All posts by Vivek Rastogi

About Vivek Rastogi

मैं २००६ से हिन्दी ब्लॉगिंग कर रहा हूँ, और वित्त प्रबंधन मेरा प्रिय विषय है। मेरा एक यूट्यूब चैनल भी है जिसे आप https://youtube.com/financialbakwas देख सकते हैं।

ब्लॉगर मीट में शामिल ब्लॉगरों ने फ़िर मिलने के वादे के साथ शाम को अलविदा कहा – मुंबई ब्लॉगर मीट – रपट – २

पिछली रपट पढ़ने के लिये यहाँ चट्का लगाईये ।
शशि सिंह जी ने अपना परिचय दिया और बताया कि वे बहुत पुराने ब्लॉगर हैं परंतु अब समय कम होने के कारण नहीं लिख पाते हैं, वहीं अविनाश वाचस्पति जी ने सबकी तरफ़ से उनसे अनुरोध किया कि महीने में कम से कम एक पोस्ट तो जरुर लगाया करें, शशि सिंह जी ने कहा कि वैसे मेरी उपस्थिती टिप्पणी के माध्यम से ब्लॉग जगत में है, वहीं उन्होंने बताया कि वे कुछ न कुछ नया करने के प्रयास में हैं जैसे उन्होंने कुछ समय पहले ५ कवियों का मोबाईल अंतर्राष्ट्रीय काव्य गोष्ठी की थी जो कि विश्व में इस प्रकार की पहली थी और अखबारों की सुर्खियों में थी।
महावीर बी. सेमलानी जी ने बताया कि उन्हें ब्लॉग बनाने के लिये उनकी दस साल की बेटी ने प्रेरित किया वे धर्म के बारे में ज्यादा पढ़ते हैं और उसी के बारे में लिखना पसंद करते हैं। उनका जैन धर्म के ऊपर एक ब्लॉग भी है हे प्रभू ये तेरापंथ । उनका कहना है कि धर्म की बातें समझने से व्यक्ति अपनी जिंदगी बदल सकता है। वे एक ओर ब्लॉग चलाते हैं मुन्ना भाई की ब्लॉग चर्चा और मुम्बई टाईगर
06122009170830
महावीर बी. सेमलानी जी
सतीश पंचम जी ने बताया कि उन्हें लगा कि साहित्य पढ़ना चाहिये तो उन्होंने फ़णीश्वरनाथ रेणू की “मैला आंचल” से शुरुआत की, और तब से सफ़र जारी है अपनी व्यस्त जिंदगी के बीच ब्लॉगिंग के लिये समय निकालना एक बीमारी का लक्षण जैसा है, जिसे ब्लॉगेरिया भी कह सकते हैं, ब्लॉगर के लिये कहा गया कि जो खाया, पिया अघाया हुआ है और बौद्धिक अय्याशी चाहता है, वह ब्लॉगर है। कहीं कहीं तक ये बात सच भी है।
06122009170813
एन.डी.एडम जी जिन्हें अविनाश वाचस्पति जी ने आमंत्रित किया और ब्लॉग मीट की शोभा बड़ाई, हमें लगा ही नहीं कि वे पहली बार मिले हैं, उनके रेखाचित्र ही शब्द बन गये थे। एडम जी ने बताया कि अविनाश वाचस्पति जी से मुलकात फ़िल्म फ़ेस्टिवल गोवा में हुई पर इस बार अच्छी जान पहचान हुई सो यहाँ पर भी आ गये। वे बड़ी बड़ी हस्तियों से मिलकर उनके पोट्रेट बना चुके हैं, पृथ्वीराज कपूर से लेकर जवाहरलाल नेहरु तक। नित नये लोगों से मिलना उनका शौक है और वे अभी तक व्यक्तिगत लोगों के ३०,००० से ज्यादा स्कैच बना चुके हैं।
06122009170701
आलोक नंदन जी और एन.डी.एडम जी
अविनाश वाचस्पति जी को वैसे तो सब जानते हैं फ़िर भी उनसे परिचय देने के लिये अनुरोध किया गया, तो उन्होंने बताया कि सबसे पहला ब्लॉग उनका तैताला था फ़िर बगीची  बाद में उन्होंने सोचा कि अपने नाम से भी ब्लॉग होना चाहिये तो उन्होंने अपने नाम से भी ब्लॉग शुरु किया फ़िर नुक्कड़ और विश्व के सभी पिताओं को समर्पित पिताजी। उन्होंने बताया कि वैसे तो ११ वर्ष की उम्र से ही लेखन में हैं और धीरे धीरे लिखते हुए भाषा मंजती गई।
इसी बीच चाय और बिस्किट का दौर चलता रहा। फ़िर लगभग छ: बजे नाश्ते की प्लेट लगाना शुरु की जिसमें कचोरी, समोसे, चिप्स और गुलाबजामुन थे साथ में थी चटनी। अविनाश वाचस्पति जी के लाये गये काजू का भी सबने जमकर लुफ़्त उठाया तो सूरजप्रकाश जी ने चुटकी भी ली कि फ़ैनी कहाँ है।
इसी बीच डॉ. रुपेश श्रीवास्तव और फ़रहीन भी आ चुके थे, मिलकर बड़ा अच्छा लगा, तभी राजसिंह जी का फ़ोन आया कि हम भी पहुंच रहे हैं ब्लॉगरों से मिलने की जीवटता थी सबकी जो कि नेशनल पार्क के मध्य में सभी को खींच लायी।
राजसिंह जी सभी के लिये पान की गिलोरियां बनवा कर लाये थे जिसका सबने बाद में आनन्द उठाया और अपनी नई फ़िल्म के गाने का प्रोमो भी दिया व सबको गाने की रिकार्डिंग देखने के लिये आमंत्रित भी किया। उनके साथ आईं थीं श्रीमती आशा अनिल आचरेकर जी।
शाम ढ़लने लगी थी पक्षी अपने नीड़ों की ओर लौटने लगे थे, ब्लॉगर बंधु जो दूर से मिलने आये थे जाने के लिये रास्ता तक रहे थे पर मन भरा नहीं था, ३-४ घंटे भी कम पड़ गये, पता ही नहीं चला कि समय कब पंख लगाकर उड़ गया और शब्दों से निकलकर सभी ब्लॉगर एक दूसरे के सामने थे। सभी लोगों ने एक दूसरे से मिलने का वादा किया और मुंबई ब्लॉगर मीट की उस शाम को अलविदा कहा।

