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मन का ब्लागर होना बहुत जरुरी है ब्लाग लिखने के लिये, ब्लागर मन आखिर क्या चाहता है कुछ विश्लेषण

अब तो मेरा मन भी ब्लागर हो चला है, क्योंकि मन का ब्लागर होना बहुत जरुरी है ब्लाग लिखने के लिये, ब्लागर मन आखिर क्या चाहता है कुछ विश्लेषण –

१.आज कौन से नए विषय पर लिखा जाये कि पाठकों का असीम स्नेह मिले और ब्लागर मन की तड़पन को शांति मिल सके।
२.आसपास और अपनी जिंदगी में झांककर, घटी हुई घटनाओं को शब्दों के जादू से बुनकर अपनी जिंदगी के रंग सब को दिखा
दूँ।
३.साहित्यिक भाषा का उपयोग करुँ, जिससे ब्लागर मन के किसी कोने में बैठे साहित्यकार को दुनिया को दिखा सकूँ। (पहले
मैं कविताएँ लिखता था परंतु कार्य की व्यस्तता में सब खत्म हो गया।)
४.तंत्रजाल पर बहुत कुछ नया उपलब्ध है उसके बारे में खोजबीन कर अपने ब्लाग पर जानकारी प्रकाशित करुँ।
५.हिन्दी में अपने प्रोफ़ेशन के बारे में कुछ लिखूँ । ( लिखा था पर न ज्यादा हिट्स आये और न ही प्रतिक्रिया)
६.घरवाली ब्लाग लिखने पर काश झगड़ा न करे और यह भी सुनने को न मिले कि तुम मेरा समय चिठ्ठाकारी को दे देते हो।
(कई बार तो बड़े और तगड़े झगड़े हो चुके हैं। अब घरवाली को भी चिठ्ठाकारी के लिये राजी कर लिया है। अब वह भी जल्दी
ही चिठ्ठाजगत में प्रवेश करने वाली है।)
७.रिटायरमेंट के बाद फ़ुल टाईम ब्लागिंग करुँ।

भारत के नौजवानों को मेरा सलाम उनके जवानी से लबालब भरे खून के जोश को मेरा सलाम।

आखिरकार जवानी से लबालब भरे खून ने जोश दिखाया। कांग्रेस ने सपने में भी इतनी बढ़ी जीत का अहसास नहीं किया होगा पर जवानी से लबालब भरे खून ने जोश दिखाया और वो कर दिखाया जो शायद सपने में भी कोई नहीं सोच सकता था। कांग्रेस में युवा चेहरे ने कमाल दिखाया है २० साल बाद। २० साल बाद कांग्रेस में युवा चेहरा आया है और उसने राजनीति के मैदान में ऐसे पत्ते फ़ेंके जो बीजेपी समझ ही न पायी।

शैतान मन ने एक सेकंड में इस जुऎं को इन्वेस्टमेन्ट का नाम दे दिया और 5 मिनिट में 60 रुपये फ़ूँके ।

कल रात को ऐसे ही टीवी के रिमोट पर चैनल को बदलते हुए हम पहुँच गये न्यूज चैनल E-24 पर, वहाँ पर एक एँकर काफ़ी लुभावने अंदाज में बोल रहा था तो हमारा हाथ जड़ हो गया, क्योंकि वो रुपये जीतने की बातें कर रहा था। स्क्रीन पर कुछ छ: पंक्तियों में अलग अलग रुपये लिखे थे, १०,००० से ६०,००० तक और एँकर पूछ रहा था कि बताइये हीरो या हीरोइनों के नाम जिनका नाम ए(A) पर खत्म होता हो और अगर वो उस लिस्ट में होंगे तो आपको उतनी ही रकम इनाम में मिलेगी। पहले तो हम देखते रहे कि यह क्या बला है, क्या आज हम पर किस्मत मेहरबान होकर कुछ हजारों रुपये चंद मिनिटों में ही जितवा देगी, आखिर हरेक आदमी यही सोचता है कि बिना काम करे किस तरह से ज्यादा से ज्यादा धन कमाया जाये।

