और GPU होते हैं जो कि बहुत बिजली खाते हैं। विश्वभर में आज क्रिप्टो माईनिंग के लिये जितनी बिजली की खपत हो रही है, जितनी कि बेल्जियम जैसे देश की बिजली की आपूर्ति के बराबर होती है। समस्या यह है कि यह रिनिवेबल एनर्जी नहीं है, इसलिये इसका कार्बन पर ज्यादा असर होगा।

ब्लॉकचैन कैसे काम करता है?

माईनिंग से हर क्वाईन की हिस्ट्री रिकार्ड होकर उस ट्रांजेक्शन की एंट्री ब्लॉकचैन में होती है। बस यह समझ लीजिये कि ये एक काँच का लॉकर है जिसमें अलग अलग सीरियल नंबर के नोट रखे हैं, और यह लॉकर उन्हीं लोगों के द्वारा ऑपरेट किये जा सकते हैं जिनके पास पासवर्ड है, पर उन्हें हर कोई देख सकता है। अगर एक लॉकर का मालिक कुछ क्रिप्टोक्वाईन किसी ओर को देना चाहता है यानि कि किसी ओर लॉकर में ट्रांसफर करना चाहता है तो देखने वाले पहले यह देखेंगे कि जो क्रिप्टोक्वाइन देना चाहता है उस लॉकर में क्वाईन है या नहीं, और कहीं यह डबल ट्रांजेक्शन तो नहीं हो रहा कि पहले भी इसका ट्रांजेक्शन हो चुका है और फिर से एटेम्पट हो रहा है।

बहुत से लोग ब्लॉकचैन को देख सकते हैं और उसकी कॉपी डाऊनलोड कर सकते हैं। हर होने वाला ट्रांजेक्शन को देखने वाले अधिकतम लोगों द्वारा कन्फर्म करा जाता है। एक बार ट्रांजेक्शन सफल हो गया और ब्लॉकचैन में एन्ट्री हो गई तो उसे न बदला जा सकता है और न ही कैंसल किया जा सकता है और न ही देखा जा सकता है। और बहुत सारी कॉपियों में होने के कारण ब्लॉकचैन में फ्रॉड करना बहुत मुश्किल या यूँ कहें कि नामुमकिन है।

ब्लॉकचैन को और कैसे उपयोग कर सकते हैं?

बैंकों द्वारा ब्लॉकचैन को इंटर्नल ऑडिट में उपयोग किया जा रहा है। बड़े फ्रॉड जैसे कि बारिंग बैंक में निक लेसन ने किया और नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक में किया, वो असंभव होते।

ब्ल़ॉकचैन को हर उस जगह उपयोग किया जा सकता है जहाँ परस्पर विश्वास नहीं है, जैसे कि अगर सरकार ने किसी कार्य के लिये ठेकेदार को नियुक्त किया और उस पैसे को किसी एस्क्रो में डाल दिया फिर उस लोकेलिटी के १०० लोगों को ब्लॉकचैन में डाल दिया, अब जब ये १०० लोग उसके काम होने के बाद ब्लॉकचैन में अपनी सहमति देंगे तो ठेकेदार को ऑटोमैटिक पैसा मिल जायेगा। इससे न ही भुगतान में देरी होगी और न ही रिश्वत होगी। 

वीडियो लिंक

सफलता और असफलता घबराना क्यों

सफलता और असफलता घबराना क्यों
इंसान असफलता से घबराता है, क्योंकि इस प्राणी का सफलता का प्रतिशत ज्यादा होता है। पर क्या आपको पता है शेर जो कि जंगल का राजा होता है, जिससे सब डरते हैं उसके शिकार की सफलता का प्रतिशत मात्र 25% होता है और 75% बार उसे असफलता मिलती है, मतलब उसे 4 बार शिकार करने पर मात्र 1 बार ही शिकार होने की संभावना होती है। पर शेर शिकार करना छोड़कर घास, फूल पत्ती नहीं खाने लगता, क्योंकि प्रकृति का अपना नियम है, सबके खानपान निश्चित हैं। असफलता से दुखी न होकर अपनी प्रकृति पहचानें व सफलता की ओर अग्रसर हों, शेर बनने की जरूरत नहीं पड़ेगी, उससे पहले ही सफलता मिलनी निश्चित है, पर आपको उतनी ही लगन से व एकाग्रचित्त होकर सफलता के लिये प्रयासरत होना होगा।
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एंटरप्रेन्योरशिप के लिये आइडिया