मुंबई ब्लॉगर्स मीट – रपट – १

पिछली पोस्ट जो कि आज सुबह लिखी गई थी उस पर टिप्पणियां आई कि ये थोड़ा है बहुत कुछ पढ़ना है, तो पेश है पूरी रपट—-
     जैसा कि ब्लॉगर्स मीट के आयोजन के लिये लिखी पोस्ट में लिखा था मैंने २९९ नं. बस के लास्ट स्टॉप से चाल के बीच से जाते हुए रास्ते को चुना और केवल २-३ मिनिट चलने पर सीधे त्रिमूर्ति जैन मंदिर जा पहुंचा। चाल से निकलते हुए कई घरों के सामने महिलाएँ बैठकर पापड़ की लोईयां बना रही थीं, कुछ घरों में पापड़ बिले जा रहे थे और लगभग सभी घरों के आगे बड़ी टोकरी उल्टी करके उस पर पापड़ सुखाये जा रहे थे सभी एक ही साईज के पापड़ और लगभग एक ही मोटाई के देखने से ही महसूस होता था। शायद लिज्जत पापड़ वाले वहाँ से ले जाते होंगे। पर उन महिलाओं की मेहनत  पापड़ के लिये, गृहस्थी के  बीच बहुत ही जीवटता का काम है। उन्हें क्या पता कि ये ब्लॉगर मीट क्या है और एक ब्लॉगर उनके इस पापड़ कर्म को अपने ब्लॉग पर छाप देगा। हाँ बस हम फ़ोटो नहीं खींच पाये क्योंकि मुंबई की किसी भी अनजानी चाल में मतलब जहाँ आपको कोई नहीं जानता हो ये दुस्साहास जैसा है। भले ही ये लोग वहाँ शेरों के बीच रहते हैं परंतु आदमी से डरते हैं।
     हम अपने साथ नाश्ते का सामान बिस्किट्स, चिप्स और रसगुल्ले लिये हुए थे, जो कि भली भांति कवर किया हुआ था तथा साथ ही थे सभी ब्लॉगरों के स्वागत के लिये गुलाब के फ़ूल।
    सबसे पहले मैं पहुँचा और बाहर ही बैठकर अपने ब्लॉगर बंधुओं का इंतजार करने लगा। सबसे पहले पहुँचे सतीश पंचम जी, फ़िर आये आलोक नंदन जी, तभी अविनाश वाचस्पति जी का फ़ोन आया कि हम १०-१५ मिनिट में पहुंचने वाले हैं,  अविनाश वाचस्पति जी सूरजप्रकाश जी के साथ उनकी कार में पहुंचे, फ़िर तो धीरे धीरे सभी ब्लॉगर्स आने लगे।
    हाँ इधर रुपेश श्रीवास्तव जी, फ़रहीन के साथ पनवेल से निकल चुके थे चूँकि रविवार को हार्बर  लाईन पर मेगाब्लॉक होता है, तो हमने उनसे कहा कि वाशी डिपो से सीधे बस सेवा उपलब्ध है, और वे वहाँ से सानपाड़ा तक आ गये और बस स्टॉप पर बस का इंतजार करते हुए फ़ोन आया कि हमें पहुंचने में बिलंब होगा पर आप हमारा इंतजार करियेगा, हमसे मिले बिना नहीं जाईयेगा, हमें उनकी मिलने की इच्छा शक्ति बहुत ही अच्छी लगी।
    महावीर बी सेमलानी जी भी तब तक नाश्ता लेकर आ चुके थे। मुलाकात का दौर शुरु हुआ परिचय के साथ, सबसे पहले परिचय सूरजप्रकाश जी ने दिया। वे अपना परिचय पहले ही करवा चुके थे एक अनूठे तरीके से, उन्होंने अपना परिचय का ब्रोशर सबको दे दिया जिसमें उन्होंने अपने साहित्यिक और ब्लॉगर जीवन में हुई उपलब्धियों को बताया है। और उन्होंने बताया कि वे अब तक लगभग ९०० लोगों को ब्लॉग लेखन के लिये प्रेरित कर चुके हैं। पाठकों के ऊपर उनका कहना है कि उन्होंने चार्ली चैपलिन नामक किताब का हिन्दी अनुवाद किया तो उसकी ५०० प्रतियां भी नहीं बिकीं पर जैसे वह प्रति ब्लॉग के माध्यम से रचनाकार पर उपलब्ध करवाई गई लगभग ६००० लोगों ने वहाँ से डाउनलोड की है, ब्लॉग के माध्यम से लेखक पूरी दुनिया से जुड़ चुका है और पाठकों की त्वरित प्रतिक्रिया भी मिल जाती है। वहीं उन्होंने प्रोज़.