कितने ही फ़ोन आये जा रहे थे और स्क्रीन के सीधे तरफ़ टाईमर चल रहा था, ओर एँकर बारबार जबाब सुनकर कह रहा था “ओह गलत जबाब”, कुछ दो लोगों का सही जबाब था तो उन्हें बताया गया कि १०,००० व ५०,००० रुपयों का इनाम जीत गये हैं। वह बारबार उकसा रहा था फ़ोन करने के लिये कि देखिये कितने आसान तरीके से आप इतने सारे रुपये जीत सकते हैं केवल २ मिनिट बचे हैं, हमने अपने मन को संयमित रखा और चुपचाप देखते रहे। कितने ही फ़ोन आये और कितने ही हीरो, हीरोईनों के नाम सुनने को मिले जो भूले बिसरे से हमारे मन में थे।

यह सवाल खत्म होने के बाद दूसरा सवाल आया कि पहचानिये आँखें किस हीरोईन की हैं, नाम बताइये और जीतिये २०,००० रुपये अब शर्त एक ओर कर दी गई कि हरेक कालर के गलत जबाब के बाद इनाम की रकम १,००० रुपयों से बड़ा दी जायेगी और कालर को १५०० रुपयों का इनाम मिलेगा, जबाब भले ही सही हो या गलत। अब भी हम अपने मन को संयमित रख कर चुपचाप देख रहे थे, पर हमारा मोबाईल हमारे हाथों में नाचने लगा था। हम अब चुपचाप उस नंबर की ओर देख रहे थे जिस पर डायल करना था, 5664424 अब नंबर न तो मुंबई का लगा न दिल्ली का तो हमने नोएडा का कोड मिलाकर डायल करने की कोशिश की परंतु असफ़ल। हम हताश हो रहे थे कि देखो केवल काल करने पर १,५०० रुपयों की कमाई हमारे हाथ से जा रही है। तभी एँकर ने टाईम खत्म करने की बात की (हम रुँआसे हो गये कि हाय फ़्री में १५०० रुपये का नुक्सान हो गया, जो जीते होंगे वो कितने किस्मत वाले होंगे), ओर कहा कि अब तक सही जबाब नहीं मिला है अब इनाम की रकम ५०,००० की जाती है और अब हर कालर को १५०० की जगह मिलेंगे २५०० रुपये और समय १० मिनिट और बढ़ा दिया गया है।

हमारी आँखों में चमक आ गई और हाथों में पड़ा मोबाईल बैचेन होने लगा हमारे मन जैसा पहले सोचा छोड़ो यह जुँआ है और हम जुँआ नही खेलते तो शरारती मन ने किसी कोने से निकलकर कहा अरे काल करने में क्या जाता है केवल एक मिनिट के १२ रुपये तो लगेंगे और अगर काल लग गया उत्तर गलत भी हुआ तब भी २,५०० रुपये मिलेंगे।

१२ रुपये प्रति मिनिट का खुलासा तब हुआ जब हमने ध्यान से एक छोटी सी पट्टी स्क्रीन पर चलती हुई पायी और काल डाइरेक्ट मोबाईल से ही करनी थी कोई कोड पहले नहीं लगाना था। वहाँ कार्यक्रम में तो धड़ाधड़ काल आये जा रहे थे और हमारा दिल भी धाड़ धाड़ कर सोच रहा था कि बस केवल काल लग जाये तो २,५०० रुपये अंटी हो जायेंगे। इन्वेस्टमेन्ट तो केवल कुछ रुपयों का ही है हमारे शैतान मन ने एक सेकंड में इस जुऎं को इन्वेस्टमेन्ट का नाम दे दिया और झट से हमने फ़ोन मिला दिया, मधुर आवाज महिला की आयी और हमारा स्वागत किया और कहा गया कि कृपया इंतजार करें किसी भी क्षण आपका काल स्टूडियो में ट्रांसफ़र किया जा सकता है। उधर से मधुर आवाज में वह यही निवेदन करती रही और हम बारबार अपने मोबाईल की स्क्रीन पर बड़ते हुए टाइम को देख रहे थे। कुछ ५ मिनिट के पहले ही काल अपने आप ही कट गई। हमारा ६० रुपये का नुक्सान हो गया, और चैनल वाले का फ़ायदा।