अपने आइडिया लिखने आने चाहिये, अच्छी तरह से उन्हें प्रस्तुत भी करना आना चाहिये, पर एंटरप्रेन्योरशिप में आइडिया अगर केवल 1 पेज का भी हो, तो भी बहुत कुछ हो जाता है। इसी को फॉलो करते हुए कल बेटेलाल ने एक आइडिया जनरेशन किया, शुरुआत है, आगे बात तो बननी ही है, किसी न किसी आइडिया को हिट तो होना ही है, बस उसके पहले बहुत सारे आइडिया सोचने होंगे, लिखने होंगे, तभी तो अनुभव आयेगा।


कोरोना से बचकर रहना होगा

लोगों को जो लगता है वह लगता रहे, मुझे लगता है कि वैक्सीन का हो हल्ला है, दूर दूर तक इसके अते पते नहीं हैं, आज की दुनिया स्वार्थी व महाबेईमानी है वे बस ऐसे ही सपने बेचते रहेंगे। लगता कि कम से कम अगले 5 से 6 वर्ष तो घर के अंदर ही गुजारने होंगे, नहीं तो बाहर राक्षस हवा में बैठा इंतजार कर ही रहा है। बाहर जाने से बचें, बस यही एकमात्र उपाय है।
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ज्यादा रिश्ते बनाने से ओर उनको निभाने से हम कमजोर व दुखी होते हैं। अंतरतम में झाँकें, व सुखी रहें, यही एक कुँजी है।

811 Kotak में अपने नाम से 5 मिनिट में नया एकाउंट खुलवाया

कल से बेटेलाल की इंडिपेंडेंट बैंकिंग शुरू हो गई, 811 Kotak में अपने नाम से 5 मिनिट में नया एकाउंट खुलवाया और कुछ पैसे ट्रांसफर किये, तो बेटेलाल खुश कि अब उनके पास ऑनलाइन बैंकिंग है, UPI ID, NEFT, IMPS सब कुछ है। वहीं से सीधे म्युचुअल फंड में भी निवेश कर सकते हैं।
बेटेलाल के नाम से खाता तब तक ऑनलाइन खुल नहीं सकता जब तक कि वे 18 वर्ष के न हो जायें, पर मनी मैनेजमेंट लेसन अभी से सीखना जरूरी है, जितना जल्दी सीखेंगे, उतना अच्छा रहेगा।
Kotak 811 में अमेजन का ₹250 का ऑफर चल रहा था तो हमने थोड़े ज्यादा पैसे जमा कर दिये, बेटेलाल कहने लगे अरे डैडी ये बहुत ज्यादा हैं, हमने कहा चिंता न करो सोमवार को वापिस ले लेंगे, बस जितने तुम्हारे हैं उतने ही इस खाते में रहेंगे। फिर भी कहते रहे कि डर लग रहा है।
फिर कहा कि कुछ ऑनलाइन खरीदना है, पर ऑनलाइन खरीदने का कॉन्फिडेंस नहीं है, जब भी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करूँगा, आपके साथ बैठकर ही करूँगा, हमने कहा कि यह भी ठीक है।
#आत्मनिर्भर #भारत की ओर बढ़ते कदम
कुछ अन्य फेसबुक स्टेटस
अगर आपको समझ न आ रहा हो कि कौन सा पिज़्ज़ा ऑर्डर करें, मार्गरिटा आर्डर कर लीजिये।
मार्गरिटा पिज़्ज़ा वैसा ही है, जैसे म्युचुअल फंड में इंडेक्स फंड, जब कोई म्युचुअल फंड न समझ आये तो इंडेक्स फंड ले लेना चाहिये।
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आज सुबह मैं सपने में 10 वर्ष आगे पहुँच गया था, तो घूमता रहा भविष्य में, जब आँख खुली तो वर्तमान में,
बस कुछ शेयर्स की उस समय की कीमत याद रह गई, पर यहाँ पब्लिकली क्या किसी की प्राइवेटली भी नहीं बताऊँगा।
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आज फ़िल्म देखी “आपला मानूस”, मराठी फिल्म है, नाना पाटेकर ने पूरी फिल्म में समां बांध दिया, पारिवारिक परिस्थितियों में कैसे कैसे समीकरण बनते हैं, इस पर बहुत ही बारीकी से इस फ़िल्म की कहानी में काम किया गया है, कहानी में बेटे बहु व ससुर के संबंधों पर बहुत अच्छे से कार्य किया गया है, काश ऐसी फिल्में हिन्दी में भी बनती। एक बेहतरीन सस्पेंस थ्रिलर फिल्म जिसमें कहानी परिवार के रिश्तों के इर्दगिर्द घूमती है।