कॉम के बारे में भी बताया कि वहाँ ब्लॉगर ट्रांसलेटर की सेवाएँ दे सकते हैं। और बताया कि २५० से ज्यादा भाषाएँ अब यूनिकोड में उपलब्ध हैं जो कि इंटरनेट पर भाषायी क्रांति है।
1
    विमल वर्मा जी ने अपना परिचय दिया और बताया कि वे ठुमरी ब्लॉग लिखते हैं और अपने मनपसंद के गाने वहाँ अपने पाठकों को सुनवाते हैं।
   अजय कुमार जी ने बताया कि उन्हें ब्लॉगजगत में विमल वर्मा जी लेकर आये और वे गठरी नाम का ब्लॉग चलाते हैं। उन्हें ब्लॉग जगत के बारे में जानकर बहुत ही अच्छा लगा और वे इसी सितंबर से ब्लॉग जगत में आये हैं।
2
विमल वर्मा जी और अजय कुमार जी
   शमा जी ने अपना परिचय दिया और बताया कि वे अकेली लगभग १६ ब्लॉगों की मालकिन हैं और सामुदायिक ब्लॉग अलग। जिनमें कुछ हैं बागवानी, संस्मरण, गृहसज्जा, धरोहर, एक सवाल तुम करो…।  शमा जी ब्लॉगर मिलने के लिये मुंबई में रुकी हुई थीं, उनका शुक्रवार दोपहर को फ़ोन आया था कि वे भी इस आयोजन का हिस्सा बनना चाहती हैं। सभी ब्लॉगर्स को यह जानकर प्रसन्नता हुई के वे पूना की ब्लॉगर हैं ।
    रश्मि रविजा जी ने अपना परिचय दिया और बताया कि वे भी ब्लॉग जगत में अभी सितंबर से ही हैं और अपना ब्लॉग मन का पाखी के नाम से लिख रही हैं।
4
विवेक रस्तोगी, अजय कुमार जी, शशि सिंह जी और महावीर बी. सेमलानी जी
    फ़िर मैंने अपना परिचय दिया कि मेरा उपनाम कल्पतरु अपने कालेज के जमाने में रखा था अब इसी नाम से ब्लॉग लिख रहा हूँ और तब कविता लिखने का बहुत शौक था, चूँकि शुरु से ही हिन्दी और संस्कृत साहित्य से लगाव है, व आई.टी. में होने के कारण शुरु से ही हिन्दी कम्प्यूटर पर लिखने की रुचि रही, पहले डोस पर अक्षर में लिखते थे, फ़िर कृतिदेव फ़ोंट में और बहुत सारी टेक्नालाजी जो तेजी से बदलती रही अब यूनिकोड में लेखन जारी है। चिंता यह है कि सभी केवल साहित्य और अपने बारे में लिख रहे हैं, पर ब्लॉगर अपने जिस कार्य में विशिष्ट हैं और दुनिया उसके बारे में नहीं जानती है, ऐसे जानकारीपरक ब्लॉगों की बहुत कमी है, मैंने एक ब्लॉग बनाया था बैंकज्ञान, उस पर बहुत कम पाठक संख्या के चलते लिखने में रुचि नहीं बनी। इसी तरह से सभी लोग अपने अपने पेशे से संबंधित कुछ सार्थक लेख लिखें तो यह निश्चित ही शिक्षा का साधन भी बनेगा।
     चूँकि रपट लम्बी होती दिख रही है इसलिये इसका बाकी का भाग आप बाद में पढ़ सकते हैं।