थोड़ी देर और वह कार्यक्रम देखा तो समझ में आ गया कि ये चैनल वाले बेवकूफ़ बना रहे हैं और केवल रुपये एंठने का काम कर रहे हैं। अपने उपर बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई, कि काश इस शैतान मन की बात न मानी होती।

दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) में सभ्य तरीके से सौन्दर्यपान

कल जब हम मेट्रो में मण्डी हाऊस से आ रहे थे तो हम बैठे हुए थे और वो तीन लड़्कियाँ अपनी अलहड़ जवानी में मस्त राजीव चौक से मेट्रो में आयी और हमारे सामने ही खड़ी हो गयीं जिसमें से दो ने जीन्स टीशर्ट और एक ने काटन का बरमूडा मिलेट्री वाला और काली टीशर्ट बिना स्लीवस की पहनी हुई थी, तभी इस लड़की ने अपनी सहेली को मेरी पैरों की तरफ़ इशारा करके कुछ कहा, तो पास वाले अंकल ने भी मेरे पैरों की तरफ़ देखा, चूँकि मेरी गोद में मेरा लेपटाप बेग था इसलिये मैं देख नहीं पाया कि वे क्या देख रहे हैं, फ़िर वह लाल टीशर्ट वाली लड़की मेरे पैरों की तरफ़ झुकी और मेट्रो का टोकन उठाया जो कि शायद चढ़ते समय गिर गया होगा और फ़िर वो काली वाली लड़की मेरी आँखों में देखकर हँस दी। एक पल तो लगा कि पता नहीं ये लोग किस कार्य को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं पर पल भर में मेट्रो के टोकन ने सब साफ़ कर दिया।

मेट्रो में एसी अपनी फ़ुलस्पीड में चल रहा था हमें भी भरी गर्मी में मेट्रो में ठंड लग रही थी, हालांकि कुछ देर पहले ही दिल्ली में बारिश हुई थी और साथ में ओले भी गिरे थे पर मौसम गरम था सुहाना नहीं था। और वह बरमूडे वाली लड़की जो अपनी अलहड़ता में डूबी हुई थी उसके हाथ के रोएँ एसी के ठंडक के कारण खड़े हो गये थे, जो कि कोई भी दूर से देख सकता था। वह हँस रही थी तो उसके गाल में गड्डे पड़ रहे थे बहुत ही मासूम और खूबसूरत लग रही थी। सभ्य तरीके से हम सौन्दर्यपान कर रहे थे कि तभी हमारा स्टेशन आ गया और हम अपनी सीट से खड़े हो गये तो हमारी सीट पर कब्जा करने के लिये पास में खड़े लड़्के लपके और वो तीनों लड़कियाँ भी, दोनों एक एक सीट पर कब्जा करने में कामयाब हो गये और हम मेट्रो से निकल लिये।

हालांकि हमारे मन और दिल में कोई गंदगी नहीं है, पर सुन्दरता किसी भी रुप में आपके सामने आ सकती है चाहे वह आदमी, औरत या बच्चा हो। वैसे तो हमें इस जहान में अपनी घरवाली और अपना बच्चा ही सबसे सुन्दर लगते हैं पर कभी कभी बाहरी सौन्दर्य भी दिख जाता है जिसमें हमारी सहमति नहीं होती पर देखना पड़ता है। लालसा सभी के मन में होती है पर हमारे सामाजिक बंधनों ने सभी को सभी प्रकार से मुक्त होने के लिये जकड़ रखा है। कोई भी सौन्दर्यपान करने से नहीं चूकता है भले ही वह बच्चा, बच्ची, जवान लड़का, लड़की या बूढ़ा हो, जीवन का सत्य है।

६५ देशों के ६९७ अखबारों के मुख्यपृष्ठ एक साथ और प्रकाशित संस्करण पढ़ सकते हैं वो भी रोज

क्या कभी आपने सोचा है कि आप एक साथ ६५ देशों के ६९७ अखबारों के मुख्यपृष्ठ एक साथ देख पायेंगे और उन अखबारों को पढ़ पायेंगे तो न्यूजियम लाया है आपके लिये यह सेवा । आप गैलेरी, लिस्ट या मेप से अखबार को चुनकर पढ़ सकते हैं,