SIP से पैसा निकाला जाना चाहिये?

शेयर बाजार में उतार चढ़ाव आते रहते हैं, मेरे पास कुछ म्युचुअल फंड में SIP हैं जो कि लगभग 10 वर्षों से भी ज्यादा समय से चल रही हैं और लगभग सभी पर बेहतरीन रिटर्नस मिल रहे हैं, पर इसका मतलब यह तो नहीं कि मैं उनका प्रॉफिट बुक कर लूँ, जब जरूरत होगी, तो ही SIP से पैसा निकाला जाना चाहिये।
मैंने शेयर बाजार में कई गिरावट के दौर देखें हैं, पर कभी मन ही नहीं हुआ, उन्हें निकालने का।
जी हाँ मैं शेयर बाजार को भी समझता हूँ, और म्यूचुअल फंड को भी, और मुझे गणित भी आती है, और यह भी ध्यान रखें कि आप शेयर बाजार में पैसा लगाने से थोड़ा बहुत कमाने से बहुत अमीर नहीं बन जाओगे, बस आपके पास कुछ हिस्सा अपने निवेश का ऐसा भी होना चाहिये जो कि शेयर बाजार में निवेशित हो।
जिसने पेशेंस से काम लिया है, वही सिकंदर है। संयम रखिये, अपना निवेश लंबे समय के लिये निवेशित रहना सीखिये।
यह स्टेटस अपने फेसबुक पर लिखा था, इस पोस्ट पर आये कमेंट्स
Kajal Kumar
2 म्यूच्यूअल फंड में 36 महीने की एसआईपी थी, दोनों खत्म हो चुके हैं. समझ नहीं आता कि यह पैसा निकाल लिया जाए अभी रहने दिया जाए
Vivek Rastogi
Kajal Kumar

इसलिये हमेशा ही परपेचुअल करवानी चाहिये, फिर जब मर्जी हो बंद कर दो

Alpana Sharma
Make different baskets is my funda
Shailendra Kumar Jha
Post me likhi baten bhai log pi jate hain…au ant me diye gaye nirdesh pe dhyan hi nahi dete
Rounak Jain
मेने आपसे hi inspire होकर इन्वेस्टमेंट चालू किया और आज ज़ोरदार कंडिशन में हु 😃
Vivek Rastogi
Rounak Jain

वाह, ऐसे कमेंट बहुत खुशी देते हैं ❤️

Kamal Sharma
इस बाजार का गणित सरल है, जो इस गणित को समझ गया, वह अपने निवेश पर कमाई करेगा।
Rakesh Kumar
SIP me kaise investment kre
निवेश करने के बहुत से तरीके हैं, अब तो बहुत ही आसान हो चुका है, आप कोई भी म्यूचुअल फंड की एप्प या किसी एग्रीगेटर की एप्प इंस्टाल कर लीजिये और मजे में निवेश करिये।