मुंबई ब्लॉगर मीट – पहली रपट

प्रकृति के आंचल में ६ दिसंबर २००९ को मुंबई में हिन्दी ब्लॉगर मिलन आयोजित हुआ। जिसमें लगभग १५ ब्लॉगर्स ने भाग लिया
इस ब्लॉगर मीट का उद्देश्य  एक दूसरे से परिचय था जिससे सब ब्लॉगर्स एक दूसरे से जुड़ें । सबने अपना अपना परिचय दिया, ब्लॉग जगत में कैसे आये और ब्लॉग पर क्या लिख रहे हैं और क्यों लिख रहे हैं इस पर चर्चा हुई। हिन्दी के पाठक हैं और उनमें जागृति फ़ैलायी जाये क्योंकि अभी तक बहुत से लोग जानते ही नहीं हैं कि ब्लॉग क्या होता है और हिन्दी में भी कम्प्य़ूटर पर लिखा जा सकता है। सभी ब्लॉगर्स अपने आसपास ये जागृति फ़ैलायें, और ज्यादा से ज्यादा हिन्दी ब्लॉग लिखने के लिये प्रेरित करें।
अगली मीट के लिये कोई विशेष रुपरेखा तय नहीं की गई परंतु इस बात पर जोर दिया गया कि नियमित अंतराल के बाद मुंबई में ब्लॉगर्स मीट आयोजित होना चाहिये। मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी है इसे शाब्दिक राजधानी भी होना चाहिये।
और भविष्य में अगर जरुरत महसूस होती है तो एक एसोसिएशन बनाया जा सकता है जो निश्चित तौर पर रुपरेखा बनाकर कार्य कर सकती है।
आज थोड़ा जल्दी है, मीट में हुई बातें बताना जारी रहेंगी।
महावीर बी. सेमलानी जी का स्वागत करते हुए –