भारत के समाचार पत्रों में शामिल हैं-

मुँबई से मिड डे, बैंगलूरु से कन्न्ड़ प्रभा, चेन्नई से दिनामालार, नई दिल्ली से मिन्ट, कोलकाता से द टेलिग्राफ़ और आनंदबाजार पत्रिका ।

मुफ़्त साफ़्टवेयर

मुफ़्त चीज हमेशा अच्छी नहीं होती यह मानसिकता हमें बदलने की जरुरत है पर कुछ ३-४ मुफ़्त सा्फ़्वेयर के संयोजन से सुरक्षा प्रणाली अच्छी हो सकती है। क्योंकि मुफ़्त वाले साफ़्टवेयरों में कुछ न कुछ कमी अवश्य होती है पर वह हम किसी और सा्फ़्टवेयर से पूर्ण कर सकते हैं।

कम्प्य़ूटर के मुफ़्त सुरक्षा उपकरण – भाग २ (Free Tools for PC Security – Part 2)

३. स्पायबोट – स्पायवेयर इन्टरनेट पर आपके कम्प्यूटर पर जो भी हो रहा है उसका एक मार्केटिंग प्रोफ़ाईल बनाता है और बिना आपकी जानकारी के आपकी प्रोफ़ाईल विज्ञापन कंपनियों को उपलब्ध करवाता है। अगर आप ध्यान दें तो आपके ब्राउजर का कोई भी नया टूलबार यह सब कर सकता है, और आपको बिना पता चले स्पायवेयर आपके मार्गों को रिकार्ड कर के भेज देता है। कई बार तो स्पायवेयर आपके वेबपेज पर अनाधिकृत प्रवेश कर लेता है और किसी और वेबपेज पर ले जाता है। हालांकि स्पायवेयर का स्वाभाव विनाशकारी नहीं है पर यह आमतौर पर प्रदर्शन (performance) को प्रभावित करता है| अगर आपके सिस्टम की स्पीड बहुत कम हो जाये तो मान लीजिये कि स्पायवेयर ने हमला कर दिया है। आप स्पायबोट से स्पायवेयर को ढ़ँढकर खत्म कर सकते हैं, जो कि बहुत सारे एन्टीवायरस साफ़्टवेयर भी नहीं कर पाते हैं।

विशेष: #१,#२,#३ साफ़्ट्वेयरों का संयोजन एकल उपयोगकर्ता प्रणालियों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करता है। इनका आसानी से उपयोग कर सकते हैं इसके लिये किसी विशेष तकनीकी ज्ञान की जरूरत नहीं है।

४. वोट (WOT) – बाजार के संदर्भ में, वोट (WOT) एड-इन(add-in) के द्वारा ब्राउज़र के लिए सुरक्षा के लिये एक नई पेशकश है| यह आपके सिस्टम को ऑनलाइन घोटाले, पहचान, चोरी, स्पायवेयर, स्पैम, वायरस और संदिग्ध वाणिज्य साइटों से सुरक्षित, रखेगा। जैसे ही वोट (WOT) संदिग्ध साईट की पहचान करेगा, ये आपको सतर्क कर देगा। बेशक फ़ैसला आपको करना है कि आपको कार्य जारी रखना है या नहीं पर कम से कम आपको यह पहले ही सतर्क तो कर देगा।

ज्यादा जानकारी के लिये पहले पढ़ें कम्प्य़ूटर के मुफ़्त सुरक्षा उपकरण – भाग १ (Free Tools for PC Security – Part १)

कम्प्यूटर के मुफ़्त सुरक्षा उपकरण – भाग १ (Free Tools for PC Security – Part 1)

कम्प्यूटर की सुरक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण है और इसके लिये सभी बहुत चिन्तित भी रहते हैं ।

कुछ सुरक्षा उपकरणों को हमें खरीदना भी पड़ता है, और कुछ मुफ़्त में भी उपलब्ध हैं। मुफ़्त सुरक्षा उपकरण भी बहुत
अच्छा काम करते हैं। आजमा कर देखें –

१. एवीजी एन्टीवायरस – शायद एवीजी सबसे लोकप्रिय एन्टीवायरस सोफ़्टवेयर है। यह वायरस एवं स्पायवेयर दोनों से सुरक्षा प्रदान करता है।