image1

एक ग्रुप फ़ोटो –
image2
आगे का विवरण के लिये यहाँ चटका लगाईये।

मुंबई ब्लॉगर मीट

मुंबई ब्लॉगर मीट संजय गांधी नेशनल पार्क में त्रिमूर्ति जैन मंदिर में आयोजित हुई।
निम्न ब्लॉगरों ने भाग लिया –

अविनाश वाचस्पति http://avinashvachaspati.blogspot.com
विवेक रस्तोगी http://kalptaru.blogspot.com
महावीर बी सेमलानी http://ctup.bhikshu.blogspot.com
शशि सिंह www.shashisingh.in
रश्मि रविजा http://www.mankapakhi.blogspot.com
शमा http://shamasansmaran.blogspot.com/
अजय कुमार http://gatharee.blogspot.com
विमल वर्मा http://thumri.blogspot.com
सूरज प्रकाश http://kathaakar.blogspot.com/
आलोक नंदन
राजकुमार सिंह http://rajsinhasan.blogspot.com
’श्रीमती आशा अनिल आचरेकर
सतीश पंचम http://safedghar.blogspot.com
डॉ. रुपेश श्रीवास्तव http://bharhaas.blogspot.com/
फ़रहीन http://bharhaas.blogspot.com/

बाकी की रिपोर्ट कल सुबह…

जाते जाते अविनाश जी का स्वागत करते हुए फ़ोटो..
avinashji

मुंबई हिन्दी ब्लॉगर मीट त्रिमूर्ती जैन मंदिर, संजय गांधी नेशनल पार्क, बोरीवली में सायं ३.३० बजे रविवार ६ दिसंबर को आयोजित की गई है

मुंबई ब्लॉगर मीट के लिये मेरी बहुत से ब्लॉगरों से बात हुई पर ऐसा लगा ही नहीं कि मैं उनसे पहली बार बात कर रहा हूँ ऐसा लगा कि हम लोग जाने कब से एक दूसरे को जानते हैं और बहुत अच्छी तरह से जानते हैं।

कुछ ब्लॉगर्स को मैंने फ़ोन लगाये कुछ ने मुझे फ़ोन किये कुछ ब्लॉगर्स से चेटिंग हुई। सबको अपने बेहद करीब पाया।

मुंबई ब्लॉगर्स मीट त्रिमूर्ती जैन मंदिर, संजय गांधी नेशनल पार्क बोरीवली में सायं ३.३० बजे रविवार ६ दिसंबर को आयोजित की गई है, जो कि वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर बोरिवली ईस्ट में है। आप यहाँ सीधे लोकल रेल्वे स्टेशन से २९९ नंबर बस से टाटा स्टील से भी सीधे आ सकते हैं नहीं तो मुख्य द्वार जो कि वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर है वहाँ से सीधे आ सकते हैं, प्रति व्यक्ति नेशनल पार्क का टिकिट २० रुपये है।

लगभग १४ ब्लॉगर्स की मंजूरी मिल चुकी है। अविनाश जी दिल्ली वाले मुंबई पहुंच चुके हैं और उनका भी ब्लॉगर्स से मिलने का बहुत व्यस्त कार्यक्रम है।

इस मीट का उद्देश्य एक दूसरे को जानना और वास्तविक दुनिया में मिलना है, हम सब एक दूसरे को आभासी दुनिया में बहुत अच्छी तरह से परिचित हैं, जब वास्तविकता में मिलेंगे तो बात ही कुछ ओर होगी। इस मीट में सभी ब्लॉगर्स के मानस मंथन से जो भी मुद्दे निकलेंगे वही अगली ब्लॉगर्स मीट का उद्देश्य होगा। यह मीट केवल एक गेट टुगेदर है जिसमें सब एक दूसरे को जान पायेंगे।

इस मीट के लिये ताऊ जी और समीर लाल जी ने विशेष सहयोग दिया है, और मुंबई टाईगर महावीर जी सेमलानी जी का भी विशेष सहयोग है। अविनाश वाचस्पति जी जो कि हमारे दिल्ली से आये हुए मुख्य अतिथि हैं, उनका भी भरपूर सहयोग है,  कृप्या अपने आने की स्वीकृती दें जिससे व्यवस्था में सहयोग मिलेगा।

ग्लोबल वार्मिंग पर केवल नेपाल चिंतित है क्या… कुछ हमारा कर्त्तव्य है या नहीं… क्या हम अकेले कुछ कर सकते है….?

ग्लोबल वार्मिंग पर नेपाल के केबिनेट ने १७२०० फ़ीट ऊँचाई पर माऊँट एवरेस्ट काला पत्थर पर बैठक कर दुनिया का ध्यान अपनी और खींचा, दुनिया की सर्वोच्च शिखर चोटी के आधार शिविर के पास स्यांगबोचे में एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा पढ़ी, जिसके मुताबिक आपिनामा-गौरीशंकर क्षेत्र को नया संरक्षण क्षेत्र घोषित किया गया है। वहाँ पर उन्होंने संकेत दिया कि जलवायु परिवर्तन का मुद्दा न केवल पर्वतीय देशों और समुद्र तटों पर स्थित देशों से जुड़ा है बल्कि आम वैश्विक समस्या है।
नेपाल के प्रधानमंत्री ने कहा कि “हम दुनिया को यह संदेश देने आये हैं कि जलवायु परिवर्तन हिमालयी पट्टी और निचले इलाकों के १.३ अरब लोगों को प्रभावित करने जा रहा है।
हिमालय के ग्लेशियर कुछ दशकों में गायब हो सकते हैं और इससे एशिया के बड़े हिस्से को सूखे का सामना करना पड़ सकता है, जहाँ लाखों लोग हिमालय से निकलने वाली नदियों के ऊपर निर्भर करते हैं।
पर हम क्या कर रहे हैं, क्या हमें ग्लोबल वार्मिंग की तनिक भी चिंता है, लोग दशकों से बोल रहे हैं कि मुंबई डूब जायेगी पर इसके लिये किसी ने क्या कभी कुछ किया नहीं… किसी की इच्छाशक्ति ही नहीं है। क्या हम अकेले कुछ कर सकते हैं जिससे ग्लोबल वार्मिंग को रोकने में कुछ मदद मिले…. ।

उत्तर भारतीय पत्नी Vs दक्षिण भारतीय पत्नी

इस पोस्ट को केवल और केवल मनोरंजन के रुप में लिया जाये यदि किसी भाई बहन को चोट लग जाये तो कृप्या बुरा न माने।

**** पत्नी के रुप में उत्तर भारतीय लड़की होनी चाहिये ****

१. शादी की उम्र के समय उत्तर भारतीय लड़की के बॉय फ़्रेंड उसकी उमर से ज्यादा होंगे।

२. शादी के पहले, वह लगभग बॉलीवुड की नायिका की तरह लगती है और् शादी के बाद उसे बाहों मै लेने के लिये उसके चारों और दो बार घूमना पड़ता है।

३. वह तुम्हें बहुत सारा प्यार करेगी, और तुम कंगाल हो चुके होगे लम्बे समय से उसके आने वाले दहेज दे इंतजार में क्योंकि तब तक तुम उसे कितनी ही बार फ़िल्में दिखा चुके होगे  और बाहर होटलों में खाना खिला चुके होगे।