२. मेलवेयरबाइट्स – यह सुरक्षा प्रदान करता है मेलवेयर से। दुर्भाग्यवश, मेलवेयर एक बार संस्थापित हो जाने के बाद किसी भी तरीके से हटाया नहीं जा सकता, क्योंकि यह कंट्रोल पेनल में भी नही दिखाई देता है। मेलवेयर कुछ हेल्पर फ़ाइल्स को संस्थापित कर देता है, अगर हम मेलवेयर हटा भी देते है तो यह वापस से डाउनलोड कर संस्थापित कर देता है। मेलवेयर में वायरस, वोर्मस, रूट्किट्स, स्पायवेयर एवं ट्रोजन्स होते हैं। मेलवेयरबाइट्स एक अच्छा उपकरण है मेलवेयर ढूँढ़्ने और हटाने के लिये।

क्या आपको पता है कि १ अप्रैल २००९ से ATM transaction शुल्क नही लगेंगे व भविष्य में आने वाली समस्या ।

जी हाँ, यह गप नहीं यह सत्य है, १ अप्रैल २००९ से ATM transaction शुल्क नही लगेंगे। रिजर्व बैंक ने अपने सर्कुलर में यह कहा है।

शुल्क के नाम पर बैंक अभी तक मनमाना शुल्क वसूलती थीं उन पर लगाम लगेगी। किन्तु जब से यह नियम रिजर्व बैंक ने बनाया है, तब से लगभग किसी भी बैंक ने ATM नहीं लगाया है, सब अपना ATM लगाने से कतरा रहे हैं, क्योंकि उसका स्थापन और परिचालन खर्च तो उसे ही करना है परंतु उपयोग सभी बैंकों के उपभोक्ता करेंगे। इस बारे में रिजर्व बैंक ने कोई भी टिप्पणी नहीं की है। पर सभी बैंक इस समस्या से निपटने के लिये विचार विमर्श कर रही हैं, और रिजर्व बैंक से अनुरोध भी किया है कि ATM नेटवर्क खुद रिजर्व बैंक ही अपने अधिकार क्षैत्र में ले ले।

नई समस्या जो हमारे सामने आ सकती है – ATM बंद मिले कारण बताया जा सकता है कि कैश खत्म हो गया है, तकनीकी खराबी आ गई है वगैराह।
देखते हैं कि रिजर्व बैंक इस समस्या का क्या समाधान ढूँढती है।
सर्कुलर के लिये आप यहाँ तड़का लगा सकते हैं, रिजर्व बैंक की आधिकारिक साईट पर ।

मेरे देश भारत की राजधानी दिल्ली

वैसे तो मैं मुंबई में नौकरी करता हूँ परंतु दिल्ली में क्लाईंट है तो दिल्ली का चक्कर लगता ही रहता है, वैसे तो मैं भी दिल्ली साईड का रहने वाला हूँ परंतु फ़िर भी यह शहर और यहाँ के लोग मुझे कम ही पसन्द आते हैं, उसका एक कारण यह भी हो सकता है कि मुँबई में आम आदमी अनुशासित है परंतु दिल्ली में उत्तर भारतीयों का जलवा अलग ही झलकता है, अनुशासन में रहना उत्तर भारतीय अपनी शान के खिलाफ समझते हैं। बस हम निजामुद्दीन रेल्वे स्टेशन पर आये थे और अपने होटल जाने के लिये प्रीपेड रिक्शा का रुख किया वहाँ देखा कि पहले ही बहुत लंबी लाईन लगी है (अनुशासित जनता दिल्ली की नहीं मुँबई की !! या भारत की…), आधे घंटे लाईन में खडे रहने के बाद प्रीपेड की पर्ची के लिये हमारा नंबर आया और फ़िर ऑटो का इंतजार और पर्चीवाले अनुशासित लोगों के मारामारी में १ घंटा चला गया । तब लगा कि शायद आम जनता का सपना हमेशा सपना ही रहेगा, दिल्ली मे प्रशासन का, इससे अच्छा प्रशासन तो मुँबई में है वहाँ ऑटो के लिये भावताव नहीं करना पड़ता है वहाँ मीटर से ईमानदारी से चलते हैं, पर यहाँ आते ही भारत की राजधानी की प्रशासनिक हकीकत से रुबरु होना पड़ता है।