४. वो केवल पनीर बटर मसाला, आलू सब्जी, आलू गोभी सब्जी, आलू मटर, आलू पनीर व्यंजनों को ही बनाने का सोच सकती है, जिसे खाने से तुम बिस्तर पकड़ लोगे या तो ज्यादा केलोस्ट्रल से या फ़िर अजीर्ण और् गैस विकार से।

५.विकास केवल आपको अपने कैरियर में बाद में बढ़ता हुआ दिखेगा, आपके मासिक फ़ोन का बिल.

६. तुम उसके प्यार में अंधे हो चुके होगे क्योंकि उसकी जुल्फ़ें सुनहरी हैं, पर बाद में आपको पता चलता है कि अरे इसकी वजह तो मेंहदी है, जो उसने अपने सफ़ेद बालों को छुपाने के लिये लगायी है।

७. जब तुम ऑफ़िस से अपने घर पहुंचोगे तो वो "क्योंकि सास भी कभी बहु थी" देखने में व्यस्त होगी, आप या तो बाहर ही खाना खा के आ जाओ या फ़िर खुद ही खाना पकाओ।

८. आप उसके लिये एक् बहुत ही "विशिष्ट" इंसान हें.

९. आपसे मिलने से पहले वह हमेशा से यह् सोचती है कि मद्रास एक राज्य है जो कि पूरे दक्षिण भारत को समाहित करता है.

१०.जब वह कहे कि वो "वर्क आऊट" (work out) पर् जा रही है, उसका मतलब होता है "वॉक आऊट" (walk out)

११. उसके रिश्तेदारों की संख्या तुम्हारे शहर में रहने वाले लोगों से ज्यादा होगी।

१२.अंग्रेजी के केवल दो वाक्य जानती होगी “Thank you” और "How are you"

**** पत्नी के रुप में दक्षिण भारतीय लड़की होनी चाहिये ****

१. उसकी माँ तुम्हें हमेशा नीचा दिखायेगी क्योंकि तुम आईआईटी से नही पढ़े हो या मद्रास / अन्ना यूनिवर्सिटी से नहीं पढ़े हो।

२. उसके पिताजी अपनी किसी भी बात को शुरु करते वक्त या खत्म करते वक्त "… I Say…" जरुर कहेंगे|

३. अगर तुमने उसके सामने हिन्दी के चार या उससे ज्यादा अक्षर के शब्द बोले तो उसको कंपकपी आने लगेगी।

४. उसके लंबे बाल होंगे, बड़े करीने से तेल से तरबतर (दुबई की तेल वाली कंपनी उसके बालों से नारियल का तेल निकालने के लिये  २५ साल के लिये करार पर बातचीत कर सकती है।)

५. वह “सुपर” शब्द का उपयोग केवल अपने लिये करेगी जब वह अपने उच्चतम शिखर पर होगी।

६. उसका नाम किसी देवी या फ़ूल के नाम पर होगा।

७. उसका पहला नाम आपके प्रथम नाम से बड़ा होगा, मध्यनाम और उपनाम संयुक्त होगा (अगर आप आंध्र से हैं)।

८. जब वह दूध/ दही और चावल मिला रही होगी आप कभी भी सुनिश्चित नहीं कर सकते कि ये कुत्ते के लिये है या उसके खुद के लिये।

९. शादी के लिये, उसे सिर पर चमेली का छोटा सा उद्यान होगा और मद्रास की गर्मी में भी असहज भाव से रेशमी साड़ियाँ पहने हुए पहनेगी। जबकि आप अपने एक कपड़े में गर्मी से परेशान हैं।

१०. उसके पसंदीदा क्रिकेटर कृष्णमचारी श्रीकांत है।

११. उसका पसंदीदा भोजन डोसा है, हालांकि उसने उत्तर भारतीय स्नैक्स जैसे कि चाट खाकर देखी है।

१२. वह हर गाने में कौन सा राग है बार बार बताकर तुमको बोर कर देगी।

१३. तुमको उसे गहने ही देना है, हालांकि उसके पास पहले से ही बहुत सारे हैं..

१४. उसके मंगलसूत्र का वजन WWF चेम्पियन की बेल्ट से भी ज्यादा होगा।

१५. उसके पिताजी हमेशा यही सोचेंगे कि उनकी बेटी तुमसे ज्यादा होशियार है।

मुंबई ब्लॉगर्स मीट रविवार ६ दिसंबर को आयोजित की जा रही है…

मुंबई ब्लॉगर्स मीट रविवार शाम के समय संजय गांधी पार्क में आयोजित की जा रही है, समय रहेगा शाम ४ बजे का।

अजय कुमार जी, सतीश पंचम जी, रश्मि रविजा जी, आभा जी, महावीर सेमलानी जी से बात हो चुकी है और उनकी सहमति भी मिल चुकी है।

जो ब्लॉगर बंधु मीट में आना चाहते हैं वे कृप्या मुझे ईमेल पर अपना मोबाईल नंबर उपलब्ध करवायें।

मेरा ईमेल पता है [email protected]

ये महेश भूपति क्रिकेटर कब से बन गये… मुझे तो नहीं पता … पर क्या आपको पता है… कि नवभारत टाईम्स ने …

आज के नवभारत टाईम्स में पेज नं १० पर एक समाचार है कि “लारा-भूपति लंदन में”। और इसमें लिखा है कि लारा दत्ता का नाम क्रिकेटर महेश भूपति के साथ जोड़ा जाने लगा। अब इस समाचार पत्र में किसे बताया जाये कि महेश भूपति क्रिकेट नहीं खेलते हैं वो टेनिस के खिलाड़ी हैं।

अब इन समाचार पत्र के हिन्दी शुरवीरों की क्या कोई सामान्य ज्ञान की परीक्षा लेने का साहस रखता है, नहीं !!!

बहुत दिनों से गलत खबरें पढ़ते रहे हैं पर आज फ़िर रुकते नहीं बना कि गलत खबर पढ़ते भी नहीं बन रही है, क्या ये टाईम्स ग्रुप का सिन्ड्रैला अखबार केवल हिन्दी के दिखावे के लिये प्रकाशित होता है, या वाकई हिन्दी के लिये गंभीर है, अगर कोई भी हिन्दी भाषी इस समाचार पत्र को पढ़ेगा तो वह इतनी गलतियां इसकी प्रकाशित सामग्री में निकाल सकता है कि इनको शर्म से डूब मरना चाहिये।

एमटीएनएल ने सबसे सस्ती मोबाईल टैरिफ़ प्लॉन बाजार में उतारा …. पर क्या ये मिस कॉल देने वाले सुधरेंगे…

सरकारी कंपनी एमटीएनएल ने आज मोबाईल के नये टैरिफ़ प्लान की घोषणा की जो कि अब तक के सर्विस प्रोवाईडर्स के दिये गये टैरिफ़ प्लान मे सबसे सस्ते हैं।

एमटीएनएल से एमटीएनएल – (०.५) आधा पैसा प्रति सैकंड

एमटीएनएल से दूसरे सर्विस प्रोवाईडर पर – १ पैसा प्रति सैकंड

जीपीआरएस प्रति १० के.बी. डाउनलोड का १ पैसा

अब इतनी सस्ती काल होने पर भी ये मिस कॉल देने वाले सुधरेंगे क्या या कॉल किया करेंगे। यह मानसिकता की बात है कि मेरे पैसे लग जायेंगे, अब आम आदमी को इस से ऊपर उठना होगा।

नंबर पोर्टेबिलिटी १ जनवरी २०१० से शुरु होने वाली है, पहले हम डोकोमो लेने की सोच रहे थे पर अब टैरिफ़ वार चल रहा है, अब एमटीएनएल का प्लान लेने की सोच रहे हैं।